facebookmetapixel
त्योहारी मांग और नीतिगत समर्थन से ऑटो सेक्टर रिकॉर्ड पर, यात्री वाहन बिक्री ने बनाया नया इतिहासTata Motors मजबूत मांग के बीच क्षमता विस्तार पर दे रही जोर, सिएरा और पंच फेसलिफ्ट से ग्रोथ को रफ्तार!अधिग्रहण से अगले वर्ष रेवेन्यू 1.5 फीसदी बढ़ेगा, 5G और एआई पर दांव: एचसीएलटेकक्विक कॉमर्स में अब नहीं होगी ‘10 मिनट में डिलिवरी’! गिग वर्कर्स की सुरक्षा पर सरकार सख्तईरान से व्यापार करने वाले देशों पर ट्रंप का 25% टैरिफ, भारत के बासमती चावल और चाय निर्यात पर मंडराया खतराबजट से पहले क्रिप्टो एक्सचेंजों पर सख्त नियमों की तैयारी, सेबी को मिल सकती है बड़ी नियामकीय भूमिका!Editorial: जर्मन चांसलर मैर्त्स की भारत यात्रा से भारत-ईयू एफटीए को मिली नई रफ्तारवीबी-जी राम जी का बड़ा बदलाव: ग्रामीण बीमा से मैनेज्ड इन्वेस्टमेंट की ओर कदमग्लोबल AI सिस्टम की नई पटकथा लिखी जा रही है, भारत के समक्ष इतिहास रचने का मौकाबाजारों ने भू-राजनीतिक जोखिमों को ध्यान में नहीं रखा, घरेलू मांग बनेगी सुरक्षा कवच

कम बनाए रखेंगे ब्याज दर : खारा

Last Updated- December 12, 2022 | 5:16 AM IST

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अर्थव्यवस्था की वृद्धि को समर्थन देने के लिये ब्याज दरों को जितना संभव होगा नरम और अनुकूल बनाए रखेगा। बैंक के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने यह कहा। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर का बैंक की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) पर पडऩे वाले असर के बारे में एसबीआई चेयरमैन ने कहा कि यह लॉकडाउन पूरे भारत में नहीं लगा है। ऐसे में हमें बैंकिंग क्षेत्र पर इसके पडऩे वाले असर की कुछ समय प्रतीक्षा करनी होगी उसका आकलन करना होगा। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति सहित कई चीजें हैं जिनका ब्याज दर पर असर होता है। ‘हमारा प्रयास आर्थिक वृद्धि के प्रयासों को समर्थन देना है। यह सुनिश्चित करने के लिए जितना संभव हो सकेगा, हम ब्याज दरों को नरम बनाए रखने का प्रयास करेंगे।’ खारा ने कहा कि स्थानीय प्रतिबंधों के आधार पर बैंकों के एनपीए परिदृय को लेकर इस समय किसी भी तरह का आकलन जल्दबाजी होगी।    

First Published - May 2, 2021 | 11:10 PM IST

संबंधित पोस्ट