facebookmetapixel
Advertisement
BS ‘Manthan’ में Dixon के CEO अतुल लाल ने कहा: अब सिर्फ असेंबलिंग नहीं, खुद का ‘IP’ बनाएगा भारत₹9,072 करोड़ की 3 रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी, 307 किमी बढ़ेगा नेटवर्क; 5,400 गांवों को मिलेगा फायदाBS Manthan में एथर एनर्जी के CEO का दावा: PLI स्कीम में सुधार की जरूरत, इससे खुलेगा $100 अरब का बाजार6 महीने में पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक कार की कीमत होगी बराबर? बीएस मंथन में नितिन गडकरी ने जताई उम्मीदAI से बढ़ी डेटा सेंटरों की बिजली खपत, BS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: भारत के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ा दबावक्या फिर आएंगे तीनों कृषि कानून? मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘BS मंथन’ में बताया सरकार का इरादाBS Manthan में बोले नितिन गडकरी: AI, EVs और हाइड्रोजन से सशक्त होगा ‘विजन 2047’सैलरी अकाउंट वाले दें ध्यान! दिल्ली में 12 सरकारी बैंकों ने लगाया मेगा कैंप, खुला सुविधाओं का पिटाराUS Tariffs: ग्लोबल बाजारों में हलचल, ट्रंप की 10 प्रतिशत टैरिफ नीति प्रभावीBS Manthan में बोले नितिन गडकरी: ऑटोमोबाइल सेक्टर भारत का ग्रोथ इंजन, सड़क सुरक्षा पर जोर

भारत बना MNCs का ग्रोथ इंजन, ग्लोबल वॉल्यूम ग्रोथ में 8 गुना तक बढ़ा योगदान

Advertisement

बेन ने 10 अरब डॉलर से अधिक की आय वाली करीब 42 वैश्विक उपभोक्ता वस्तु कंपनियों के भी आंकड़े दिए हैं। इनमें से 30 कंपनियां भारत में भी कारोबार करती हैं।

Last Updated- April 24, 2025 | 6:45 AM IST
FMCG

उपभोक्ता उत्पादों की वैश्विक वॉल्यूम वृद्धि में भारत का योगदान जबरदस्त दिख रहा है। पिछले पांच वर्षों (2019 से 2024) के दौरान वृद्धि में उसके योगदान ने वि​भिन्न श्रे​णियों में पिछले वर्ष के मुकाबले वॉल्यूम हिस्सेदारी को 2 से 8 गुना बढ़ा दिया है। इससे उपभोक्ता वस्तु बनाने वाली प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) के लिए भारत एक दमदार ग्रोथ इंजन बन गया है। बेन ऐंड कंपनी द्वारा आज जारी रिपोर्ट: ‘प्लेबुक फॉर कंज्यूमर प्रोडक्ट्स मल्टीनैशनल कॉरपोरेशंस इन इंडिया’ के अनुसार, उपभोक्ता अप्लायंसेज के वै​श्विक वॉल्यूम में भारत की हिस्सेदारी साल 2024 में 5 फीसदी थी। मगर साल 2019 से 2024 के बीच वै​श्विक वॉल्यूम वृद्धि में भारत की हिस्सेदारी 44 फीसदी थी जो पिछले साल की उसकी वॉल्यूम हिस्सेदारी के मुकाबले 8.6 गुना अधिक है। अन्य श्रेणियों में भी यही रुझान दिखता है।

परिधान एवं फुटवियर के वै​श्विक वॉल्यूम में भारत की हिस्सेदारी 2024 में 8 फीसदी थी। मगर पिछले पांच वर्षों के दौरान इस श्रेणी की वैश्विक वॉल्यूम वृद्धि में भारत का हिस्सा 34 फीसदी था। गर्म पेय पदार्थ के वै​श्विक वॉल्यूम में भारत की हिस्सेदारी 2024 में 6 फीसदी हो सकती है, मगर पिछले 5 वर्षों के दौरान इस श्रेणी की वै​श्विक वॉल्यूम वृद्धि में भारत की हिस्सेदारी 24 फीसदी थी। इसी प्रकार स्नैकिंग श्रेणी में भारत की वै​श्विक वॉल्यूम में हिस्सेदारी 2024 में 10 फीसदी थी, लेकिन पिछले 5 वर्षों के दौरान इस श्रेणी की वै​​​श्विक वॉल्यूम वृद्धि में भारत की हिस्सेदारी 2.1 गुना बढ़कर 22 फीसदी हो गई।

बेन ने 10 अरब डॉलर से अधिक की आय वाली करीब 42 वैश्विक उपभोक्ता वस्तु कंपनियों के भी आंकड़े दिए हैं। इनमें से 30 कंपनियां भारत में भी कारोबार करती हैं। इन कंपनियों में रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं बनाने वाली एफएमसीजी कंपनियां शामिल हैं लेकिन तंबाकू, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण फर्मों को बाहर रखा गया है।

विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में कारोबार करना काफी फायदेमंद हो सकता है। ऐसी कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भारतीय सहायक इकाइयों का कुल शेयरधारक रिटर्न (टीएसआर) शानदार रहा। साल 2015 से 2024 के बीच उनका कुल शेयरधारक रिटर्न वैश्विक मूल कंपनी के मुकाबले 2 से 6 गुना अधिक रहा। इतना ही नहीं बेन की रिपोर्ट से यह भी खुलासा हुआ है कि भारत में कारोबार करने वाली उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र की 60 फीसदी बहुराष्ट्रीय कंपनियां वै​श्विक वृद्धि दर के मुकाबले करीब दोगुनी दर से बढ़ रही हैं।

ऐसा साल 2018 से 2023 के बीच चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर के संदर्भ में दिखता है। भारत में कारोबार न करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियां इस अवसर का फायदा उठाने से चूक गईं। उदाहरण के लिए, भारत में 64 अरब डॉलर के बाजार पूंजीकरण वाली ब्रिटेन की एक उपभोक्ता वस्तु कंपनी का भारत में 10 वर्षों (2015 से 2023) के दौरान कुल शेयरधारक रिटर्न 12 फीसदी रहा जो उसकी मूल वै​श्विक कंपनी के मुकाबले 1.8 गुना अ​धिक है।

इसी प्रकार भारत में 24 अरब डॉलर बाजार पूंजीकरण वाली यूरोप की एक उपभोक्ता वस्तु कंपनी का कुल शेयरधारक रिटर्न समान अव​धि में 15 फीसदी रहा जबकि उसकी मूल वै​श्विक कंपनी का कुल शेयरधारक रिटर्न इसका महज पांचवां हिस्सा रहा। भारत में 9 अरब डॉलर बाजार पूंजीकरण वाली अमेरिका की एक ओरल केयर कंपनी ने अपनी मूल कंपनी के मुकाबले 2.4 गुना अधिक कुल शेयरधारक रिटर्न दर्ज किया। भारत में 3 अरब डॉलर बाजार पूंजीकरण वाली अमेरिका की एक होम अप्लायंसेज कंपनी का कुल शेयरधारक रिटर्न 11 फीसदी रहा जो उसकी मूल कंपनी के मुकाबले 12.7 गुना अधिक है।

Advertisement
First Published - April 24, 2025 | 6:45 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement