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RBI ने पेमेंट एग्रीगेटर के लिए नियम आसान किए, फिनटेक कंपनियां सीमा पार भुगतान में कर सकेंगी विस्तार

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RBI के नए दिशानिर्देशों से पूरी तरह लाइसेंस प्राप्त पीए सीमा पार भुगतान में तेजी से विस्तार कर सकेंगे, पीए-सीबी ढांचे में कारोबारियों की प्रवेश गति बढ़ेगी

Last Updated- October 12, 2025 | 9:53 PM IST
fintech
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नवीनतम दिशानिर्देशों के साथ पूरी तरह से लाइसेंस प्राप्त पेमेंट एग्रीगेटर (पीए) अब सीमा पार  (सीबी) भुगतान जैसे नए सेगमेंट में तेजी से विस्तार कर सकते हैं। नए दिशानिर्देशों से मंजूरियां सुव्यवस्थित हुई हैं और बाजार में प्रवेश में तेज हुआ है।

नए ढांचे के तहत पूर्ण लाइसेंस प्राप्त पीए 30 दिन पहले रिजर्व बैंक को सिर्फ सूचना देकर अन्य पीए श्रेणी में कामकाज शुरू कर सकते हैं। यह पहले की व्यवस्था की तुलना में बड़ा बदलाव है, जिसमें सीबी भुगातान जैसे क्षेत्रों में अलग मंजूरी हासिल करने में एक साल के करीब लग जाते थे। इससे राजस्व वृद्धि और विस्तार में देरी होती थी।

 पूर्ण लाइसेंस प्राप्त पीए के 2 संस्थापकों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि इस कदम से सीबी पेमेंट्स जैसे आकर्षक सेगमेंट में उनकी गो-टू-मार्केट प्लान में तेजी आएगी।

एक पीए स्टार्टअप के संस्थापक ने कहा, ‘अधिकांश फाइनैंशियल टेक्नॉलजी कंपनियां पीए लाइसेंस के साथ शुरुआत करती हैं और बाद में पीए-सीबी में विस्तार करती हैं। एक नियमित पीए लाइसेंस की जरूरतों का कम से कम 80 प्रतिशत, पीए-सीबी में भी समान ही होता है।’

उस व्यक्ति ने कहा कि पूरी तरह से लाइसेंस प्राप्त अधिकांश पीए पहले से ही घरेलू भुगतान के लिए रिजर्व बैंक के मानदंडों को पूरा करते हैं, इसलिए वे अन्य रेगुलेटेड बिजनेस लाइनों में अधिक तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, क्योंकि उनके प्रमुख अनुपालन वह पहले से ही कर रहे होते हैं। रिजर्व बैंक के ताजा दिशानिर्देशों में कहा गया है कि पीए के पास निश्चित रूप से सर्टिफिकेट ऑफ अथराइजेशन (सीओए) होना चाहिए।

मानदंडों में कहा गया है, ‘रिजर्व बैंक द्वारा जारी सीओए रखने वाला एक पीए और किसी अन्य पीए की श्रेणी में बिजनेस शुरू करने का इच्छुक व्यक्ति नया बिजनेस शुरू करने से कम से कम 30 दिन पहले रिजर्व बैंक को सूचित करेगा।’इस समय देश में 56 पूरी तरह से लाइसेंस प्राप्त ऑनलाइन पीए और 6 पीए-सीबी हैं, जिन्हें रिजर्व बैंक की पूरी मंजूरी मिली हुई है।

एक पीए मर्चेंट के फिजिकल या वर्चुअल इंटरफेस द्वारा ट्रांजेक्शन के लिए सुगम किए गए एक या एक से अधिक पेमेंट चैनलों के माध्यम से कस्टमर से मर्चेंट को पेमेंट्स के एग्रीगेशन को सक्षम बनाता है। उसके बाद पीए एकत्र फंड को मर्चेंट का साथ निपटान करता है।  रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार, पीए-सीबी ऐसी इकाइयां हैं जो ऑनलाइन स्वीकार्य वस्तुओं और सेवाओं के आयात और निर्यात के लिए सीबी पेमेंट ट्रांजेक्शन की सुविधा प्रदान करती हैं।

अनुपालन मानदंडों में ढील दिए जाने से पहले की तुलना में तेज गति में पीए-सीबी ढांचे में कारोबारियों के आने की उम्मीद है। दूसरे संस्थापक ने कहा, ‘अब तमाम कारोबारियों सीबी में प्रवेश करते ही 30 दिन पहले अधिसूचित करना होगा। लेकिन नया लाइसेंस जिम्मेदारी डालता है। उन्हें दिखाना होगा कि वे वास्तव में वास्तव में इसके साथ बिजनेस कर रहे हैं।’ कहा जा रहा है कि प्लेयर्स अपने पीए-सीबी योजना के बारे में रिजर्व बैंक को तभी सूचित करेंगे, जब वे वास्तव में नए भुगतान कारोबार में कदम रखना चाहेंगे।

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First Published - October 12, 2025 | 9:53 PM IST

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