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Air India Plane Crash Probe: ‘मैंने फ्यूल नहीं काटा’… आखिरी पलों की कॉकपिट बातचीत आई सामने

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Air India Plane Crash: प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना से कुछ सेकंड पहले पायलटों के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद रिकॉर्ड हुआ, जब दोनों इंजनों ने अचानक काम करना बंद कर दिया।

Last Updated- July 12, 2025 | 11:27 AM IST
Air India plane crash
Representative Image

Air India Plane Crash Probe: 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसे की जांच कर रहे विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने कॉकपिट में पायलटों के बीच हुई अंतिम बातचीत का खुलासा किया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना से कुछ सेकंड पहले पायलटों के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद रिकॉर्ड हुआ, जब दोनों इंजनों ने अचानक काम करना बंद कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक पायलट ने पूछा, “तुमने ईंधन क्यों काटा?” जिस पर सह-पायलट ने जवाब दिया, “मैंने ऐसा नहीं किया।” यह बातचीत तब रिकॉर्ड हुई जब दोपहर 1:38:42 बजे (IST) पर दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ की स्थिति में चले गए। उस वक्त विमान की गति 180 नॉट्स थी।

Also Read: Air India Plane Crash Probe: टेकऑफ के 30 सेकंड में मौत की ओर झुका विमान, रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

महज एक सेकंड के भीतर दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच बदले गए, जिससे दोनों इंजन एक साथ बंद हो गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि आमतौर पर उड़ान के दौरान जब फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘कटऑफ’ से ‘रन’ पर लाया जाता है, तो FADEC (Full Authority Digital Engine Control) सिस्टम इंजन को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया शुरू करता है। लेकिन इस हादसे में ऐसा नहीं हो सका।

इंजन फेल होने के तुरंत बाद एक पायलट ने ‘मेडे’ (MAYDAY) कॉल जारी की, लेकिन जब एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने कॉल साइन मांगी, तो कोई जवाब नहीं मिला। कुछ क्षण बाद विमान एयरपोर्ट की सीमा से बाहर एक इमारत से टकरा गया।

सबसे बड़ा हादसा बना यह क्रैश

इस हादसे में कुल 260 लोगों की जान गई, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर विमान में सवार थे, जबकि 19 लोग जमीन पर मारे गए। केवल एक यात्री की जान बची।

पायलट अनुभवी, मानसिक और शारीरिक रूप से फिट

जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान उड़ा रहे दोनों पायलट पूरी तरह से अनुभवी और फिट थे। कैप्टन सुमीत सभरवाल के पास 8,200 से अधिक घंटे का उड़ान अनुभव था और वह एक लाइन ट्रेनिंग कैप्टन थे। फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर ने 1,100 उड़ान घंटे पूरे किए थे। दोनों की मेडिकल स्थिति सामान्य थी और उनके लाइसेंस भी वैध थे।

तकनीकी खराबी की आशंका

अब तक की जांच में किसी भी तरह की साजिश या तोड़फोड़ के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, रिपोर्ट में फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) की एक एडवाइजरी का उल्लेख है, जिसमें इसी तरह के विमानों में फ्यूल स्विच में संभावित तकनीकी दोष की चेतावनी दी गई थी।

AAIB ने यह भी स्पष्ट किया कि विमान के रास्ते में किसी पक्षी टकराव की आशंका नहीं थी। साथ ही यह भी पाया गया कि विमान ने रनवे तक पहुंचने से पहले ही नीचे गिरना शुरू कर दिया था।

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First Published - July 12, 2025 | 10:57 AM IST

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