facebookmetapixel
जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेट कंपनी Eternal पर GST की मार, ₹3.7 करोड़ का डिमांड नोटिस मिलासरकार ने जारी किया पहला अग्रिम अनुमान, FY26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ेगीDefence Stocks Rally: Budget 2026 से पहले डिफेंस शेयरों में हलचल, ये 5 स्टॉक्स दे सकते हैं 12% तक रिटर्नTyre Stock: 3-6 महीने में बनेगा अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज की सलाह- खरीदें, ₹4140 दिया टारगेटकमाई अच्छी फिर भी पैसा गायब? जानें 6 आसान मनी मैनेजमेंट टिप्सSmall-Cap Funds: 2025 में कराया बड़ा नुकसान, क्या 2026 में लौटेगी तेजी? एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की सही स्ट्रैटेजी85% रिटर्न देगा ये Gold Stock! ब्रोकरेज ने कहा – शादी के सीजन से ग्रोथ को मिलेगा बूस्ट, लगाएं दांवकीमतें 19% बढ़ीं, फिर भी घरों की मांग बरकरार, 2025 में बिक्री में मामूली गिरावटIndia-US ट्रेड डील क्यों अटकी हुई है? जानिए असली वजहस्टॉक स्प्लिट के बाद पहला डिविडेंड देने जा रही कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनी! जानें रिकॉर्ड डेट

दो राज्यों में एक जैसे वोटर कार्ड नंबर? चुनाव आयोग ने दी सफाई

EC ने यह भी कहा कि कुछ मतदाताओं के मतदाता ईपीआईसी नंबर ‘‘समान हो सकते हैं’’, लेकिन जनसांख्यिकीय विवरण, विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र सहित अन्य विवरण अलग-अलग हैं।

Last Updated- March 02, 2025 | 4:59 PM IST
Election Commission of India
Representative Image

दो अलग-अलग राज्यों में मतदाताओं को एक जैसे मतदाता पहचानपत्र नंबर जारी किए जाने की खबरों के बीच, निर्वाचन आयोग ने रविवार को कहा कि एक जैसे नंबर का मतलब यह नहीं कि वे फर्जी मतदाता हैं।

निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि कुछ मतदाताओं के मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) नंबर ‘‘समान हो सकते हैं’’, लेकिन जनसांख्यिकीय विवरण, विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र सहित अन्य विवरण अलग-अलग हैं।

इसने कहा, ‘‘ईपीआईसी नंबर चाहे जो भी हो, कोई भी मतदाता अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर ही वोट डाल सकता है, जहां वह मतदाता सूची में पंजीकृत है। इसके अलावा वह कहीं और मतदान नहीं कर सकता।’’

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी राज्यों के मतदाता सूची डेटाबेस को ‘ईआरओएनईटी’ मंच पर डालने से पहले ‘‘विकेन्द्रीकृत और मैन्युअल प्रक्रिया’’ का पालन किए जाने के कारण विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ मतदाताओं को समान ईपीआईसी संख्या आवंटित की गई थी।

निर्वाचन आयोग ने बताया कि इसके परिणामस्वरूप कुछ राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी एक ही ईपीआईसी अक्षरांकीय श्रृंखला का उपयोग कर रहे हैं और विभिन्न राज्यों में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को एक जैसे ईपीआईसी नंबर आवंटित किए जाने की गुंजाइश है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, ‘ईआरओएनईटी’ ‘‘एक जैसी प्रविष्टियों को हटाकर और एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित होने वाले मतदाताओं को शामिल करके’’ चुनावी प्रणाली को बनाए रखने में निर्वाचन अधिकारियों को मदद करता है।

इसने कहा, ‘‘किसी भी शंका को दूर करने के लिए, आयोग ने निर्णय लिया है कि पंजीकृत मतदाताओं को विशिष्ट ईपीआईसी नंबर आवंटित करना सुनिश्चित किया जाए। एक जैसे ईपीआईसी नंबर के किसी भी मामले को एक विशिष्ट ईपीआईसी नंबर आवंटित करके ठीक किया जाएगा।’’

निर्वाचन आयोग ने कहा कि इस प्रक्रिया में सहायता और सहयोग के लिए ‘ईआरओएनईटी’ 2.0 मंच को अद्यतन किया जाएगा।

First Published - March 2, 2025 | 4:59 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट