facebookmetapixel
Advertisement
वेतन बढ़ोतरी में कटौती और सस्ती ब्याज दरों से कंपनियों की बल्ले-बल्ले, Q4 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा मुनाफाPepsiCo India का बड़ा दांव: 2030 तक क्षमता विस्तार पर ₹5,700 करोड़ निवेश करेगी कंपनीसाल 2032 तक $15 अरब की होगी हर IPL टीम, NFL को मिलेगी टक्कर; हुरुन इंडिया की रिपोर्ट में दावाचेन्नई के चेपक स्टेडियम में दिख सकता है बिग बैश का रोमांच, भारत में मैच कराने की तैयारी में क्रिकेट ऑस्ट्रेलियाछोटे व मझोले शहरों में क्रेडिट कार्ड का बढ़ रहा उपयोग, UPI ने दी रफ्तार इंसान की सुरक्षा सर्वोपरि, रैबीज पीड़ित और खतरनाक कुत्तों को मारा जा सकता है: सुप्रीम कोर्टनॉर्डिक देश अगले 15 वर्षों में भारत में करेंगे 100 अरब डॉलर का निवेश, मिलेंगी 10 लाख नौकरियांपीयूष गोयल की उद्योगों को सलाह: FTA का फायदा उठाकर बढ़ाएं निर्यात, सिर्फ आयात नहींप्रति व्यक्ति आय में पीछे लेकिन विकास की रफ्तार में राष्ट्रीय औसत से आगे निकले बिहार और मध्य प्रदेशरूसी तेल खरीद पर अमेरिकी छूट बढ़ी, भारत को राहत; जून तक जारी रहेगा आयात 

15 अगस्त तक सभी पंचायतों में शुरू हो जाएगा UPI पेमेंट: सरकार

Advertisement

पंचायतों को भी सेवा प्रदाताओं और ‘वेंडर’ के साथ 30 जून को बैठक करने के लिए कहा गया है

Last Updated- June 29, 2023 | 7:13 PM IST
UPI payment

देशभर में सभी पंचायतें विकास कार्यों और राजस्व संग्रह के लिए इस स्वतंत्रता दिवस से अनिवार्य रूप से डिजिटल भुगतान सेवा का उपयोग करेंगे और UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) उपयोग करने वाले घोषित कर दिए जाएंगे। पंचायती राज मंत्रालय ने एक पत्र जारी कर यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा कि राज्यों को मुख्यमंत्रियों, सांसदों और विधायकों जैसे प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में UPI उपयोग करने वाले पंचायतों की ‘घोषणा और उद्घाटन’ करना चाहिए।

पंचायती राज मंत्रालय के सचिव सुनील कुमार ने बताया कि लगभग 98 प्रतिशत पंचायतें पहले से ही यूपीआई-आधारित भुगतान करना शुरू कर चुके हैं।

कुमार ने कहा, ‘सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PMFS) के माध्यम से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। अब पंचायतों को भुगतान डिजिटल तरीके से किया जाएगा। चेक और नकदी से भुगतान लगभग बंद हो गया है।’

उन्होंने कहा, “अब यह लगभग हर जगह पहुंच चुका है। हम पहले ही लगभग 98 प्रतिशत पंचायतों को कवर कर चुके हैं।”

पंचायतों को भी सेवा प्रदाताओं और ‘वेंडर’ के साथ 30 जून को बैठक करने के लिए कहा गया है। गूगल पे, फोनपे, पेटीएम, भीम, मोबिक्विक, व्हाट्सएप पे, एमेजन पे और भारत पे जैसे UPI प्लेटफॉर्मों के अधिकारियों और कर्मचारियों के विवरण वाली सूची मंत्रालय ने साझा की है।

मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, पंचायतों को 15 जुलाई तक उपयुक्त सेवा प्रदाता को चुनना होगा और 30 जुलाई तक ‘वेंडर’ के नाम बताने होंगे। पंचायतों को एकल ‘वेंडर’ को चुनने के लिए कहा गया है जो पूरे क्षेत्र को कवर करता है। वास्तविक समय में लेनदेन की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत डैशबोर्ड बनाने की भी सिफारिश की गई है।

अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण शिविर जिला एवं ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। पंचायती राज राज्यमंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने कहा कि डिजिटल लेनदेन चालू करने से भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, “अब ज्यादातर पंचायतें डिजिटल लेनदेन कर रही हैं। इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी…।’’ सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ जनवरी, 2023 में ही 12.98 लाख करोड़ रुपये के 806.3 करोड़ लेन-देन ‘भीम’ के माध्यम से किए गए। इसमें से लगभग 50 प्रतिशत लेन-देन ग्रामीण एवं आसपास के क्षेत्रों में हुए।

Advertisement
First Published - June 29, 2023 | 7:13 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement