facebookmetapixel
Advertisement
भारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिक

Cabinet Decision: पुणे मेट्रो को सरकार ने दी ₹9,858 करोड़ की सौगात, 2 नई लाइनों के साथ बढ़ेगा नेटवर्क

Advertisement

इसकी फंडिंग भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और बाह्य द्विपक्षीय/बहुपक्षीय फंडिंग एजेंसियों द्वारा मिलकर किया जाएगा

Last Updated- November 26, 2025 | 6:46 PM IST
Pune Metro

Cabinet Decision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने पुणे मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट पर 9,858 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

फेज-2 में यह दूसरी बड़ी परियोजना

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पुणे मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के तहत लाइन 4 (खराड़ी-हडपसर-स्वारगेट-खड़कवासला) और लाइन 4ए (नल स्टॉप-वारजे-माणिक बाग) को मंजूरी दी गई। मंत्री ने बताया कि लाइन 2ए (वनाज-चांदनी चौक) और लाइन 2बी (रामवाड़ी-वाघोली/विट्ठलवाड़ी) को मंजूरी मिलने के बाद, दूसरे चरण के तहत स्वीकृत यह दूसरी बड़ी परियोजना है।

Also Read: Cabinet Decision: रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स की मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बूस्ट, ₹7,280 करोड़ की नई स्कीम मंजूर

5 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

कुल 28 ‘एलिवेटेड’ स्टेशनों के साथ 31.636 किलोमीटर लंबी, लाइन 4 और 4ए पूर्व, दक्षिण और पश्चिम पुणे में आईटी सेंटर्स, कमर्शियल क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय समूहों को जोड़ेगी। यह परियोजना पांच वर्षों में पूरी होगी और इसकी अनुमानित लागत 9,857.85 करोड़ रुपये होगी। इसकी फंडिंग भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और बाह्य द्विपक्षीय/बहुपक्षीय फंडिंग एजेंसियों द्वारा मिलकर किया जाएगा।

(PTI इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - November 26, 2025 | 6:46 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement