facebookmetapixel
वेनेजुएला संकट: भारत के व्यापार व तेल आयात पर भू-राजनीतिक उथल-पुथल से फिलहाल कोई असर नहींसोमनाथ मंदिर: 1026 से 2026 तक 1000 वर्षों की अटूट आस्था और गौरव की गाथाT20 World Cup: भारत क्रिकेट खेलने नहीं आएगी बांग्लादेश की टीम, ICC से बाहर मैच कराने की मांगसमान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार में

वित्त मंत्री सीतारमण ने वापस लिया Income-Tax Bill, सदन में 11 अगस्त को पेश होगा संशो​धित ड्रॉफ्ट

Income-Tax Bill 2025: बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने ड्रॉफ्ट कानून पर अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद यह कदम उठाया गया।

Last Updated- August 08, 2025 | 4:18 PM IST
Nirmala Sitaraman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)

Income-Tax Bill 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में आयकर विधेयक, 2025 (Income-Tax Bill 2025) को औपचारिक रूप से वापस ले लिया। बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने ड्रॉफ्ट कानून पर अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद यह कदम उठाया गया। अधिकारियों ने बताया कि समिति की अधिकांश सिफारिशों को शामिल करते हुए विधेयक का संशोधित ड्रॉफ्ट 11 अगस्त को संसद में पेश किया जाएगा।

नए इनकम टैक्स बिल को वापस लेकर दोबारा एक सिंगल और अपडेटेड वर्जन पेश करने का फैसला कई ड्रॉफ्ट से होने वाले कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए किया गया है। साथ ही यह सुनि​श्चित करना है कि संसद एक व्यापक और आमरामपर आधारित ​ड्रॉफ्ट पर विचार कर सके। मूल विधेयक 13 फरवरी को पेश किया गया था।

पीटीआई के अनुसार, संशोधित ड्राफ्ट में कई अहम बदलाव किए गए हैं—

  • केवल धार्मिक गैर-लाभकारी संगठनों (NPOs) को मिलने वाले गुमनाम दान पर टैक्स छूट जारी रहेगी।
  • धार्मिक व परोपकारी दोनों तरह के कार्य करने वाले ट्रस्ट (जैसे स्कूल या अस्पताल चलाने वाले) को ऐसे दान पर टैक्स देना होगा।
  • करदाता, आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि के बाद भी टीडीएस रिफंड का दावा बिना पेनल्टी के कर सकेंगे।
  • संशोधित विधेयक पारित होने के बाद मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा और डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुसार भारत के टैक्स कानून को आधुनिक बनाने का काम करेगा।

बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में बनी 31 सदस्यीय चयन समिति

बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में 31 सदस्यीय चयन समिति विधेयक के शुरुआती पेश होने के तुरंत बाद बनाई गई थी, ताकि स्टेकहोल्डर्स से परामर्श और विशेषज्ञों की राय ली जा सके।

पैनल के अधिकतर सुझाव स्वीकार किए गए हैं, जिनमें पारदर्शिता बढ़ाने और करदाताओं की सुविधा के प्रावधान भी शामिल हैं। सोमवार को संसद में पुनः पेश किए जाने वाले इस विधेयक का फोकस सरलीकरण, डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा और अनुपालन के लिए अधिक आधुनिक ढांचे पर रहेगा।

First Published - August 8, 2025 | 4:03 PM IST

संबंधित पोस्ट