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सूक्ष्म वित्त के ऋण खाते 10 प्रतिशत बढ़े

Last Updated- December 12, 2022 | 3:35 AM IST

आर्थिक रिकवरी के साथ भारत में सूक्ष्म वित्त ऋण भी बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2021 के दौरान यह कर्ज 10 प्रतिशत बढ़कर 2,53,800 करोड़ रुपये हो गया, जो दिसंबर, 2020 को समाप्त हुई तिमाही में 2,31,500 करोड़ रुपये था। बहरहाल पुनर्भुगतान को लेकर दबाव वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की तुलना में चौथी तिमाही में बढ़ा है, जिससे नीचे के स्तर पर कारोबार करने वाले लोगों पर आर्थिक गिरावट के विपरीत असर का पता चलता है। क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (सीआरआईएफ) के आंकड़ों के मुताबिक 90 से अधिक दिन बकाये वाला कर्ज दिसंबर 2020 में 3.8 प्रतिशत था, जो मार्च 2021 में बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गया।  वित्त वर्ष 21 की चौथी तिमाही में सूक्ष्म वित्त के खाते में 1.5 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्ज हुई है और वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में नकारात्मक वृद्धि रही थी। बैंकों की बाजार हिस्सेदारी इसमें 42 प्रतिशत के उच्च स्तर बनी हुई है। 180 से ज्यादा दिन के बकाये का हवाला देते हुए इसमें कहा गया है कि मार्च 2020 में यह 0.8 प्रतिशत था, जो तेजी से बढ़कर दिसंबर, 2020 में 3.4 प्रतिशत पर पहुंच गया और यह मार्च 21 में 4.4 प्रतिशत पर पहुंच गया।

First Published - June 17, 2021 | 9:09 PM IST

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