रक्षा मंत्रालय ने सेना की युद्ध क्षमता को मजबूत करने के लिए 79,000 करोड़ रुपये मूल्य के लंबी दूरी के रॉकेट, मिसाइल, रडार सिस्टम और अन्य सैन्य उपकरणों की खरीद को सोमवार को मंजूरी प्रदान कर दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी।
राजनाथ सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “आज हुई डीएसी की बैठक में तीनों सेनाओं से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति की आवश्यकता (Acceptance of Necessity – AoN) दी गई है, जिनकी कुल राशि करीब ₹79,000 करोड़ है। रक्षा मंत्रालय भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। आज लिए गए फैसले सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेंगे।”
The Defence Acquisition Council (DAC) meeting held today accorded Acceptance of Necessity (AoN) for various proposals of the three Services amounting to a total of about Rs 79,000 crore.
The MoD under the leadership of PM Shri @narendramodi is working tirelessly to strengthen…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) December 29, 2025
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DAC ने सेना की तोपखाना रेजिमेंटों के लिए ‘लोइटर म्यूनिशन’ सिस्टम की खरीद को मंजूरी दे दी। ‘लोइटर म्यूनिशन’ ऐसे हवाई अस्त्र होते हैं जो किसी लक्ष्य क्षेत्र के आसपास तब तक मंडराते रहते हैं जब तक कि लक्ष्य का पता न चल जाए, और फिर उससे टकराकर हमला करते हैं। इसे आत्मघाती ड्रोन या विस्फोटक ड्रोन भी कहा जाता है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा भारतीय सेना के लिए हल्के रडार, पिनाका रॉकेट सिस्टम के लिए लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट सामग्री और एकीकृत ड्रोन पहचान एवं अवरोधन प्रणाली (एमके-2) की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। इसने कहा कि सामरिक लक्ष्यों पर सटीक हमले के लिए ‘लोइटर म्यूनिशन’ का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि हल्के रडार छोटे आकार की और कम ऊंचाई पर उड़ने वाली मानवरहित हवाई प्रणालियों का पता लगाएंगे और उन पर नज़र रखेंगे।
बयान में कहा गया कि लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से भेदने के लिए पिनाका रॉकेट प्रणालियों की मारक क्षमता और सटीकता को बढ़ाने के वास्ते लंबी दूरी के दिशा निर्देशित रॉकेटों की खरीद की जा रही है। उन्नत रेंज वाली एकीकृत ड्रोन पहचान और अवरोधन प्रणाली (एमके-2) सामरिक युद्ध क्षेत्र तथा भीतरी इलाकों में भारतीय सेना की महत्वपूर्ण संपत्तियों की रक्षा करेगी।
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इसके साथ ही भारतीय नौसेना के लिए, हाई फ्रीक्वेंसी सॉफ्टवेयर रेडियो (HF SDR) मैनपैक की खरीद और उच्च ऊंचाई तथा लंबी दूरी वाली तथा दूर से संचालित विमान प्रणाली (RPAS) को पट्टे पर लेने की मंजूरी दी गई। मंत्रालय ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में निरंतर खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही अभियानों के लिए अनिर्दिष्ट संख्या में RPAS पट्टे पर ली जा रही हैं।
बयान में कहा गया कि कि भारतीय वायुसेना के लिए ऑटोमेटिक ‘टेक-ऑफ लैंडिंग’ रिकॉर्डिंग सिस्टम, अस्त्र एमके-2 मिसाइल, पूर्ण मिशन सिमुलेटर और लंबी दूरी के दिशा निर्देशन वाली स्पाइस-1000 किट आदि की खरीद को मंजूरी दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि एडवांस रेंज वाली अस्त्र एमके-2 मिसाइल लड़ाकू विमानों की क्षमता को बढ़ाएंगी, जिससे वे लंबी दूरी से दुश्मन के विमानों को गिरा सकेंगे।
मंत्रालय के अनुसार, हल्के लड़ाकू विमान तेजस के लिए पूर्ण मिशन सिमुलेटर पायलटों की ट्रेनिंग को किफायती और सुरक्षित बनाएगा, जबकि स्पाइस-1000 भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता को बढ़ाएगी।
(PTI इनपुट के साथ)