facebookmetapixel
Economy Survey 2026: फाइलों से बाहर, जनता तक पहुंच रही सरकार; बजट से पहले बोले पीएम मोदीGold Price Surge: फेड के फैसले के बीच सोना-चांदी बेकाबू, क्या यह आखिरी तेजी है? एक्सपर्ट से जानेंUS ट्रेजरी सचिव ने भारत-EU FTA पर साधा निशाना, बोले- यूरोप ने यूक्रेन से ऊपर व्यापार को रखाUPI के बीच कैश क्यों बना हुआ है बैकअप प्लान? बीते एक साल में ATM से पैसा निकालने में बड़ा बदलावDefence Stock: ₹73,000 करोड़ की ऑर्डर बुक, Q3 में मुनाफा 21% उछला; ब्रोकरेज बोले – अभी और चढ़ेगासोने-चांदी के भाव बेकाबू, चांदी ₹4 लाख और सोना ₹1.76 लाख के पारपुरानी लड़ाई के बाद नई दोस्ती? ONGC–RIL डीलहोटल सेक्टर में पैसा ही पैसा, ट्रैवल बूम का सीधा असरQ3 में SBI Life को ₹577 करोड़ का मुनाफा- लेकिन चिंता क्यों?Unacademy का बड़ा यू-टर्न, ट्यूशन सेंटर बेचने की तैयारी

मुंबई को बड़ा निवेश बूस्ट: पवई में ब्रुकफील्ड बनाएगा एशिया का सबसे बड़ा GCC, 45,000 नौकरियों का मौका

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि इस परियोजना के 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें 1 अरब डॉलर से अधिक का निवेश होगा

Last Updated- December 12, 2025 | 8:33 PM IST
Brookfield GCC

ब्रुकफील्ड ने मुंबई के पवई में 6 एकड़ भूमि पर 20 लाख वर्ग फुट के लीजहोल्ड विकास की घोषणा की है, जिसमें एशिया का सबसे बड़ा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित किया जाएगा। यह समझौता 20 वर्षों की अवधि के लिए है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जीसीसी के लिए एक औपचारिक समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जाएंगे, इस परियोजना से कुल 45,000 नौकरियां सृजित होंगी, जिनमें 15,000 प्रत्यक्ष और 30,000 अप्रत्यक्ष नौकरियां शामिल हैं।

प्रोजेक्ट के 2029 तक पूरा होने की उम्मीद

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि इस परियोजना के 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें 1 अरब डॉलर से अधिक का निवेश होगा और 30,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। यह परियोजना मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) और बी.एस. शर्मा के नेतृत्व वाली ब्रुकफील्ड के सहयोग से कार्यान्वित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्माण महाराष्ट्र के निवेशक-अनुकूल वातावरण में वैश्विक कंपनियों के बढ़ते विश्वास को रेखांकित करता है। इस परियोजना का उद्देश्य 100 फीसदी हरित ऊर्जा का उपयोग करना है और भवन का निर्माण बाजार में उपलब्ध सर्वोत्तम सतत निर्माण मानकों के अनुसार किया जाएगा। इससे वैश्विक क्षमता केंद्र के रूप में मुंबई की स्थिति और मजबूत होगी।

Also Read: बिल्डर ने घर लेट से दिया या फिर कंस्ट्रक्शन खराब निकला? RERA में ऐसे करें शिकायत और पाएं मुआवजा!

मुंबई में निवेश अब 4 अरब डॉलर से ज्यादा

ब्रुकफील्ड के वरिष्ठ निवेश अधिकारी अंकुर गुप्ता ने कहा कि हम इस प्रतिष्ठित परियोजना का निर्माण कर रहे हैं जो एशिया में कार्यालय विकास क्षेत्र में एक नया मानदंड स्थापित करेगी। मुंबई में निवेश अब 4 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। ब्रुकफील्ड उच्च गुणवत्ता वाले, टिकाऊ और आधुनिक कार्यस्थलों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। वैश्विक निवेश एवं परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट द्वारा जारी बयान में कहा कि उसने इस परियोजना के लिए बी एस शर्मा के साथ साझेदारी की है।

सुप्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विक्रम बी शर्मा ने कहा कि ब्रुकफील्ड के साथ यह साझेदारी हमारे लिए गर्व का विषय है, जो वैश्विक मानकों और दीर्घकालिक दृष्टि का प्रतीक है। यह परियोजना महाराष्ट्र और मुंबई की वैश्विक व्यावसायिक क्षमता में हमारे साझा विश्वास को दर्शाती है। हम एमएमआरडीए एवं महाराष्ट्र सरकार के निरंतर सहयोग और दूरदर्शी नीतियों के लिए आभार व्यक्त करते हैं। सुप्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर इस विकास के माध्यम से एशिया में विश्वस्तरीय, सतत और भविष्य-तैयार कार्यस्थल स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Also Read: Indigo रिपेयर के बाद री-इम्पोर्ट में लगे ₹900 करोड़ की कस्टम्स ड्यूटी वापस पाने के लिए दिल्ली HC पहुंची

ब्रुकफील्ड भारत में बढ़ाएगा अपना एयूएम

2024 में, ब्रुकफील्ड ने पुणे में एक बड़ी वित्तीय सेवा कंपनी के लिए बिल्ड-टू-सूट टावर का निर्माण किया। उसी वर्ष, 12 अरब डॉलर के निवेश के लिए एमएमआरडीए के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। जून 2025 में, कंपनी ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में 2.1 एकड़ जमीन खरीदी। ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट ने इस साल मई में कहा था उसका लक्ष्य अगले पांच वर्ष में भारत में अपनी प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) को तीन गुना से अधिक बढ़ाकर 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है।

ब्रुकफील्ड भारत की सबसे बड़ी ऑफिस मालिक और संचालक कंपनियों में से एक है, जो देश के सात शहरों में लगभग 5.5 करोड़ वर्ग फुट जगह का प्रबंधन करती है। कंपनी के पास उच्च गुणवत्ता वाली, ग्रेड -ए परियोजनाओं को विकसित करने और संचालित करने का एक सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड है। पवई में प्रस्तावित परियोजना को उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, सामाजिक सुविधाओं और कुशल मानव संसाधन के विशाल भंडार का लाभ मिलेगा।

First Published - December 12, 2025 | 8:28 PM IST

संबंधित पोस्ट