facebookmetapixel
Q3 Preview: घरेलू बिक्री बढ़ी, दवा कंपनियों की Q3 आमदनी में 8-11% तक उछालUPI को ग्लोबल बनाने की जरूरत, छोटे मर्चेंट्स के लिए सेटलमेंट को सही करना जरूरी: Pay10 के फाउंडरवर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल, लेकिन ट्रेनिंग में पीछे छूट रही हैं कंपनियां: रिपोर्टMauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसेदुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्दत्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़

फ्यूचर के एनपीए से इंडियन बैंक को लगेगा झटका

Last Updated- December 11, 2022 | 8:55 PM IST

फ्यूचर रिटेल को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज और एमेजॉन डॉट कॉम के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए हर संभव कोशिश भले ही की जा रही है लेकिन देश की दूसरी सबसे बड़ी खुदरा कंपनी के ऋण को गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की श्रेणी में रखे जाने से चौथी तिमाही के दौरान कई इंडियन बैंक को तगड़ा झटका लग सकता है।
सूत्रों के अनुसार, चेन्नई के इंडियन बैंक को फ्यूचर रिटेल के खाते को एनपीए की श्रेणी में डालने से चालू तिमाही के दौरान करीब 800 करोड़ रुपये का झटका लगेगा। इससे पहले 27 बैंकों के कंसोर्टियम ने संकेत दिया था कि इस खुदरा कंपनी द्वारा अदायगी न किए जाने के कारण उन्हें कुल मिलाकर करीब 9,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करना होगा।
प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन और किशोर बियाणी के नेतृत्व वाले फ्यूचर समूह ने गुरुवार को अदालत के बाहर विवाद को निपटाने के लिए बातचीत शुरू करने के लिए सहमति जताई। लेनदारों ने इसे एक सकारात्मक संकेत माना है। उनका मानना है कि इससे विवाद का कोई न कोई समाधान जल्द सामने आएगा। जहां तक इंडियन बैंक का सवाल है तो फ्यूचर रिटेल के दो खातों के तहत उसका कुल ऋण करीब 1,100 करोड़ रुपये है। इसमें से 800 करोड़ रुपये को बैंक इसी तिमाही में एनपीए की श्रेणी में रख सकता है।
इससे पहले लेनदारों ने एमेजॉन और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच विवाद को निपटाने के लिए खुली बोली लगाने का सुझाव दिया था। मीडिया खबरों के अनुसार इसके लिए आधार कीमत करीब 17,000 करोड़ रुपये रखने की बात कही गई थी।

First Published - March 3, 2022 | 11:51 PM IST

संबंधित पोस्ट