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जीएसटी छूट से बीमा उद्योग को उम्मीद, बिक्री में जल्द बढ़त संभव

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पूछताछ बढ़ी, बिक्री में उछाल आने वाले हफ्तों में दिखेगा

Last Updated- September 23, 2025 | 7:49 AM IST
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Representative Image

व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियों पर शून्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगने के बावजूद पहले दिन नई बिक्री में कोई खास उछाल नहीं आई है। हालांकि उद्योग जगत के लोगों का कहना है कि बिक्री में तेजी की वजह दबी हुई मांग और जीएसटी की कटौती की घोषणा और इसके लागू होने की तिथि के बीच का ठहराव हो सकती है।  बहरहाल नई पॉलिसियों को लेकर पूछताछ में तेज वृद्धि से उद्योग जगत को आने वाले हफ्तों ओर महीनों में बिक्री में वृद्धि की उम्मीद है।

बीमा उद्योग ने फिलहाल पॉलिसियों की कीमतों में कोई बदलाव किए बिना जीएसटी में पूरी कटौती का लाभ ग्राहकों को दे दिया है।  निजी क्षेत्र की एक जीवन बीमा कंपनी के मुख्य कार्यकारी ने कहा, ‘बिक्री में वृद्धि हुई है, लेकिन यह कमोबेश घटी हुई मांग की वजह से है।’
पॉलिसीबाज़ार के स्वास्थ्य बीमा प्रमुख, सिद्धार्थ सिंघल ने कहा,‘पूछताछ के हिसाब से देखें तो मांग अब तक के शीर्ष स्तर पर है और यह 60 प्रतिशत बढ़ी है। आंशिक रूप से यह दबी हुई मांग के कारण है और यह धारणा जारी रहने की संभावना है। पिछले महीने की समानअवधि की तुलना में  1 से 22 सितंबर के बीच गूगल इंप्रेशन में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। पूछताछ में यह वृद्धि अधिक ग्राहकों द्वारा बीमा पॉलिसी खरीदने में सहायक होगी।’

इस माह की शुरुआत में जीएसटी परिषद ने सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियों पर पूरी तरह कर छूट देने की घोषणा की थी, जिसमें सावधि, यूनिट लिंक्ड, और एंडाउमेंट प्लान के साथ रीइंश्योरेंस शामिल है। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हटाए जाने से परिचालन लाभ बढ़ने की संभावना है, जिससे मुनाफे पर असर पड़ेगा। मुनाफे की सुरक्षा के लिए बीमाकर्ताओं को पॉलिसियों की कीमत फिर से तय करने की जरूरत पड़ सकती है। उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि इसमें वक्त लगेगा।

कन्फेडरेशन ऑफ जनरल इंश्योरेंस एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संयोजक लोकेश केसी ने कहा, ‘जिन पॉलिसीधारकों ने 15 दिन से पॉलिसियों का नवीकरण टाल रखा था, उन्होंने आज नवीकरण कराया है। उन लोगों ने नए इंश्योरेंस भी खरीदे हैं, जिन्होंने 22 सितंबर तक के लिए भुगतान रोक रखा था, जिससे घटे कर का लाभ मिल सके। इसकी वजह से आज बिक्री में वृद्धि नजर आ सकती है। साथ ही जीएसटी में कमी से युवाओं में कुछ उत्साह आया है और वे अधिक राशि के बीमा के लिए पूछताछ कर रहे हैं।’

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First Published - September 23, 2025 | 7:49 AM IST

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