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ISRO प्राइवेट सेक्टर को सौपेगी SSLV, अपनाया जाएगा नीलामी का रास्ता

लघु रॉकेट को निजी उद्योग को स्थानांतरित करने के लिए बोली प्रक्रिया का मार्ग चुनने का फैसला किया है। SSLV ISRO द्वारा विकसित छठा प्रक्षेपण यान है।

Last Updated- July 10, 2023 | 3:30 PM IST
ISRO will hand over SSLV to private sector, auction route will be adopted

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सोमवार को घोषणा की कि वह लघु उपग्रहों की बढ़ती मांग के बीच अपने लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) को निजी सेक्टर को सौंपेगा। SSLV 500 किलोग्राम वजन तक के उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करने वाला वाहन है और यह मांग आधारित सेवा मुहैया कराता है।

ISRO बड़ी संख्या में बनाएगी SSLV

ISRO के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने ‘सिया इंडिया’ द्वारा आयोजित भारत अंतरिक्ष कांग्रेस के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘हमने अपना SSLV बनाया है, जिसे उद्योग जगत को स्थानांतिरत किया जाएगा और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में इनका उत्पादन किया जाएगा।’

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ISRO द्वारा विकसित छठा प्रक्षेपण यान है SSLV

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतरिक्ष एजेंसी ने लघु रॉकेट को निजी उद्योग को स्थानांतरित करने के लिए बोली प्रक्रिया का मार्ग चुनने का फैसला किया है। SSLV ISRO द्वारा विकसित छठा प्रक्षेपण यान है। उसने पिछले साल अगस्त में और इस साल फरवरी में विकास उड़ान भरी थी।

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फरवरी में SSLV का सफल प्रक्षेपण किया गया

SSLV की पहली उड़ान पिछले साल अगस्त में दूसरे चरण के पृथक्करण के दौरान ‘इक्विपमेंट बे डेक’ पर कंपन संबंधी गड़बड़ी के कारण विफल रही थी। ISRO ने गड़बड़ी का गहन विश्लेषण करने के बाद सुधारात्मक कार्रवाई की और फरवरी में SSLV का सफल प्रक्षेपण किया। SSLV ने ISRO के EOS-07 उपग्रह, अमेरिकी कंपनी एंटारिस के जेनूस-1 और चेन्नई स्थित अंतरिक्ष स्टार्ट-अप स्पेस किड्ज़ के आजादीसैट-2 उपग्रहों को 450 किलोमीटर की गोलाकार कक्षा में स्थापित किया था।

First Published - July 10, 2023 | 3:30 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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