facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

इथियोपिया ज्वालामुखी विस्फोट: राख के बादल से एयर इंडिया, अकासा और इंडिगो ने कई उड़ानें कीं रद्द

Advertisement

इथियोपिया के अफार रिफ्ट में हेली गुब्बी ज्वालामुखी 10,000 से अधिक वर्षों में पहली बार रविवार को फट पड़ा जिससे 45,000 फुट तक घना राख का गुबार फैल गया

Last Updated- November 25, 2025 | 11:18 PM IST
Ethiopia volcano eruption

इथियोपिया में ज्वालामुखी के गुबार का असर भारतीय हवाई क्षेत्र तक दिखने के मद्देनजर आज कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा। साथ ही कुछ उड़ानों का मार्ग बदल दिया गया जबकि कुछ में देरी हुई। मगर सरकार ने आश्वस्त किया है कि फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार ने कहा है कि हवाई यातयात नियंत्रकों, मौसम विभाग, विमानन कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया ने सोमवार से 13 उड़नों को रद्द कर दिया जिसमें अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शामिल हैं। उसने कहा है कि उन विमानों की एहतियाती जांच की गई है जो ज्वालामुखी की राख से प्रभावित क्षेत्रों में उड़े थे। अकासा ने भी कहा कि उसने प​श्चिम ए​शिया के लिए अपनी कुछ उड़ानें रद्द कर दी हैं।  सोमवार को इंडिगो की एक उड़ान को अहमदाबाद मोड़ना पड़ा था।

विमानन उद्योग के एक सूत्र ने कहा कि राख के बादल के पूर्व की ओर बहने के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर मंगलवार को शाम 6 बजे तक 7 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं और 12 उड़ानों में देरी हुई।

इस बीच, नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि देश भर में उड़ानों का संचालन सही तरीके से जारी है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। इथियोपिया के अफार रिफ्ट में हेली गुब्बी ज्वालामुखी 10,000 से अधिक वर्षों में पहली बार रविवार को फट पड़ा जिससे 45,000 फुट तक घना राख का गुबार फैल गया। राख का बादल 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ गया और सोमवार शाम को भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया।

एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उसने सोमवार को कई उड़ानें रद्द कर दीं जिनमें एआई 106 (नेवार्क-दिल्ली), एआई 102 (न्यूयॉर्क-दिल्ली), एआई 2204 (दुबई-हैदराबाद), एआई 2290 (दोहा-मुंबई), एआई 2212 (दुबई-चेन्नई), एआई 2250 (दम्मम-मुंबई) और एआई 2284 (दोहा-दिल्ली) शामिल हैं। विमानन कंपनी ने मंगलवार के लिए एआई 2822 (चेन्नई-मुंबई), एआई 2466 (हैदराबाद-दिल्ली), एआई 2444/2445 (मुंबई-हैदराबाद-मुंबई) और एआई 2471/2472 (मुंबई-कोलकाता-मुंबई) उड़ानें रद्द कर दीं।

विमानन कंपनी ने कहा कि उसकी ग्राउंड टीम पूरे नेटवर्क पर यात्रियों को अपडेट कर रही है और उन्हें ठहरने की व्यवस्था सहित तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। एयर इंडिया ने कहा कि वह वैकल्पिक यात्रा की जल्द से जल्द व्यवस्था करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

नागर विमानन मंत्रालय ने मंगलवार को एक्स पर कहा कि मंत्रालय हवाई यातायात नियंत्रकों (एटीसी), मौसम विभाग, विमानन कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय विमानन एजेंसियों के साथ निर्बाध समन्वय सुनिश्चित कर रहा है। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने एयरमेन (एनओटीएएम) को आवश्यक नोटिस जारी किया है और सभी प्रभावित उड़ानों को इसकी सूचना दी है।

मंत्रालय ने कहा, ‘देश भर में उड़ानों का संचालन सुचारू रूप से चल रहा है। एहतियातन कुछ उड़ानों का मार्ग बदला गया है अथवा उन्हें रोक दिया गया है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। हम स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय पर जानकारी देंगे।’

नागर विमानन महानिदेशालय ने सोमवार को विमानन कंपनियों को उड़ान योजना और ईंधन खपत को समायोजित करने और राख से प्रभावित क्षेत्रों एवं अधिक ऊंचाई से परहेज करने का निर्देश दिया था।

विमानन नियामक ने अपने निर्देश में कहा है कि विमानन कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चालक दल और विमान इंजीनियर राख के बादल वाले क्षेत्रों और उसके आसपास जाने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करें। डीजीसीए ने कहा था, ‘विमानन कंपनियों को स्थिति पर लगातार नजर रखनी चाहिए। राख का सामना जैसी किसी भी हालत में तुरंत उसकी जानकारी देनी चाहिए।’

Advertisement
First Published - November 25, 2025 | 11:10 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement