facebookmetapixel
Advertisement
संप्रभुता, व्यावहारिकता और विकल्प: भारत के लिए जोखिम और समझदारी के बीच का संतुलनEditorial: ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ‘हथौड़ा’ और आगे की राहसुरक्षा के नाम पर अव्यवस्था और ‘चीनी’ रोबोडॉग का स्वदेशी दावा, AI इम्पैक्ट समिट पर उठे गंभीर सवालGDP Rebasing: नए आधार वर्ष से GDP की नई सीरीज तैयार, पर WPI को लेकर अर्थशास्त्रियों में मतभेदEnergy Growth: सरकारी तेल कंपनियों ने खोला खजाना, बीते 10 महीनों में खर्च किए ₹1.07 लाख करोड़US-India Trade: ट्रंप के पास हैं कई व्यापारिक हथियार, धारा 301 और 232 से बढ़ सकती है भारत की टेंशनIDFC First Bank में 590 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी, सरकारी खातों में हेरफेर से मचा हड़कंपMutual Funds: ‘मेगा फंड्स’ का बढ़ा दबदबा, ₹1 लाख करोड़ के क्लब में शामिल हुई तीन और बड़ी योजनाएंSME Growth: अब छोटी कंपनियां भी बना रहीं कर्मचारियों को करोड़पति, ईसॉप्स का बढ़ रहा है क्रेजMarket Alert: क्या सोना-चांदी बनेंगे निवेशकों के लिए सुरक्षित ढाल? ट्रंप के फैसले से मची हलचल

IDBI कैप्स ने 1,772 करोड़ रुपये फंसे कर्ज के लिए रुचि पत्र मांगा

Advertisement

NARCL ने 15:85 कैश टू सिक्योरिटी रिसीप्ट आधार पर 300 करोड़ रुपये की एंकर बोली दाखिल की, ऋणदाताओं के समूह में एसबीआई, पीएनबी और अन्य बैंक शामिल

Last Updated- October 02, 2024 | 11:13 PM IST
NPA

आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स ऐंड सिक्योरिटीज ने बरेली राजमार्ग परियोजना में भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले ऋणदाताओं के समूह के 1,772.7 करोड़ रुपये का फंसा कर्ज निकालने में दिलचस्पी लेने वाली इकाइयों से रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किया है। स्विस चैलेंज ऑक्शन के माध्यम से 30 अक्टूबर को इसे आवंटित किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक सरकार की नैशनल असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (एनएआरसीएल) ने 15:85 कैश टु सिक्योरिटी रिसीप्ट के आधार पर 300 करोड़ रुपये की एंकर बोली दाखिल की है। यह बोली रिवर्स प्राइस के रूप में होगी, इसके आधार पर स्विस ऑक्शन में काउंटर बोली आमंत्रित की जाएगी।

ऋणदाताओं के समूह में पंजाब नैशनल बैंक, इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस कंपनी (आईआईएफसीएल), बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। नीलामी दस्तावेज के मुताबिक कंसोर्टियम में स्टेट बैंक का सबसे ज्यादा 693.21 करोड़ रुपये बकाया है।

उसके बाद पंजाब नैशनल बैंक के 257.71 करोड़ रुपये, आईआईएफसीएल के 253.45 करोड़ रुपये, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में प्रत्येक के 193 करोड़ रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा के 182 करोड़ रुपये शामिल हैं। रुचि पत्र 7 अक्टूबर तक जमा किया जा सकता है।

उसके बाद दिलचस्पी लेने वाली इकाइयों के पास संपत्ति संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 28 अक्टूबर तक का वक्त होगा। स्विस चैलेंज ऑक्शन 30 अक्टूबर को होनी है, जिसमें इकाइयों को आरक्षित मूल्य में 15 करोड़ रुपये की न्यूनतम वृद्धि के साथ जवाबी बोली दाखिल करनी होगी।

Advertisement
First Published - October 2, 2024 | 10:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement