अयोध्या का राम मंदिर | फाइल फोटो
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडॉर शुरू होने और नए-पुराने स्थलों के विकास के साथ बढ़ी सुविधाओं के कारण उत्तर प्रदेश आने वाले पर्यटकों की तादाद अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। देसी ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी उत्तर प्रदेश पसंदीदा स्थल बन चुका है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का कहना है कि पर्यटन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। यह घरेलू पर्यटकों के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर बना हुआ है। विदेशी पर्यटकों को उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित करने के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। पर्यटन में रोजगार एवं आमदनी की असीमित संभावनाएं हैं। पर्यटन का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान है। इस योगदान को और अधिक बढ़ाकर ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है, उसमें पर्यटन बड़ी भूमिका निभाएगा। पर्यटन क्षेत्र में सबसे कम निवेश के साथ सबसे ज्यादा राजस्व देने की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश या प्रदेश में पर्यटन के विकास और फलने-फूलने में कानून-व्यवस्था, सड़कें और बुनियादी ढांचे जैसी तीन बड़ी सुविधाओं का होना जरूरी है। उनका कहना है कि बेहतर कानून व्यवस्था के चलते दुनिया भर के निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है। यहां पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन ऐसा क्षेत्र है, जिसका सीधा जुड़ाव उस देश या प्रदेश की कानून-व्यवस्था से होता है। कोई भी आदमी घूमने-फिरने का विचार करता है, तो वह सबसे पहले सोचता है कि उसकी यात्रा सुगम और सुरक्षित हो।
वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बदहाल थी। उसमें पर्यटन के विकास की कल्पना करना ही बेमानी था। आदित्यनाथ सरकार आने के बाद पहली प्राथमिकता राज्य में कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए अपराध और अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाने की नीति की रही। इसका नतीजा रहा कि आज योगी मॉडल की चर्चा विदेशों में भी होती है।
जयवीर सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था, सड़कें और बुनियादी ढांचा विकास के लिए बेहतर काम करने का ही नतीजा है कि देश में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2017 में जहां पर्यटकों की संख्या करीब 23 करोड़ थी। पिछले साल दिसंबर 2024 तक यह आंकड़ा 67 करोड़ पहुंच गया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या 5 गुना बढ़ी है।
इस वर्ष जनवरी-फरवरी में प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान 66.3 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। ये श्रद्धालु महज 45 दिन में आए। इसका पूरा प्रबंधन आधुनिकतम तकनीक से किया गया। इस तरह के बड़े आयोजन कर सरकार ने दुनिया को राज्य की क्षमता का आभास कराया है। सरकार ने प्रदेश के सभी 403 विधान सभा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास, सड़क संपर्क बेहतर बनाने के साथ सभी धार्मिक स्थलों पर भी शानदार सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यटन के लिए दूसरी सबसे अहम बात उस प्रदेश में आसान और सुविधाजनक आवाजाही होती है। वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद देश भर में एक्सप्रेसवे, हाईवे का तेजी से विकास हुआ है। उत्तर प्रदेश की बात करें, तो यह सबसे ज्यादा हाइवे वाला प्रदेश बन गया है। यहां अब पूरब से पश्चिम तक आना-जाना बेहद आसान हो गया है। अब सरकार प्रदेश के उत्तर-दक्षिण सिरों को एक्सप्रेसवे के जरिये जोड़ने और यहां आवाजाही सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रही है। अब राज्य में एक्सप्रेसवे और हाईवे का ही जाल नहीं है, जिला मुख्यालयों, अन्य शहरों-कस्बों और गांवों को जोड़ने वाली सड़कें भी बेहतर हुई हैं।
जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन के लिहाज से तीसरा अहम विषय बुनियादी ढांचा विकास होता है। उत्तर प्रदेश में जो भी अहम पर्यटन केंद्र हैं, उन्हें 12 सर्किट में बांटकर आध्यात्मिक से लेकर एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में तमाम ढांचागत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आध्यात्मिकता का बड़ा केंद्र है। आज प्रदेश का ऐसा कोई ऐसा शहर नहीं है, जहां किसी न किसी स्थानीय देवता के प्रति लोगों में श्रद्धा भाव न हो। ऐसी सभी जगहों को
व्यवस्थित तरीके से विकसित कर पर्यटन के लिहाज से बेहतर संपर्क सुविधाएं दी गई हैं और इन्हें और बढ़ाने के लिए लगातार काम जारी है। ठोस और सुगम बुनियादी ढांचे के परिणाम भी सामने आए हैं। अभी राज्य सरकार ने लखनऊ से गुजरात के लिए एसी बसें चलाई हैं। हवाई सेवाएं बढ़ाने के लिए भी काम हुआ है।
सिंह ने दावा किया कि देश के भीतर इस समय उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में शुमार है। यहां आने वाले सभी पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे निश्चित रूप से विकास को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण पर्यटन तथा होम स्टे एवं ईको पर्यटन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पर्यटकों का वास्तविक आंकड़ा प्राप्त होने पर जिन स्थलों पर ज्यादा से ज्यादा विदेशी एवं घरेलू पर्यटक आ रहे हैं, उन्हें चिह्नित करते हुए बुनियादी ढांचा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नए और अभिनव प्रयास किए हैं। पर्यटन विभाग ने राजस्थान और गुजरात के मॉडल पर काम करते हुए प्रदेश में हेरिटेज पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू कर दी है। वर्ष 2023 में यहां 48 करोड़ से अधिक पर्यटक आए थे। प्रदेश सरकार अब हेरिटेज पर्यटन को प्राथमिकता दे रही है, ताकि यहां के ऐतिहासिक किलों, महलों और पुरानी कोठियों को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जब एक पर्यटक आता है तो वह 6 लोगों के लिए रोजी-रोजगार का जरिया बनता है। कई राज्यों की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बड़ी भूमिका है, उनमें उत्तर प्रदेश भी शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है, उसमें पर्यटन क्षेत्र बड़ी भूमिका निभाएगा। सबसे कम निवेश में सबसे ज्यादा राजस्व देने की संभावनाएं इसी क्षेत्र में सबसे ज्यादा है। उत्तर प्रदेश में पर्यटन खासकर धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से व्यापक संभावनाएं हैं।
पर्यटन मंत्री के मुताबिक अयोध्या, काशी के बाद मिर्जापुर में विंध्य काॅरिडॉर का निर्माण कर उसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है तो मथुरा-वृंदावन में बांके बिहारी कॉरिडॉर का निर्माण शुरू हो चुका है। प्रदेश में कई उपेक्षित पड़े पौराणिक-धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार कर वहां नए सिरे से पर्यटक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। चित्रकूट व नैमिष का कायाकल्प किया जा चुका है और वहां भी पर्यटकों की भीड़ उमड़ने लगी है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का कहना है कि किसी भी अन्य क्षेत्र के मुकाबले राज्य में पर्यटन सबसे तेजी से विकास करने वाला क्षेत्र है। इसमें बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन हुआ है। यह अब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का ईंजन बन चुका है।