भारत ने इस हफ्ते वॉशिंगटन भेजने वाला अपना व्यापारिक दल का दौरा अचानक टाल दिया है। व्यापार मंत्रालय के एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद टैरिफ को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता इसका मुख्य कारण है।
गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए कुछ टैरिफ को खारिज कर दिया था। इसके ठीक एक दिन बाद शनिवार को ट्रंप ने सभी देशों से आने वाले अमेरिकी आयात पर 15 फीसदी का अस्थायी टैरिफ लगा दिया। यह कानून के तहत सबसे ज्यादा सीमा है।
सूत्र ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर रॉयटर्स से कहा, “दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बात होने के बाद ही यह फैसला लिया गया। अभी नई तारीख तय नहीं हुई है।” प्रतिनिधिमंडल रविवार को ही रवाना होने वाला था, जहां अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही थी।
इस समझौते में अमेरिका भारत के निर्यात पर 50 फीसदी के भारी टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी करने को तैयार था। इस 50 फीसदी में से 25 फीसदी टैरिफ इसलिए लगे थे क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा था। बदले में भारत ने पांच साल में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने का वादा किया था। इनमें एनर्जी प्रोडक्ट, विमान और उनके पार्ट्स, कीमती धातुएं और टेक्नोलॉजी से जुड़े सामान शामिल हैं।
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कांग्रेस पार्टी ने इस अंतरिम समझौते पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी ने PM नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि कोर्ट के फैसले से पहले ही संयुक्त बयान क्यों जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब समझौते को फिर से बातचीत करके बेहतर तरीके से तय करना चाहिए।
शनिवार को ही भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि कोर्ट के फैसले और अमेरिका की नई घोषणाओं के असर का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है।
पिछले हफ्ते वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि बाकी मुद्दे सुलझ जाने पर अप्रैल से यह अंतरिम समझौता लागू हो सकता है। अब कोर्ट के फैसले और नए टैरिफ के बाद स्थिति बदल गई है।