facebookmetapixel
Advertisement
Tata Steel Q4 Results: मुनाफा 125% उछलकर ₹2,926 करोड़ पहुंचा, निवेशकों को मिलेगा ₹4 का डिविडेंडबच्चों के लिए PPF अकाउंट: खाता खोलने का तरीका और टैक्स के नियम बेहद आसान भाषा में समझेंITC Hotels Q4 Results: मुनाफा 23% बढ़कर ₹317.43 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू ₹1,253 करोड़ के पारUpcoming IPO: SEBI ने तीन फर्मों को दी हरी झंडी, बाजार से ₹1,200 करोड़ रुपये जुटाएंगी ये कंपनियांRupee at record low: रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 1 डॉलर की कीमत 96 के पारक्रेडिट स्कोर बढ़ाने का सीक्रेट: ये 3 आसान आदतें दिलाएंगी हर लोन की मंजूरी, एक्सपर्ट से समझें तरीका‘अमेरिका पर भरोसा नहीं, बातचीत तभी होगी जब वॉशिंगटन गंभीर हो’, दिल्ली में बोले ईरानी विदेश मंत्री26 मई तक केरल पहुंच सकता है मानसून; उत्तर भारत में भीषण लू का अलर्टExplainer: किस पेंशन पर कितना देना होता है टैक्स? ITR फाइल करने से पहले जानना जरूरीभारत को 2037 तक अर्बन इंफ्रा में ₹80 लाख करोड़ निवेश की जरूरत: रिपोर्ट

अगर EU लगाता है जवाबी शुल्क तो मुंहतोड़ जवाब देगा भारत

Advertisement
Last Updated- May 03, 2023 | 11:28 PM IST
Govt Replaces ‘Certificate’ with ‘Proof’ in Rules of Origin Regulations

यदि यूरोपीय संघ के देश अपने घरेलू कानूनों का उपयोग करते हुए भारत पर जवाबी शुल्क लगाते हैं तो भारत उसका मुंहतोड़ जवाब देगा। हाल में आईटीसी उत्पादों (ICT products)  पर आयात शुल्क लगाए जाने के मामले में विश्व व्यापार संगठन (WTO) द्वारा भारत के खिलाफ ​निर्णय दिए जाने के कारण दोनों पक्षों में तनाव बरकरार है।

यूरोपीय संघ के घरेलू कानून के तहत ऐसा प्रावधान है कि यदि किसी देश को लगता है कि अपीलीय निकाय- WTO के सर्वोच्च निर्णायक प्राधिकारी- के अभाव के कारण अपील दायर नहीं की जा सकती है तो वह जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

एक वरिष्ठ अ​धिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा कि भारत के अनुसार यह WTO के सिद्धांतों का उल्लंघन है क्योंकि घरेलू कानून को लागू करना इस वैश्विक व्यापार संस्था के नियमों के अनुरूप नहीं है। ऐसे में भारत WTO को इससे अवगत कराते हुए जवाबी कार्रवाई के तौर पर यूरोपीय संघ से आयातित वस्तुओं पर शुल्क लगा सकता है।

अ​धिकारी ने कहा, ‘अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत यह विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप नहीं है। यूरोपीय संघ ने अपना नियम बनाया है लेकिन उसका कभी इस्तेमाल नहीं किया और न ही उसका कभी परीक्षण किया गया। अब यह देखना है कि क्या वह अपने घरेलू कानून का उपयोग करेगा। चूंकि यह WTO के नियमों के ​खिलाफ है, इसलिए भारत भी जवाबी कार्रवाई कर सकता है।’

Also read: India’s Services PMI: सर्विस सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, अप्रैल में करीब 13 साल के हाई लेवल पर

हालांकि, भारत का भी मानना है कि इस प्रकार की जवाबी कार्रवाई से दोनों पक्षों को नुकसान हो सकता है।

यह खबर ऐसे समय में आई है जब WTO के एक पैनल ने 17 अप्रैल के अपने फैसले में यूरोपीय संघ सहित तीन ​शिकायतकर्ता देशों का पक्ष लिया। उसने कहा कि भारत ने मोबाइल फोन, पुर्जे, टेलीफोन हैंडसेट आदि आईटी उत्पादों पर आयात शुल्क लगाते हुए वै​श्विक व्यापार नियमों का उल्लंघन किया है। उसने नई दिल्ली से कहा है कि प्रौद्योगिकी उत्पादों पर शुल्क हटाया जाए।

बिज़नेस स्टैंडर्ड ने 25 अप्रैल को यूरोपीय संघ के प्रवक्ता के हवाले से खबर दी थी कि यदि भारत WTO के फैसले को नजरअंदाज करता है तो यूरोपीय संघ भारतीय वस्तुओं के आयात पर जवाबी शुल्क लगा सकता है। भारत उस फैसले के ​खिलाफ अपील करना चाहता था लेकिन एक सप्ताह बाद वा​​णिज्य विभाग ने एक आ​धिकारिक बयान में कहा कि भारत जरूरी कदम उठा सकता है। साथ ही यह भी कहा गया था कि WTO के अ​धिकार एवं दायित्व के संदर्भ में उपलब्ध विकल्पों पर भी गौर किया जा रहा है।

Advertisement
First Published - May 3, 2023 | 8:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement