facebookmetapixel
Advertisement
भाजपा शासित राज्य भी कर रहे नई मनरेगा का विरोध: कांग्रेसमन की बात: पीएम मोदी ने गिनाईं आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियां, C-295 विमान और स्वदेशी क्रूज मिसाइल का किया उल्लेखभारत-सेशेल्स के बीच 19 समझौते, हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा साझेदारी को मिली मजबूतीITR Filing 2026: रिटर्न से पहले लेंगे सभी कागज जांच तो नहीं आएगी आयकर नोटिस की आंचEditorial: QCO नियमों में ढील पर्याप्त नहीं, गुणवत्ता ढांचे की व्यापक समीक्षा जरूरीMission SEHAT: पोषण सुरक्षा के लिए कृषि और स्वास्थ्य को जोड़ेगी नई पहल‘कॉमिक्स’ पत्रकारिता से यह कैसा डर? जो सैको की किताब हटाना ‘प्रकाशन जगत का मजाक’बाजार हलचल: मुंबई में वेदर डेरिवेटिव की नैया, ग्रे बाजार दे रहा सतर्कता का संकेतSIP का बढ़ता दम: ऐक्टिव इक्विटी म्युचुअल फंड AUM में हिस्सेदारी पहली बार 40% के पारVarun Beverages Share: असाही के साथ करार से बढ़ेगा बिजनेस, ब्रोकरेज ने जताई तेजी की उम्मीद

फ्यूचर के एनपीए से इंडियन बैंक को लगेगा झटका

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 8:55 PM IST

फ्यूचर रिटेल को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज और एमेजॉन डॉट कॉम के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए हर संभव कोशिश भले ही की जा रही है लेकिन देश की दूसरी सबसे बड़ी खुदरा कंपनी के ऋण को गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की श्रेणी में रखे जाने से चौथी तिमाही के दौरान कई इंडियन बैंक को तगड़ा झटका लग सकता है।
सूत्रों के अनुसार, चेन्नई के इंडियन बैंक को फ्यूचर रिटेल के खाते को एनपीए की श्रेणी में डालने से चालू तिमाही के दौरान करीब 800 करोड़ रुपये का झटका लगेगा। इससे पहले 27 बैंकों के कंसोर्टियम ने संकेत दिया था कि इस खुदरा कंपनी द्वारा अदायगी न किए जाने के कारण उन्हें कुल मिलाकर करीब 9,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करना होगा।
प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन और किशोर बियाणी के नेतृत्व वाले फ्यूचर समूह ने गुरुवार को अदालत के बाहर विवाद को निपटाने के लिए बातचीत शुरू करने के लिए सहमति जताई। लेनदारों ने इसे एक सकारात्मक संकेत माना है। उनका मानना है कि इससे विवाद का कोई न कोई समाधान जल्द सामने आएगा। जहां तक इंडियन बैंक का सवाल है तो फ्यूचर रिटेल के दो खातों के तहत उसका कुल ऋण करीब 1,100 करोड़ रुपये है। इसमें से 800 करोड़ रुपये को बैंक इसी तिमाही में एनपीए की श्रेणी में रख सकता है।
इससे पहले लेनदारों ने एमेजॉन और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच विवाद को निपटाने के लिए खुली बोली लगाने का सुझाव दिया था। मीडिया खबरों के अनुसार इसके लिए आधार कीमत करीब 17,000 करोड़ रुपये रखने की बात कही गई थी।

Advertisement
First Published - March 3, 2022 | 11:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement