इंडियन बैंक देश में सरकारी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में शुमार होता है और यह उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में शीर्ष स्तर पर कार्य कर रहा है। वीरेंद्र सिंह रावत के साथ साक्षात्कार में इंडियन बैंक के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता ने बैंकिंग क्षेत्र और उत्तर प्रदेश में इंडियन बैंक की गतिविधियों के बारे में बातचीत की। मुख्य अंश:
उत्तर प्रदेश का लक्ष्य 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है। इसमें बैंकिंग क्षेत्र क्या भूमिका निभा सकता है?
बैंकिंग क्षेत्र उत्तर प्रदेश में 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तैयार करने में मददगार की भूमिका निभा सकता है। यह प्राथमिकता वाले क्षेत्रों मसलन एमएसएमई, आवास, कृषि और अधोसंरचना आदि को ऋण मुहैया कराके वृद्धि को गति देगा। बैंक तयशुदा वित्तीय योजनाओं की मदद से औद्योगिक क्षेत्रों की सहायता करेंगे और उनकी खास जरूरतों का ध्यान रखेंगे। इसके अतिरिक्त यह क्षेत्र शाखा नेटवर्क का विस्तार करके, कारोबारी प्रतिनिधि मॉडल को मजबूत बनाकर और डिजिटल बैंकिंग समाधानों का उपयोग कर वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाएगा। कौशल विकास और उद्यमिता की धन पर केंद्रित सरकारी पहलों के साथ साझेदारी करके, बैंक व्यक्तियों और व्यवसायों को सशक्त बनाएंगे, जिससे सतत आर्थिक विकास के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा।
प्रदेश में फिनटेक तंत्र आकर्षक बना हुआ है। यह घरेलू बैंकिंग क्षेत्र को कैसे प्रभावित कर रहा है?
फिनटेक तंत्र डिजिटल बदलाव, बेहतर ग्राहक सेवा, सहयोगी मॉडल और प्रतिस्पर्धी दबाव के जरिये बैंकिंग क्षेत्र को नया रूप दे रहा है। बैंक ऋण, संपदा प्रबंधन और भुगतान समाधान के लिए फिनटेक के साथ साझेदारी कर रहे हैं, साथ ही पारंपरिक बैंकिंग में नवाचार और लागत कुशलता को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, एआई, ब्लॉकचेन और एपीआई आधारित प्लेटफॉर्म अपनाकर बैंक तेज और बेहतर ऐप आधारित बैंकिंग को सक्षम बना रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में छोटा उधार लेने वालों को माइक्रोफाइनैंस के जरिये आसानी से कर्ज मिल जाता है। इंडियन बैंक छोटा उधार मांगने वालों तक पहुंचने के लिए क्या कर रहा है?
इंडियन बैंक वित्तीय समावेशन को मजबूती प्रदान करने के प्रयास कर रहा है। इसके तहत ही एनआरएलएम और एसआरएलएम जैसी योजनाओं के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के वित्त पोषण का विस्तार किया जा रहा है। अंतिम छोर तक पहुंच बनाने के लिए बैंक कारोबारी प्रतिनिधि नियुक्त कर रहा है। वे दूरदराज क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं देते हैं। बैंक छोटे ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड मुहैया कराने की प्रक्रियाओं को भी सरल बना रहा है। इससे किसानों और छोटे कारोबारियों को ऋण मिलना आसान हो सकेगा। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर इंडियन बैंक ग्राहकों के घरों तक बैंकिंग सुविधा सुनिश्चित कर रहा है। ग्रामीण लोगों को इंडियन बैंक आरएसईटीआई के माध्यम से प्रशिक्षण दे रहा है और उन्हें औपचारिक बैंक ऋण से जोड़कर सशक्त बना रहा है।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक जिला, एक उत्पाद योजना के जरिये पारंपरिक उद्योगों और कलाओं में नई जान फूंकने की प्रक्रिया शुरू की है। इंडियन बैंक इसमें कैसे योगदान दे रहा है?
इंडियन बैंक उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में प्रमुख बैंक है और वह प्रदेश सरकार की ओडीओपी योजना में काफी महत्त्वपूर्ण मददगार की भूमिका में है। वह ओडीओपी उद्यमों, उद्यमियों और इकाइयों को कार्यशील पूंजी और टर्म लोन प्रदान करता है तथा ओडीओपी क्लस्टरों के अनुरूप अनुकूलित ऋण उत्पाद उपलब्ध कराता है। बैंक लीड जिलों में अपने आरएसईटीआई के जरिये प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर भी उनकी सकारात्मक तरीके से मदद करता है।
उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप के लिए अच्छा माहौल है। इंडियन बैंक स्टार्टअप को सीड कैपिटल मुहैया कराने में क्या भूमिका निभा रहा है?
मौजूदा सरकार के तहत उत्तर प्रदेश एक जीवंत स्टार्टअप हब बन गया है। यहां 18,568 से अधिक स्टार्टअप हैं, जिनमें लगभग 8,000 महिला उद्यमियों द्वारा संचालित हैं। इंडियन बैंक इस विकास में सक्रिय योगदान दे रहा है। अपने एमएसएमई वर्टिकल के अंतर्गत समर्पित स्टार्टअप वित्तपोषण कार्यक्रम लागू कर और इनक्यूबेटरों तथा एक्सेलेरेटरों के साथ सहयोग कर संभावनाशील उद्यमों की पहचान और समर्थन कर रहा है।
इंडियन बैंक इंड-स्टार्टअप जैसी योजनाओं के तहत बिना जमानत वाले ऋणों के माध्यम से ऋण तक आसान पहुंच प्रदान करता है, जिसे स्टार्टअप के लिए क्रेडिट गारंटी योजना का लाभ उठाने और 20 करोड़ रुपये तक की ऋण सुविधाओं के लिए गारंटी कवरेज देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अतिरिक्त, यह फंड जुटाने और अनुपालन के लिए परामर्श सेवाएं भी प्रदान करता है, जिससे स्टार्टअप को कुशलतापूर्वक विस्तार करने और राज्य के आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका को मजबूत करने में मदद मिलती है।