भारत

आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

बीते साल प्रयागराज में हुए महाकुंभ में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए इस बार माघ मेले में करीब 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है

Published by
बीएस संवाददाता   
Last Updated- January 03, 2026 | 5:54 PM IST

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम तट पर पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शनिवार से माघ मेले की शुरुआत हो गई। आज से शुरू होकर 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले के पहले दिन शनिवार को संगम में 19 लाख से ज्यादा लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।

बीते साल प्रयागराज में हुए महाकुंभ में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए इस बार माघ मेले में करीब 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है। इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सात सेक्टरों में फैले मेले में टेंट सिटी, पांटून पुल, विशेष यातायात व्यवस्था के साथ एटीएस और एनडीआरएफ की तैनाती की गई है।

शनिवार को पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व पर सनातनी किन्नर अखाड़े ने भी अमृत स्नान किया। इस दौरान सनातनी किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी, जिन्हें टीना मां के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने शिष्यों के साथ संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाई। पहली बार माघ मेले में सनातनी किन्नर अखाड़े ने अपना शिविर लगाया है, जिसे अखाड़े की नई पहचान और आस्था का प्रतीक माना जा रहा है।

Also Read: काशी विश्वनाथ, राम मंदिर से लेकर मथुरा-वृंदावन तक; उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का इंजन बना पर्यटन

पहले स्नान पर्व पर उमड़ी भारी भीड़

माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के अवसर पर सुबह 10 बजे तक करीब 9 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया, जो शाम तक बढ़कर 19 लाख से अधिक हो गया। देर रात तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी रहा। मेला प्रशासन का अनुमान है कि रविवार तड़के तक 25 से 30 लाख श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं से फीडबैक लिया गया है और सभी व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्नान और अन्य सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराई गई हैं। मंडलायुक्त के अनुसार, इस बार माघ मेले में हेलीकॉप्टर सेवा और पैरा ग्लाइडिंग की शुरुआत भी की जाएगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लोकप्रिय कलाकारों को आमंत्रित करने की भी योजना है। पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।

वहीं पौष पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अयोध्या की सरयू नदी में भी पावन स्नान कर पूजा-अर्चना की। इस बार माघ मेले के दौरान कुल छह प्रमुख स्नान पर्व 3 जनवरी, 14 जनवरी, 18 जनवरी, 23 जनवरी, 1 फरवरी और 15 फरवरी को पड़ेंगे।

पौष पूर्णिमा से कल्पवासियों का व्रत भी आरंभ हो गया है। आचार्य चौक, दंडीवाड़ा, खाक चौक, तीर्थ पुरोहितों और प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविर पूरी तरह तैयार हैं। हजारों की संख्या में कल्पवासी संगम तट पर डेरा डाल चुके हैं। संगम की रेती पर बसे तंबुओं के नगर में माघ मेले का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। करीब 20 लाख कल्पवासी 3 जनवरी से 1 फरवरी तक संगम तट पर कल्पवास करेंगे।

First Published : January 3, 2026 | 5:54 PM IST