facebookmetapixel
Advertisement
PM मोदी की ऑस्ट्रेलिया में बड़ी डील! यूरेनियम सप्लाई, रक्षा और व्यापार समेत 18 समझौतों पर बनी सहमतिStocks To Watch Today: Dixon, Power Grid, Havells समेत इन शेयरों में आज दिख सकती है हलचल, रखें नजरटियर-2 शहर बने रियल एस्टेट का नया ग्रोथ इंजन, डेवलपर्स का बढ़ा निवेशभारत बनेगा GCC की ग्लोबल राजधानी! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रखा 2030 तक 5,000 सेंटर का लक्ष्यOil Shock से अब कम डरेगा भारत! 1991 के मुकाबले 30% ज्यादा एनर्जी एफिशिएंट हुई अर्थव्यवस्थाGoogle vs Hindware: कीवर्ड बिडिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा गूगल, सिंगल बेंच के फैसले को दी चुनौतीTCS Q1 Results: AI कारोबार ने बढ़ाई रफ्तार, उम्मीद से बेहतर रहे नतीजे; मुनाफा 4.6% बढ़कर ₹13,349 करोड़ पहुंचाSME IPO होंगे सस्ते? सेबी ला रहा बड़ा सुधार, डीलिस्टिंग से लेकर लिस्टिंग लागत तक बदल सकते हैं नियमतेल की कीमतें तय करेंगी बाजार की चाल! कोटक एएमसी के एमडी नीलेश शाह बोले- रिटर्न की उम्मीदें रखें सीमितNSE Co-location Case: चित्रा रामकृष्ण को हाई कोर्ट से झटका, भ्रष्टाचार मामले में याचिका खारिज

अक्टूबर में गैस कीमतों में रिलायंस को और बढ़ोतरी की उम्मीद

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 5:20 PM IST

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को देश में प्राकृतिक गैस की कीमतें अक्टूबर में फिर बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, इसके साथ ही कंपनी कीमतों पर लगाई गई अधिकतम सीमा (सीलिंग) को हटाने के पक्ष में भी है।
कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (खोज एवं उत्पादन) संजय रॉय ने तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद एक निवेशक चर्चा में कहा कि केजी-डी6 बेसिन से उत्पादित गैस की मूल्य सीमा 9.92 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) के मौजूद स्तर से अधिक हो जाएगी। सरकार हर छह महीने में अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर गैस का दाम तय करती है। कई तिमाहियों तक घाटे में रहने के बाद रिलायंस का गैस खोज कारोबार ऊर्जा की कीमतों में वैश्विक स्तर पर आए उछाल से लाभ में आना शुरू हुआ है।
एक अप्रैल से पुराने या विनियमित क्षेत्रों से गैस की कीमत दोगुनी से भी अधिक 6.1 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू या प्रति इकाई हो गई है। वहीं गहरे समुद्र में स्थित गैस क्षेत्रों से निकलने वाली गैस के लिए कीमत 9.92 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू रखी गई है। इस तरह अक्टूबर के महीने में नई दरों को जारी किया जाना है।
ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ओएनजीसी के पुराने क्षेत्रों से निकली गैस की कीमत लगभग 9 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक बढ़ जाएगी और मुश्किल क्षेत्रों वाली गैस के लिए मूल्य सीमा दो अंकों तक पहुंच जाएगी। रिलायंस ने अप्रैल से जून तिमाही में पूर्वी तट पर स्थित केजी-डी6 ब्लॉक में अपने नए क्षेत्रों से प्रतिदिन लगभग 1.9 करोड़ घन मीटर गैस का उत्पादन किया। यह ब्लॉक गहरे समुद्र में स्थित है। लिहाजा यहां से निकलने वाली गैस मुश्किल इलाकों वाली कीमतों पर बिकती है।  रिलायंस के वरिष्ठ अधिकारी रॉय ने कहा, ‘केजी-डी6 के लिए मूल्य सीमा को अप्रैल-सितंबर, 2022 के लिए 9.92 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू किया गया है और अक्टूबर 2022-मार्च 2023 के लिए इसमें और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।’ हालांकि, रॉय ने कहा कि घरेलू कीमतों का वैश्विक कीमतों से तारतम्य नहीं है। उन्होंने कहा, ‘घरेलू कीमतें असंबद्ध ही रहती हैं, चाहे वैश्विक कीमतें चढ़ी हों या गिरी हुई हों। हम गैस कीमतों की सीलिंग को हटाने की मांग जारी रखेंगे। हमें आने वाली तिमाहियों में ऊंची गैस कीमतों की उम्मीद है।’
रिलायंस को मध्य प्रदेश के ब्लॉकों से कोयला सीम (सीबीएम) से पैदा होने वाली 0.7 एमएमएससीएमडी गैस के लिए 22.48 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू की कीमत मिली। वैसे सीबीएम गैस की कीमत पर कोई सीमा नहीं रहती है।

Advertisement
First Published - July 25, 2022 | 1:00 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement