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आईसीआईसीआई बैंक: संभलकर करें बात नहीं तो…

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Last Updated- December 10, 2022 | 7:30 PM IST

आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहक सावधान हो जाएं। ऐसे ग्राहक जो बैंक के कॉल सेंटर के कर्मचारियों से बात करते वक्त अभद्रता से पेश आते हैं, उनके लिए ऐसा कर पाना अब आसान नहीं रह जाएगा।
ऐसा करने के बाद पकड़े जाने की स्थिति में उन्हें बैंक से अपने खातों को चलता करना पड सकता है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब देश के किसी बैंक ने ग्राहकों को इस तरह की चेतावनी जारी की है।
आईसीआईसीआई बैंक ने ग्राहकों को चेताया है कि अगर वे बैंक के कॉल सेंटर कर्मियों के साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं तो इसके परिणामस्वरूप उन्हें बैंक के साथ अपने रिश्ते को समाप्त करना पड़ सकता है।
हालांकि किस तरह की भाषा को अपमानजनक या अभद्र माना जाएगा, बैंक ने इस बारे में कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा है। लेकिन बैंक के सूत्रों का कहना है कि कॉल सेंटर एक्जीक्युटिव  ऐसे ग्राहकों की सूची उपलब्ध करा रहे हैं बैंक इनकी जांच करेगा।
बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि हो सकता है कि हमारी ओर से किसी तरह की समस्या की वजह से ग्राहकों ने झल्ला कर एकाध-बार आपत्ति जनक शब्दों का इस्तेमाल किया तो इस पर गौर नहीं किया जा सकता है लेकिन अगर ग्राहक एक से अधिक बार इस तरह की हरकत करते पाएं जाते हैं तो हम उनके खिलाफ कार्यवाई करेंगे।
गौरतलब है कि बैंक के इस मुद्दे पर सख्त रवैये के पीछे क्या कारण रहे हैं यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है क्योंकि आईसीआईसीआई बैंक सहित विभिन्न सेवा मुहैया कराने वाले कॉल सेंटर एक्जीक्युटिव का कहना है कि आपत्ति जनक भाषाओं का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या महज एक से दो फीसदी के बीच है।
सूत्रों का कहना है कि ज्यादातर कंपनियां जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉस्पीटेलिटी, एयरलाइन और बैंकिंग क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेवाएं मुहैया कराते हैं, उनके साथ ऐसा होना आम बात है। इस बाबत बिजनैस स्टैंडर्ड ने जितने भी वेबसाइटों की पड़ताल की उनमें ग्राहकों के व्यवहार को लेकर लिए एक समान नियमावली नहीं थी।
इस बाबत निजी बैंक के एक एक्जीक्युटिव ने कहा कि लिखित तौर पर इस तरह से कुछ नहीं होता है लेकिन फिर भी एयरलाइन कंपनियों ने शराब पीने वाले ग्राहकों से निपटने के लिए तरीका ढूंढ़ निकाला है जबकि होटल ऐसे ग्राहकों को प्रवेश से मना कर देते हैं जो व्यवहार से शालीन नहीं होते हैं।
आईसीआईसीआई बैंक के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं हम आशा करते हैं कि कारोबार को अधिक से अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए ग्राहकों के साथ हमारा संबंध मधुर रहे। प्रवक्ता ने कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि ग्राहकों की ओर से किया जाने वाला अभद्र व्यवहार हमारे कर्मचारियों को हतोत्साहित करे।
इसी तरह बैंक के एक पूर्व कॉल सेंटर एक्जीक्युटिव ने कहा कि जब वह अपने संभावित ग्राहकों को पर्सलन लोन और क्रेडिट कार्ड की सुविधा को लेकर ग्राहकों से बात करते थे तो उसके साथ प्राय: बुरा बर्ताव किया जाता था। इस पूर्व एक्जीक्युटिव ने कहा कि उस समय उसने अपने अधिकारियों के सामने इस बात को उठाया था जो ग्राहकों को पुन: फोन कर संयह बरतने की सलाह देते थे।
भारत में बैंक और दूरसंचार कंपनियों ने आपत्ति जनक भाषा का प्रयोग करने वाले ग्राहकों से निपटने के  लिए विभिन्न तरकीबें निकाली हैं लेकिन अभी तक किसी ने ग्राहकों से अपने रिश्ते को समाप्त करने की बात नहीं कही है।
सिटीबैंक कॉल सेंटर की एक भूतपूर्व महिला एक्जीक्युटिव जो क्रेडिट कार्ड से जुड़ी ग्राहकों की परेशानियां दूर करती थी, ने कहा कि अगर ग्राहक आपत्ति जनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे उस समय भी उनको फोन रखने की इजाजत नहीं होती थी।
उनके सामने उस समय एक ही विकल्प बचता था और वो था ग्राहकों से संयम बरतने का आग्रह करना। इस महिला ने कहा कि हम ग्राहकों को यह समझाने का प्रयास करते थे कि यह कॉल ग्राहकों की सेवा के लिए ही है। एयरटेल में काम करने वाले एक एक्जीक्युटिव ने कहा कि कंपनी से निर्देश मिला है कि वे ग्राहकों को अपमान जनक भाषा का प्रयोग करते समय सचेत करे और इस घटना को तुरंत नोट कर लें।

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First Published - March 10, 2009 | 5:50 PM IST

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