facebookmetapixel
Advertisement
फर्जी कॉपीराइट दावों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मेटा से मांगा जवाबएयर इंडिया पायलट का मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव, पहली बार लाइसेंस रद्द नहीं होगात्योहारों से पहले रोजगार के मौके बढ़ेंगे, कंपनियां 15-20% ज्यादा अस्थायी कर्मचारी रखेंगीएआई से बदल रहा काम का तरीका, जीसीसी के 46% कर्मचारियों को नई स्किल्स की जरूरतकमोडिटी डेरिवेटिव में पोजीशन लिमिट और मार्जिन ढांचा आसान करेगा सेबीक्लोजिंग एक्शन सेशन में म्युचुअल फंड्स की कम भागीदारी, सेबी ने बुलाई बैठकभारत ने पहली बार रूस को भेजा पेट्रोल, 3.5 लाख बैरल की पहली खेप पहुंचीयूरिया और डीएपी की बिक्री घटी, जुलाई में उर्वरकों की उपलब्धता में हुई बड़ी बढ़ोतरीचंद्रशेखरन का टाटा संस छोड़ने का ऐलान, छह महीने के गतिरोध से निकला रास्ताUPI की लागत घटाने के लिए सरकार के सामने दो विकल्प, बड़े लेन-देन पर MDR की तैयारी

IDBI कैप्स ने 1,772 करोड़ रुपये फंसे कर्ज के लिए रुचि पत्र मांगा

Advertisement

NARCL ने 15:85 कैश टू सिक्योरिटी रिसीप्ट आधार पर 300 करोड़ रुपये की एंकर बोली दाखिल की, ऋणदाताओं के समूह में एसबीआई, पीएनबी और अन्य बैंक शामिल

Last Updated- October 02, 2024 | 11:13 PM IST
NPA

आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स ऐंड सिक्योरिटीज ने बरेली राजमार्ग परियोजना में भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले ऋणदाताओं के समूह के 1,772.7 करोड़ रुपये का फंसा कर्ज निकालने में दिलचस्पी लेने वाली इकाइयों से रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किया है। स्विस चैलेंज ऑक्शन के माध्यम से 30 अक्टूबर को इसे आवंटित किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक सरकार की नैशनल असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (एनएआरसीएल) ने 15:85 कैश टु सिक्योरिटी रिसीप्ट के आधार पर 300 करोड़ रुपये की एंकर बोली दाखिल की है। यह बोली रिवर्स प्राइस के रूप में होगी, इसके आधार पर स्विस ऑक्शन में काउंटर बोली आमंत्रित की जाएगी।

ऋणदाताओं के समूह में पंजाब नैशनल बैंक, इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस कंपनी (आईआईएफसीएल), बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। नीलामी दस्तावेज के मुताबिक कंसोर्टियम में स्टेट बैंक का सबसे ज्यादा 693.21 करोड़ रुपये बकाया है।

उसके बाद पंजाब नैशनल बैंक के 257.71 करोड़ रुपये, आईआईएफसीएल के 253.45 करोड़ रुपये, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में प्रत्येक के 193 करोड़ रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा के 182 करोड़ रुपये शामिल हैं। रुचि पत्र 7 अक्टूबर तक जमा किया जा सकता है।

उसके बाद दिलचस्पी लेने वाली इकाइयों के पास संपत्ति संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 28 अक्टूबर तक का वक्त होगा। स्विस चैलेंज ऑक्शन 30 अक्टूबर को होनी है, जिसमें इकाइयों को आरक्षित मूल्य में 15 करोड़ रुपये की न्यूनतम वृद्धि के साथ जवाबी बोली दाखिल करनी होगी।

Advertisement
First Published - October 2, 2024 | 10:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement