facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

छत्तीसगढ़: आवास योजना के 51 लाभार्थियों को सौंपी गई चाबियां

प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में 43.53 करोड़ रुपये की लागत से 816 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण किया गया है

Last Updated- March 13, 2024 | 11:23 PM IST
Home Loan

छत्तीसगढ़ के आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने बुधवार को नवा रायपुर में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के 51 लाभार्थियों को आवास की चाबियां सौंपी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस दौरान, चौधरी ने कहा कि देश के हर गरीब को पक्का मकान देना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है जिसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा बखूबी ढंग से पूरा कर रही है।

उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी में कोई भी गरीब पक्के आवास से वंचित नहीं होगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के 13 दिसंबर को शपथ लेने के बाद 14 दिसंबर को प्रथम कैबिनेट की बैठक में ही 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।

मंत्री ने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-30 में प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में 43.53 करोड़ रुपये की लागत से 816 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण किया गया है, जिसमें से 766 भवनों को आवंटित किया गया है तथा 616 का भौतिक आधिपत्य दिया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में 560 ईडब्ल्यूएस का निर्माण किया गया है, जिसकी लागत 29.92 करोड़ रुपये है। इसमें से 270 भवनों का आवंटन कर दिया गया है तथा 51 हितग्राहियों ने रजिस्ट्री करा ली है। इस दौरान चौधरी ने अटल सुशासन मिशन के अंतर्गत सभी योजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के डैश बोर्ड की शुरुआत की।

First Published - March 13, 2024 | 11:23 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट