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बीमा पर कर टैक्स की सिफारिश

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बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी छूट की सिफारिश: स्वास्थ्य और टर्म इंश्योरेंस पर फोकस

Last Updated- December 18, 2024 | 9:51 PM IST
Insurance

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गठित मंत्रिसमूह ने शुद्ध टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में पूरी छूट देने और व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी दर को मौजूदा 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की सिफारिश की है। एक सरकारी अधिकारी ने अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

मंत्री समूह ने जीएसटी परिषद को अपनी रिपोर्ट दे दी है। जीएसटी परिषद की 21 दिसंबर को होने वाली बैठक में उस पर चर्चा होने की उम्मीद है। समिति की अन्य सिफारिशों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा पर छूट भी शामिल है। अधिकारी ने बताया कि समिति ने यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) जैसी अन्य बीमा पॉलिसियों के लिए किसी भी बदलाव का प्रस्ताव नहीं दिया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2 दिसंबर को लोक सभा में कहा था कि जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी की दरों में किसी भी तरह की छूट से पॉलिसीधारकों को फायदा होगा। उन्होंने कहा था कि खास तौर पर प्रतिस्पर्धी बाजार में ऐसा होना लाजिमी है।

वित्त मंत्री ने कहा था जीएसटी दरें कम होने से उपभोक्ताओं के लिए बीमा लागत कम हो जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य बीमा, टर्म इंश्योरेंस और यूलिप बीमा योजनाओं पर जीएसटी दर 18 फीसदी है। एंडोमेंट बीमा योजनाओं पर जीएसटी की कई दरें लागू होती हैं। इसमें पहले साल के प्रीमियम पर 4.5 फीसदी और बाद के वर्षों के लिए 2.25 फीसदी जीएसटी दर का प्रावधान है। एकल प्रीमियम वाली पॉलिसियों के लिए जीएसटी दर 1.8 फीसदी है।

बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी दर को तर्कसंगत बनाने की मांग तेज हो गई है। वित्तीय सेवा विभाग के साथ-साथ भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। संसदीय समिति को दी गई प्रस्तुति में आईआरडीएआई ने बताया है कि यूरोपीय संघ और कनाडा सहित कई विकसित देशों ने बीमा उत्पादों को वैट या जीएसटी से छूट दी है।

औसत आयु में बढ़ोतरी और स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए नियामक ने स्वास्थ्य बीमा की पहुंच बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया है। खासकर आईआरडीएआई ने जीएसटी छूट का विस्तार माइक्रो इंश्योरेंस पॉलिसियों, वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा तक करने का प्रस्ताव किया है। नियामक ने टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों पर एक निश्चित सीमा तक छूट का प्रस्ताव रखा है क्योंकि इससे हाशिये के समाज के लोगों को फायदा होगा।

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First Published - December 18, 2024 | 9:51 PM IST

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