facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

अब रातभर दिल्ली में कर सकेंगे शॉपिंग, 24×7 दुकानें खोलने की योजना पर विचार

Advertisement

सबसे बड़ा मुद्दा कानून-व्यवस्था का है। रात में अवैध हॉकरों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे बाजार की स्थिति बिगड़ सकती है।

Last Updated- July 08, 2025 | 5:18 PM IST

दिल्ली सरकार द्वारा राजधानी में दुकानों और बाजारों को 24 घंटे खोलने की अनुमति देने पर विचार किए जाने की खबरों के बीच, व्यापारिक संगठनों ने इस कदम को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। जहां कुछ इसे व्यवसाय के लिए लाभकारी मान रहे हैं, वहीं अधिकांश दुकानदारों का कहना है कि रात के समय ग्राहकों की संख्या कम होने से इससे ज्यादा लाभ नहीं होगा।

रेस्तरां मालिकों ने इस योजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे डिलीवरी की जगह लोग बाहर आकर खाने को प्राथमिकता देंगे, जिससे राजस्व बढ़ेगा। खान मार्केट स्थित ‘द ब्लू डोर कैफे’ की निदेशक पायल वर्मा ने कहा, “हमें लगता है कि इस नीति से रेस्तरां को काफी फायदा मिलेगा। हम रात को मिडनाइट बुफे जैसे नए विकल्प भी शुरू कर सकते हैं।”

हालांकि, खुदरा दुकानदारों ने लागत बढ़ने और सुरक्षा की चिंता जताई है। दुकानों को 24×7 खुला रखने से बिजली, स्टाफ और सुरक्षा पर अतिरिक्त खर्च आएगा, जिसे रात में कम ग्राहक संख्या से पूरा कर पाना मुश्किल हो सकता है।

Also Read: बिहार की नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण, बनेगा नया युवा आयोग

दक्षिणी दिल्ली के एक बाजार संघ के सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “दिन में ही लोग ऑनलाइन शॉपिंग की वजह से दुकानों में नहीं आ रहे हैं, तो रात में कैसे आएंगे? सुरक्षा की चिंता भी बड़ी है। हालांकि, छोटे दुकानदारों और कुछ फूड आउटलेट्स को इसका फायदा हो सकता है।”

नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा, “यह सरकार का निर्णय है, लेकिन इसे लागू करने से पहले कई कदम उठाने होंगे। सबसे बड़ा मुद्दा कानून-व्यवस्था का है।” उन्होंने कहा कि रात में अवैध हॉकरों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे बाजार की स्थिति बिगड़ सकती है।

खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने भी चिंता जताई कि लंबे समय तक बाजार खुले रहने से सड़कों पर उपद्रव की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने कहा, “रात को दुकानों को चालू रखने से बिजली और स्टाफ की लागत तो बढ़ेगी ही, साथ ही श्रमिकों के शोषण की संभावना भी बढ़ेगी, क्योंकि सभी मालिक अतिरिक्त शिफ्ट नहीं लगाएंगे।”

दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए व्यापारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि पहले शहर में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और नियमन की जरूरत है। वहीं, खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को इस योजना से नए अवसर नजर आ रहे हैं।

Advertisement
First Published - July 8, 2025 | 5:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement