facebookmetapixel
Advertisement
AI Impact Summit 2026: लेफ्टिनेंट जनरल विपुल सिंघल का बड़ा बयान- AI सिर्फ सलाह दे सकता है, आदेश नहीं₹140 तक जाएगा 100 रु का इंफ्रा स्टॉक! ब्रोकरेज ने कहा- Q3 ने दिखाया बड़ा बदलावIndia AI Impact Summit में बोले आईटी मंत्री, एआई से बढ़ेगी एंटरप्राइज प्रोडक्टिविटीस्वास्थ्य, कृषि और जलवायु चुनौतियों के समाधान के लिए AI पर भारत का फोकस: अश्विनी वैष्णववेनेजुएला के तेल पर मिलने वाली छूट रिकॉर्ड निचले स्तर पर, फिर भी भारतीय रिफाइनर्स को क्यों हैं टेंशनदिग्गज IT स्टॉक पर ब्रोकरेज बुलिश! बोले- AI बनेगा नया ग्रोथ इंजन, गिरावट जरूरत से ज्यादाAI Impact Summit Day 3: नीति, शोध और संप्रभु तकनीक पर बड़ा मंथन, जानें आज किन सत्रों में तय होगा भविष्य का रोडमैपAI Impact Summit 2026: PM बोले- लाभ सभी तक पहुंचे, सिर्फ शुरुआती उपयोगकर्ताओं तक सीमित न रहेंGold-Silver Price Today: दो दिन की गिरावट के बाद सोना-चांदी में चमक, चेक करें आज के रेटYouTube Outage: वीडियो नहीं चल रहे, अमेरिका के 3 लाख से अधिक यूजर्स परेशान

खुदरा कर्ज में होम लोन का हिस्सा घटा, असुरक्षित कर्ज में हुआ इजाफा

Advertisement

शेषज्ञों का कहना है कि पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड सहित अन्य सेग्मेंट की तुलना में आवास ऋण की वृद्धि सुस्त रही है।

Last Updated- January 05, 2024 | 10:36 PM IST
42 thousand crores written off, 9.90 lakh crores waived off in 5 years बट्टे खाते में गए 42 हजार करोड़, 5 साल में 9.90 लाख करोड़ की कर्ज़ माफी

बैंकों द्वारा लिए जाने वाले खुदरा कर्ज में होम लोन की हिस्सेदारी नवंबर में घटकर 47.2 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले 48.7 प्रतिशत थी। असुरक्षित ऋण की हिस्सेदारी बढ़ी है। साल 2021 में खुदरा ऋण में होम लोन की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ऊपर थी।

भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2021 से 2023 के बीच असुरक्षित ऋण (क्रेडिट कार्ड, व्यक्तिगत ऋण और उपभोक्ता वस्तुएं मिलाकर) की हिस्सेदारी 30.91 प्रतिशत से बढ़कर 33.83 प्रतिशत हो गई है।

नवंबर 2023 में बैंकों का असुरक्षित ऋण 15.35 लाख करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की समान अवधि में 12.47 लाख करोड़ रुपये था। 17 नवंबर 2023 को होम लोन 21.77 लाख करोड़ रुपये था, जो एक साल पहले 18.94 लाख करोड़ रुपये था।

सालाना तुलना में एचडीएफसी और एचडीएफसी के विलय के असर को शामिल नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड सहित अन्य सेग्मेंट की तुलना में आवास ऋण की वृद्धि सुस्त रही है। इस वजह से आवास ऋण की प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी कम हुई है।

इक्रा में सीनियर वाइस प्रेसीडेंट मनुश्री सागर ने कहा, ‘बैंकों के आवास ऋण में करीब 15 प्रतिशत वृद्धि जारी है। हालांकि कुछ क्षेत्र जैसे क्रेडिट कार्ड से प्राप्तियां, उपभोक्ता वस्तुओं पर ऋण, व्यक्तिगत ऋण, शिक्षा ऋण, वाहन ऋण और स्वर्ण ऋण में कही ज्यादा वृद्धि दर तय की गई है। इसके परिणामस्वरूप बैंकों के कुल व्यक्तिगत ऋण में आवास ऋण की हिस्सेदारी बढ़ी है।’

Advertisement
First Published - January 5, 2024 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement