facebookmetapixel
Advertisement
ट्रंप पर बॉन्ड मार्केट का Inflation अलर्ट, बढ़ती ब्याज दरें मिड टर्म चुनाव से पहले बढ़ा रहीं मुश्किलेंITR Filing: AIS में छिपी गलती पड़ सकती है भारी! रिटर्न फाइल करने से पहले जरूर जांचें ये डिटेल्स55,000 करोड़ रुपये निकालकर चले गए विदेशी निवेशक, मई में बाजार में मची हलचल की पूरी कहानीGold silver price today: सोने के भाव लुढ़के, चांदी भी तेज शुरुआत के बाद फिसलीघुसपैठ से बदल रही आबादी? केंद्र ने बनाई हाई लेवल कमेटी, 2027 जनगणना से पहले बड़ा एक्शनविरोध के बीच सिजिमाली प्रोजेक्ट को हरी झंडी, अब खदान तक पहुंचेगी 3.4 किमी लंबी सड़कमहंगे तेल और कमजोर रुपये से बढ़ी चिंता, और चढ़ सकती है सरकारी बॉन्ड यील्ड1 जून से नया नियम लागू: अब विदेशी सेल नहीं, सिर्फ भारतीय सेल से बने सोलर मॉड्यूल ही मान्यRBI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! खर्च चलाने के लिए राज्यों की बाजार उधारी पर बढ़ी निर्भरतानई IIP सीरीज क्यों है अहम, सरकार और निवेशकों को क्या मिलेगा फायदा

मनोज सोनी ने UPSC के अध्यक्ष पद की ली शपथ

Advertisement
Last Updated- May 16, 2023 | 3:47 PM IST
UPSC CSE Result 2023: Final result of UPSC Civil Services Examination released, 1016 candidates were successful, Aditya Srivastava topped UPSC CSE Result 2023: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, 1016 परीक्षार्थी रहे सफल, आदित्य श्रीवास्तव ने किया टॉप

प्रतिष्ठित शिक्षाविद मनोज सोनी ने मंगलवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अध्यक्ष पद की शपथ ली। यूपीएससी के सदस्य के रूप में 28 जून, 2017 को शपथ लेने वाले सोनी पांच अप्रैल, 2022 से ही संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का कामकाज संभाल रहे थे।

कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुार, आयोग की वरिष्ठतम सदस्य स्मिता नागराज ने सोनी को यूपीएससी के अध्यक्ष रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी।

यूपीएससी की मुख्य जिम्मेदारी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) सहित अन्य सेवाओं में भर्ती के लिए परीक्षाएं लेना है। आयोग के अध्यक्ष के साथ उसमें अधिकतम 10 सदस्य हो सकते हैं।

फिलहाल आयोग में पांच पद रिक्त हैं। यूपीएससी का सदस्य नियुक्त होने से पहले सोनी तीन बार कुलपति रह चुके हैं।

आधिकारिक बायोडेटा के अनुसार, वह एक अस्त, 2009 से 31 जुलाई, 2015 तक लगातार दो बार गुजरात में स्थित डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। वह अप्रैल 2005 से अप्रैल 2008 तक बड़ोदा के द महाराजा सायाजीराव विश्वविद्यालय के कुलपति रहे।

अप्रैल 2005 में नियुक्ति के वक्त सोनी बड़ोदा के एमएसयू और भारत के सबसे कम उम्र के कुलपति थे। राजनीति विज्ञान के विद्वान सोनी की विशेषज्ञता अंतरराष्ट्रीय संबंधों में है और वह 1991 से 2016 तक वल्लभ विद्यानगर में स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) में अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय पढ़ाते थे। इस बीच कुलपति के रूप में अपने तीनों कार्यकाल के दौरान वह इस विषय के शिक्षण से दूर रहे थे।

Advertisement
First Published - May 16, 2023 | 3:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement