facebookmetapixel
AI में आत्मनिर्भरता की जरूरत, भारत को सभी स्तरों पर निवेश करना होगा: अभिषेक सिंहAI में 33% बढ़ी नौकरियां, सरकार हर स्तर पर कर रही काम; 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग: वैष्णवडिकंट्रोल से लाभ: प्रतिबंध हटाने से देश को मिलेंगे बड़े फायदेEditorial: प्रगति प्लेटफॉर्म से इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार, रुकी परियोजनाओं को मिली गतिवेनेजुएला संकट का भारतीय IT कंपनियों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, कारोबार रहेगा स्थिरउत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में बड़ी छंटनी, SIR में करीब तीन करोड़ लोगों के नाम कटेबांग्लादेश में छात्र नेता की हत्या पर उबाल, भारतीयों के ‘वर्क परमिट’ रद्द करने की मांगकई राज्यों में दूषित पानी से सेहत पर संकट, देशभर में बढ़ रहा जल प्रदूषण का खतरानए हवाई अड्डों से होटल उद्योग को मिलेगी रफ्तार, नवी मुंबई और नोएडा बने नए हॉस्पिटैलिटी हबगांवों में कार बिक्री ने शहरों को पछाड़ा, 2025 में ग्रामीण बाजार बना ऑटो सेक्टर की ताकत

IDBI कैप्स ने 1,772 करोड़ रुपये फंसे कर्ज के लिए रुचि पत्र मांगा

NARCL ने 15:85 कैश टू सिक्योरिटी रिसीप्ट आधार पर 300 करोड़ रुपये की एंकर बोली दाखिल की, ऋणदाताओं के समूह में एसबीआई, पीएनबी और अन्य बैंक शामिल

Last Updated- October 02, 2024 | 11:13 PM IST
NPA

आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स ऐंड सिक्योरिटीज ने बरेली राजमार्ग परियोजना में भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले ऋणदाताओं के समूह के 1,772.7 करोड़ रुपये का फंसा कर्ज निकालने में दिलचस्पी लेने वाली इकाइयों से रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किया है। स्विस चैलेंज ऑक्शन के माध्यम से 30 अक्टूबर को इसे आवंटित किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक सरकार की नैशनल असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (एनएआरसीएल) ने 15:85 कैश टु सिक्योरिटी रिसीप्ट के आधार पर 300 करोड़ रुपये की एंकर बोली दाखिल की है। यह बोली रिवर्स प्राइस के रूप में होगी, इसके आधार पर स्विस ऑक्शन में काउंटर बोली आमंत्रित की जाएगी।

ऋणदाताओं के समूह में पंजाब नैशनल बैंक, इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस कंपनी (आईआईएफसीएल), बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। नीलामी दस्तावेज के मुताबिक कंसोर्टियम में स्टेट बैंक का सबसे ज्यादा 693.21 करोड़ रुपये बकाया है।

उसके बाद पंजाब नैशनल बैंक के 257.71 करोड़ रुपये, आईआईएफसीएल के 253.45 करोड़ रुपये, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में प्रत्येक के 193 करोड़ रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा के 182 करोड़ रुपये शामिल हैं। रुचि पत्र 7 अक्टूबर तक जमा किया जा सकता है।

उसके बाद दिलचस्पी लेने वाली इकाइयों के पास संपत्ति संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 28 अक्टूबर तक का वक्त होगा। स्विस चैलेंज ऑक्शन 30 अक्टूबर को होनी है, जिसमें इकाइयों को आरक्षित मूल्य में 15 करोड़ रुपये की न्यूनतम वृद्धि के साथ जवाबी बोली दाखिल करनी होगी।

First Published - October 2, 2024 | 10:56 PM IST

संबंधित पोस्ट