facebookmetapixel
Advertisement
चीन के ट्रकों पर सरकार की बड़ी तैयारी! 10% से 40% हो सकता है आयात शुल्कसहकारी बैंक बदलेंगे? सरकार ने शुरू की बड़ी कवायदकॉफी कारोबार में बड़ा दांव! Kaapi Machines ने पहली बार जुटाए ₹50 करोड़, अब विस्तार की तेज तैयारी2030 तक भारत में सेमीकंडक्टर की मांग 150 अरब डॉलर! AI और डेटा सेंटर देंगे सबसे बड़ा बूस्टरामकृष्ण फोर्जिंग्स को विदेशों से बड़ा भरोसा! FY27 में निर्यात 35% तक पहुंचाने का लक्ष्य, यूरोप-अमेरिका से बढ़े ऑर्डर2 नई SUV बदलेंगी Hyundai की किस्मत? कंपनी ने FY27 के लिए बनाया बड़ा प्लानअब AI तय करेगा क्या बिकेगा और कितना बिकेगा! Target ने बदली रिटेल की पूरी रणनीतिट्रंप के यू-टर्न से टूटा कच्चे तेल का बाजार, ब्रेंट 4% से ज्यादा और WTI 5% से ज्यादा लुढ़काStock Market Today: GIFT Nifty में 100 से ज्यादा अंकों की तेजी के संकेत, एशियाई बाजारों में गिरावट; कच्चा तेल करीब 5% फिसलामहिंद्रा की इलेक्ट्रिक SUV ने पलटी बाजी! घाटे से निकलकर पहली तिमाही में ₹288 करोड़ के मुनाफे से किया बड़ा धमाका

एनपीए की चिंता से बैंकों के पसीने छूटे

Advertisement
Last Updated- December 09, 2022 | 11:26 PM IST

गैर-निष्पादित धन के निपटारे की समस्या बैंकों के लिए नासूर बनती जा रही है। इस संबंध में बैंकों ने अपनी चिंताओं से भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव को अवगत करा दिया है।


साथ ही बैंकों ने इस बात की भी संभावना जताई है कि कंपनियां अपने आय में हो रही कमी को देखते हुए अपने फंडों का निवेश एक परियोजना से हटाकर दूसरी परियोजना में कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि दिसंबर तिमाही केदौरान कंपनियों के शुध्द मुनाफे में आई कमी से बैंकों के लिए एनपीए की समस्या और गहराती जा रही है।

इस बाबत एक सरकारी बैंक के प्रमुख ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि आर्थिक हालात में सुधार के अभी तक कोई संकेत नहीं मिले हैं और जैसा कि पहले आशा की जा रही थी कि मंदी कुछ समय के लिए हैं, ऐसा बिल्कुल नहीं है।

उन्होंने कहा कि हालात के एक बार फिर से पटरी पर आने में अभी खासा समय लग सकता है। आरबीआई ने वर्ष 2008-09 के लिए विकास के अनुमानित लक्ष्य को कम कर दिया है। मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान इसके 7.5-8 फीसदी से घटकर 7 फीसदी रहने की बात कही गई है।

औद्योगिक गतिविधियों में कमी और बाहरी मांगों में गिरावट के कारण अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार के कम होने के खतरे को और ज्यादा बढा दिया है।

Advertisement
First Published - January 29, 2009 | 9:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement