facebookmetapixel
Advertisement
Q1 Results: Tata Technologies ने तय कर दी तारीख, अब बाजार को है ऐलान का इंतजारIT से रहें सावधान, बैंकिंग-हेल्थकेयर पर दांव! Tata AMC के CIO ने बताया कहां मिलेगा बेहतर रिटर्नशेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की दमदार वापसी! 6 महीने में लगाया ₹57,203 करोड़, जानें कहां दिख रहा भरोसामॉनसून ने बदली चाल! अब किसानों के लिए आई बड़ी राहत, तेजी से बढ़ सकती है खरीफ की बोआईसरकार के नए नियम से बैटरी कंपनियां परेशान! खुद रिसाइक्लिंग करने पर भी खरीदना पड़ रहा सर्टिफिकेटक्या Airtel बनने वाला है अगला मल्टीबैगर? कई ब्रोकरेज ने दी ‘Buy’ रेटिंगAxis Bank से PNB तक कई बैंकों की कमाई में उछाल! रिजल्ट्स से पहले आई बड़ी रिपोर्टStock Market Today: GIFT Nifty से सपाट शुरुआत के संकेत, एशियाई बाजारों में तेजी; 72 डॉलर से नीचे फिसला ब्रेंट क्रूडStocks To Watch Today: HDFC Bank, Yes Bank, PB Fintech समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, जानिए आज के बड़े ट्रिगर्सITR Filing 2026: नौकरी संग फ्रीलांसिंग से भी कमाई करें तो आयकर रिटर्न कैसे भरें

खुदरा कर्ज में होम लोन का हिस्सा घटा, असुरक्षित कर्ज में हुआ इजाफा

Advertisement

शेषज्ञों का कहना है कि पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड सहित अन्य सेग्मेंट की तुलना में आवास ऋण की वृद्धि सुस्त रही है।

Last Updated- January 05, 2024 | 10:36 PM IST
42 thousand crores written off, 9.90 lakh crores waived off in 5 years बट्टे खाते में गए 42 हजार करोड़, 5 साल में 9.90 लाख करोड़ की कर्ज़ माफी

बैंकों द्वारा लिए जाने वाले खुदरा कर्ज में होम लोन की हिस्सेदारी नवंबर में घटकर 47.2 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले 48.7 प्रतिशत थी। असुरक्षित ऋण की हिस्सेदारी बढ़ी है। साल 2021 में खुदरा ऋण में होम लोन की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ऊपर थी।

भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2021 से 2023 के बीच असुरक्षित ऋण (क्रेडिट कार्ड, व्यक्तिगत ऋण और उपभोक्ता वस्तुएं मिलाकर) की हिस्सेदारी 30.91 प्रतिशत से बढ़कर 33.83 प्रतिशत हो गई है।

नवंबर 2023 में बैंकों का असुरक्षित ऋण 15.35 लाख करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की समान अवधि में 12.47 लाख करोड़ रुपये था। 17 नवंबर 2023 को होम लोन 21.77 लाख करोड़ रुपये था, जो एक साल पहले 18.94 लाख करोड़ रुपये था।

सालाना तुलना में एचडीएफसी और एचडीएफसी के विलय के असर को शामिल नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड सहित अन्य सेग्मेंट की तुलना में आवास ऋण की वृद्धि सुस्त रही है। इस वजह से आवास ऋण की प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी कम हुई है।

इक्रा में सीनियर वाइस प्रेसीडेंट मनुश्री सागर ने कहा, ‘बैंकों के आवास ऋण में करीब 15 प्रतिशत वृद्धि जारी है। हालांकि कुछ क्षेत्र जैसे क्रेडिट कार्ड से प्राप्तियां, उपभोक्ता वस्तुओं पर ऋण, व्यक्तिगत ऋण, शिक्षा ऋण, वाहन ऋण और स्वर्ण ऋण में कही ज्यादा वृद्धि दर तय की गई है। इसके परिणामस्वरूप बैंकों के कुल व्यक्तिगत ऋण में आवास ऋण की हिस्सेदारी बढ़ी है।’

Advertisement
First Published - January 5, 2024 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement