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आवास ऋण: कम दर का मेवा और बेहतर सेवा

Last Updated- December 10, 2022 | 10:37 PM IST

आवास ऋण के लिए इस वक्त कम ब्याज दरों से ज्यादा महत्वपूर्ण मुद्दा है ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मुहैया कराना।
बैंक भी इस बात को महसूस कर रहे हैं और वे ग्राहकों की सहूलियत और जरूरत के लिहाज से अपनी योजनाएं पेश करने की क वायद में जुटे हैं। कुछ ऐसी ही योजनाओं के बारे में हम आपको जानकारी दे रहे हैं जो ग्राहकों द्वारा भुगतान करने के लिहाज से बेहतर है।
बचत खाते के साथ आवास ऋण
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने बाजार में बचत खाते के साथ ‘मैक्सगेन’ नाम से आवास ऋण पेश किया है। वहीं आईसीआईसीआई ने ‘मनी सेवर’ और स्टैंडर्ड चाटर्ड ने ‘होम सेवर’ के नाम से आवास ऋण बाजार में पेश किया है।
कर्ज की यह स्कीम उन लोगों के लिए है जिनके पास नकद तो है लेकिन वे उसे खर्च नहीं करना चाहते हैं। जब आप किसी भी वित्तीय संस्था से कर्ज लेते हैं तो आपको इसके लिए पहले बचत खाता खोलना पड़ेगा। खाते में जो रकम रखी जाएगी, उसे मूल धन के तौर पर रखा जाएगा। बैंक, इस कर्ज राशि में से बचत खाते में मौजूद मूल धन घटा देगा और बाकी बची रकम पर ब्याज लगाएगा।
 मिसाल के तौर पर उधार लेने वाला किसी बैंक से 20 लाख रुपये उधार लेता है और उसके बचत खाते में 5 लाख रुपये नकद हैं। बैंक ईएमआई की गणना करते वक्त केवल 15 लाख रुपये पर ब्याज वसूलता है। ज्यादातर बैंक ब्याज की गणना रोजाना आधार पर करते हैं और महीने के अंत में ब्याज लगाते है।
ग्राहकों को यह स्वतंत्रता होती है कि वे किसी भी समय अपना पैसा वापस ले सकते है और उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तरह के कर्जो पर ब्याज की गणना करना मुश्किल है।
ड्रीम फाइनैंस के एक डायरेक्ट सेलिंग एजेंट तुषार नार्वेकर का कहना है, ‘ईएमआई में हर महीने होने वाला उतार-चढ़ाव बचत खाते में मौजूद नकदी के इस्तेमाल पर निर्भर करता है। कुछ ग्राहक इससे दूर ही रहना चाहते हैं क्योंकि वे ब्याज की गणना के तरीके को लेकर बहुत आश्वस्त नहीं हो पाते हैं।’
हाइब्रिड लोन
जो लोग यह तय नहीं कर पाते कि वे फिक्सड लोन लें या फिर फ्लोटिंग लोन, उनके लिए बैंकों ने दोनों तरह के लोन को जोड़ दिया है। इस योजना में बैंक आधे कर्ज पर तयशुदा ब्याज दर  लगाते हैं और बाकी कर्ज पर फ्लोटिंग लोन के हिसाब से ब्याज दर लगाते हैं।
एक निवेश सलाहकार का कहना है, ‘जब ब्याज दरों में गिरावट आ रही हो तब इस तरह की योजनाएं सार्थक होती हैं और इस वक्त मौजूदा हालात भी कुछ ऐसे ही हैं। आमतौर पर यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि ब्याज दरों में और भी कटौती हो सकती है।’ इससे कर्ज लेने वालों को कम होने वाली ब्याज दरों का फायदा उठाने का मौका भी मिलता है।
लगभग सभी बैंकों मसलन आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, कॉर्पोरेशन बैंक के पास यह विकल्प मौजूद है। डॉयचे बैंक ने इस योजना को फ्लेक्सी होम लोन नाम दिया है जबकि एचडीएफसी ने टू-इन-वन योजना के तहत इसका ऑफर दिया है। कई दूसरे बैंकों मसलन, कोटक महिंद्रा ने लोन में थोड़ी और विभिन्नता के साथ इसका ऑफर दिया है।
कर्ज पर आधी तयशुदा दर और आधी फ्लोटिंग दर लगाने के बजाय बैंकों ने कर्ज को कुछ अवधि के लिए फिक्सड कर दिया है और उसके बाद इसे फ्लोटिंग लोन का रूप दिया है। कोटक ने इसके लिए 3 साल की अवधि तय कर दी है। जबकि एसबीआई और के नरा बैंक ने एक साल के लिए फिक्सड रेट का ऑफर दिया है।
स्ट्रक्चर्ड लोन
डॉयचे बैंक के पास दो स्कीम है जिसे उसने नाम दिया है, स्टेपअप होम लोन और स्टेपडाउन होम लोन। स्टेपअप होम लोन में शुरुआती अवधि में कम ईएमआई का फायदा मिल सकता है। समय बीतने के साथ ही कर्ज पर ईएमआई की रकम बढ़ती जाती है। मनी प्वाइंट एक डायरेक्ट सेलिंग एजेंट है।
उसके निदेशक विनोद प्रजापति का कहना है, ‘इस कर्ज में ब्याज का भुगतान बहुत ज्यादा है क्योंकि बैंक पहले कुछ साल तक केवल ब्याज दर ही लगाता है।’स्टेपडाउन लोन में कर्ज लेने वालों को शुरुआत के कुछ वर्ष तक ज्यादा ईएमआई का भुगतान करना पड़ता है। दूसरे बैंक जो इस तरह के लोन देते हैं, उनमें एचडीएफसी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भी शामिल है।
अगर आप किसी खास वित्तीय संस्थान को तरजीह देते हैं और उसकी स्कीम सूची में ये चीजें शामिल नहीं है तो आप बैंक से बात कर सकते हैं। अपनालोन डॉट कॉम के मुख्य कार्याधिकारी हर्ष रूंगटा का कहना है, ‘कई बैंक इन स्कीमों की मार्केटिंग औपचारिक तौर पर नहीं करते हैं लेकिन वे इससे मिलते-जुलते भुगतान के विकल्प पर काम करने के लिए ख्वाहिशमंद जरूर होंगे।’

First Published - April 1, 2009 | 11:48 PM IST

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