facebookmetapixel
2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति हैसरकार की बड़ी कार्रवाई: 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइट ब्लॉकआंध्र प्रदेश बनेगा ग्रीन एनर्जी का ‘सऊदी अरब’, काकीनाडा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा अमोनिया कॉम्प्लेक्सBMC Election: भाजपा के सामने सब पस्त, तीन दशक बाद शिवसेना का गढ़ ढहा

RBI Mobile App: RBI लॉन्च करेगा नया ऐप, सरकारी सिक्योरिटी में निवेश होगा आसान!

RBI Mobile App for Retail Direct Scheme: सरकारी सिक्योरिटी बाजार में बढ़ेगी रिटेल निवेशकों की भागीदारी

Last Updated- April 05, 2024 | 9:38 PM IST
RBI MPC Meet

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने रिटेल डायरेक्ट स्कीम के लिए एक मोबाइल ऐप के लॉन्च की घोषणा की है, जिससे रिटेल निवेशकों को सरकारी सिक्योरिटी बाजार तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी। इस पहल का उद्देश्य निवेशकों के लिए सुविधा में सुधार करना और जी-सेक बाजार को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा, “हम रिटेल डायरेक्ट पोर्टल को एक्सेस करने के लिए एक मोबाइल ऐप पेश करने की योजना बना रहे हैं, जिससे इसे रिटेल निवेशकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके और जी-सेक बाजार को बढ़ाया जा सके।”

अभी पोर्टल का उपयोग करके निवेश करते हैं निवेशक

वर्तमान में, रिटेल निवेशक रिटेल डायरेक्ट पोर्टल का उपयोग करके केंद्र सरकार की सिक्योरिटी, ट्रेजरी बिल, राज्य सरकार की सिक्योरिटी, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और फ्लोटिंग रेट सेविंग बॉन्ड जैसे विभिन्न वित्तीय साधनों में निवेश कर सकते हैं।

बाजार पार्टिसिपेंट्स का अनुमान है कि ऐप के आने से पारदर्शिता में सुधार होगा और रिटेल निवेशकों के लिए प्रोसेस सरल हो जाएंगी। उनका मानना है कि आरबीआई का ऐप जी-सेक मार्केट में निष्पक्षता को बढ़ावा देगा। हालांकि, कुछ लोग चिंतित हैं कि यह बाज़ार को बाधित कर सकता है और बाज़ार मध्यस्थों के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा कर सकता है।

श्रीराम फाइनेंस के उमेश रेवनकर का मानना है कि नया ऐप निवेश को आसान बनाएगा और ज्यादा लोगों को वित्तीय बाजारों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

नए ऐप को लेकर विशेषज्ञों ने दी अपनी राय

विशेषज्ञों का सुझाव है कि रिटेल निवेशक आरबीआई के ऐप का उपयोग करना पसंद कर सकते हैं क्योंकि यह रेगुलेटेड दिशानिर्देशों के तहत काम करता है, जिससे सुरक्षा की भावना मिलती है। यदि ऐप अन्य विकल्पों की तुलना में कम ट्रांजैक्शन कॉस्ट या फ्री ट्रांजैक्शन ऑफर करता है, तो यह उन निवेशकों को आकर्षित कर सकता है जो अपने रिटर्न को बढ़ाना चाहते हैं।

रॉकफोर्ट फिनकैप LLP के संस्थापक वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन का कहना है कि चूंकि आरबीआई इसे नियंत्रित करता है, इसलिए निवेशक ऐप का उपयोग करके सुरक्षित महसूस कर सकते हैं। यदि ऐप दूसरों की तुलना में कम या जीरो ट्रांजैक्शन कॉस्ट ऑफर करता है, तो यह हाई रिटर्न का लक्ष्य रखने वाले निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।

रिटेल निवेशक अभी भी योजना के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार की सिक्योरिटी और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे इंस्ट्रूमेंट्स के बजाय ट्रेजरी बिल में अधिक निवेश करना पसंद करते हैं।

1 अप्रैल तक, ज्यादातर सब्सक्रिप्शन, 67%, टी-बिल के लिए थे, जबकि केवल 14% केंद्र सरकार की सिक्योरिटीयों के लिए थे। राज्य सरकार की सिक्योरिटीयों और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में प्रत्येक को क्रमशः 8% और 7% सब्सक्रिप्शन मिला। फ्लोटिंग रेट सेविंग बॉन्ड में 3% सब्सक्रिप्शन था।

First Published - April 5, 2024 | 6:15 PM IST

संबंधित पोस्ट