facebookmetapixel
Advertisement
RBI MPC August 2026: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज करेंगे रीपो रेट का ऐलान; जानें लाइव स्ट्रीमिंग, समय और पूरी डीटेल80 डॉलर से नीचे ब्रेंट, 75 डॉलर से नीचे WTI; तेल बाजार में बड़ी गिरावटStocks To Watch Today: आज इन शेयरों में होगी तगड़ी हलचल! LIC OFS, Paytm, HFCL और DLF समेत 8 बड़े ट्रिगर्स पर रखें नजरडिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरूREIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत, नई टैक्स व्यवस्था में भी डिविडेंड रहेगा पूरी तरह टैक्स फ्रीडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का दिया निर्देशFuel Prices: पेट्रोल-डीजल कीमतों पर सरकार रखेगी नजर, जरूरत पड़ने पर उठाएगी कदम

भारत बना MNCs का ग्रोथ इंजन, ग्लोबल वॉल्यूम ग्रोथ में 8 गुना तक बढ़ा योगदान

Advertisement

बेन ने 10 अरब डॉलर से अधिक की आय वाली करीब 42 वैश्विक उपभोक्ता वस्तु कंपनियों के भी आंकड़े दिए हैं। इनमें से 30 कंपनियां भारत में भी कारोबार करती हैं।

Last Updated- April 24, 2025 | 6:45 AM IST
FMCG

उपभोक्ता उत्पादों की वैश्विक वॉल्यूम वृद्धि में भारत का योगदान जबरदस्त दिख रहा है। पिछले पांच वर्षों (2019 से 2024) के दौरान वृद्धि में उसके योगदान ने वि​भिन्न श्रे​णियों में पिछले वर्ष के मुकाबले वॉल्यूम हिस्सेदारी को 2 से 8 गुना बढ़ा दिया है। इससे उपभोक्ता वस्तु बनाने वाली प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) के लिए भारत एक दमदार ग्रोथ इंजन बन गया है। बेन ऐंड कंपनी द्वारा आज जारी रिपोर्ट: ‘प्लेबुक फॉर कंज्यूमर प्रोडक्ट्स मल्टीनैशनल कॉरपोरेशंस इन इंडिया’ के अनुसार, उपभोक्ता अप्लायंसेज के वै​श्विक वॉल्यूम में भारत की हिस्सेदारी साल 2024 में 5 फीसदी थी। मगर साल 2019 से 2024 के बीच वै​श्विक वॉल्यूम वृद्धि में भारत की हिस्सेदारी 44 फीसदी थी जो पिछले साल की उसकी वॉल्यूम हिस्सेदारी के मुकाबले 8.6 गुना अधिक है। अन्य श्रेणियों में भी यही रुझान दिखता है।

परिधान एवं फुटवियर के वै​श्विक वॉल्यूम में भारत की हिस्सेदारी 2024 में 8 फीसदी थी। मगर पिछले पांच वर्षों के दौरान इस श्रेणी की वैश्विक वॉल्यूम वृद्धि में भारत का हिस्सा 34 फीसदी था। गर्म पेय पदार्थ के वै​श्विक वॉल्यूम में भारत की हिस्सेदारी 2024 में 6 फीसदी हो सकती है, मगर पिछले 5 वर्षों के दौरान इस श्रेणी की वै​श्विक वॉल्यूम वृद्धि में भारत की हिस्सेदारी 24 फीसदी थी। इसी प्रकार स्नैकिंग श्रेणी में भारत की वै​श्विक वॉल्यूम में हिस्सेदारी 2024 में 10 फीसदी थी, लेकिन पिछले 5 वर्षों के दौरान इस श्रेणी की वै​​​श्विक वॉल्यूम वृद्धि में भारत की हिस्सेदारी 2.1 गुना बढ़कर 22 फीसदी हो गई।

बेन ने 10 अरब डॉलर से अधिक की आय वाली करीब 42 वैश्विक उपभोक्ता वस्तु कंपनियों के भी आंकड़े दिए हैं। इनमें से 30 कंपनियां भारत में भी कारोबार करती हैं। इन कंपनियों में रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं बनाने वाली एफएमसीजी कंपनियां शामिल हैं लेकिन तंबाकू, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण फर्मों को बाहर रखा गया है।

विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में कारोबार करना काफी फायदेमंद हो सकता है। ऐसी कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भारतीय सहायक इकाइयों का कुल शेयरधारक रिटर्न (टीएसआर) शानदार रहा। साल 2015 से 2024 के बीच उनका कुल शेयरधारक रिटर्न वैश्विक मूल कंपनी के मुकाबले 2 से 6 गुना अधिक रहा। इतना ही नहीं बेन की रिपोर्ट से यह भी खुलासा हुआ है कि भारत में कारोबार करने वाली उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र की 60 फीसदी बहुराष्ट्रीय कंपनियां वै​श्विक वृद्धि दर के मुकाबले करीब दोगुनी दर से बढ़ रही हैं।

ऐसा साल 2018 से 2023 के बीच चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर के संदर्भ में दिखता है। भारत में कारोबार न करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियां इस अवसर का फायदा उठाने से चूक गईं। उदाहरण के लिए, भारत में 64 अरब डॉलर के बाजार पूंजीकरण वाली ब्रिटेन की एक उपभोक्ता वस्तु कंपनी का भारत में 10 वर्षों (2015 से 2023) के दौरान कुल शेयरधारक रिटर्न 12 फीसदी रहा जो उसकी मूल वै​श्विक कंपनी के मुकाबले 1.8 गुना अ​धिक है।

इसी प्रकार भारत में 24 अरब डॉलर बाजार पूंजीकरण वाली यूरोप की एक उपभोक्ता वस्तु कंपनी का कुल शेयरधारक रिटर्न समान अव​धि में 15 फीसदी रहा जबकि उसकी मूल वै​श्विक कंपनी का कुल शेयरधारक रिटर्न इसका महज पांचवां हिस्सा रहा। भारत में 9 अरब डॉलर बाजार पूंजीकरण वाली अमेरिका की एक ओरल केयर कंपनी ने अपनी मूल कंपनी के मुकाबले 2.4 गुना अधिक कुल शेयरधारक रिटर्न दर्ज किया। भारत में 3 अरब डॉलर बाजार पूंजीकरण वाली अमेरिका की एक होम अप्लायंसेज कंपनी का कुल शेयरधारक रिटर्न 11 फीसदी रहा जो उसकी मूल कंपनी के मुकाबले 12.7 गुना अधिक है।

Advertisement
First Published - April 24, 2025 | 6:45 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement