facebookmetapixel
Motilal Oswal MF ने उतारा नया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड, ₹500 से निवेश शुरू; किसे करना चाहिए निवेशBudget 2026: रियल एस्टेट की बजट में होम लोन ब्याज छूट व अफोर्डेबल हाउसिंग सीमा बढ़ाने की मांगIndiGo Q3FY26 Results: फ्लाइट कैंसिलेशन का दिखा असर,मुनाफा 78% घटकर ₹549.1 करोड़ पर आयाGroww MF ने लॉन्च किया Nifty PSE ETF, ₹500 से सरकारी कंपनियों में निवेश का शानदार मौका!क्या बजट 2026 घटाएगा आपका म्युचुअल फंड टैक्स? AMFI ने सरकार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगेंसिर्फ 64 रुपये का है ये SmallCap Stock, ब्रोकरेज ने कहा – ₹81 तक जा सकता है भाव; खरीद लेंRadico Khaitan Q3 Results: प्रीमियम ब्रांड्स की मांग से कमाई को मिली रफ्तार, मुनाफा 62% उछला; शेयर 5% चढ़ारूसी तेल फिर खरीदेगी मुकेश अंबानी की रिलायंस, फरवरी-मार्च में फिर आएंगी खेपें: रिपोर्ट्सSwiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्टBudget 2026 से पहले Tata के इन 3 स्टॉक्स पर ब्रोकरेज बुलिश, 30% अपसाइड तक के दिए टारगेट

जालान समूह ने राजनीतिक दलों को दिया खूब धन

जालान समूह ने अप्रैल 2019 से जनवरी 2024 के बीच कुल 616.92 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे।

Last Updated- March 22, 2024 | 11:29 PM IST
election commission

पश्चिम बंगाल के शीर्ष दानदाता महेंद्र कुमार जालान समूह ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से सबसे ज्यादा चंदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दिया। निर्वाचन आयोग द्वारा अपनी वेबसाइट पर अपलोड किए गए ताजा आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

उच्चतम न्यायालय की फटकार के बाद भारतीय स्टेट बैंक ने चुनावी बॉन्ड से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी आयोग को सौंपी थी, जिसमें अल्फा-न्यूमेरिक यूनिक नंबर भी शामिल है, जिससे बॉन्ड खरीदार और प्राप्तकर्ता राजनीतिक दल के बारे में पता चलता है।

आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक जालान समूह की चार कंपनियों ने भाजपा को कुल 351.92 करोड़ रुपये का चंदा दिया। इनमें केवेंटर फूडपार्क इन्फ्रा (144.5 करोड़), मदनलाल लिमिटेड (175.5 करोड़), एमकेजे एंटरप्राइजेज (26.92 करोड़) और ससमल इन्फ्रास्ट्रक्चर (5 करोड़) शामिल हैं।

समूह ने कांग्रेस को भी 160.6 करोड़ रुपये और बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को 65.9 करोड़ रुपये चंदे के रूप में दिए। जालान समूह की ओर से चंदा पाने वाले अन्य राजनीतिक दलों में भारत राष्ट्र समिति, समाजवादी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल शामिल हैं।

जालान समूह ने अप्रैल 2019 से जनवरी 2024 के बीच कुल 616.92 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे। जालान समूह का नाम चुनावी बॉन्ड के माध्यम से शीर्ष दानदाताओं में शामिल है। जालान समूह की केवेंटर ने सबसे अधिक 195 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे।

इसके बाद 192.42 करोड़ के साथ एमकेजे एंटरप्राइजेज दूसरी सबसे बड़ी चुनावी बॉन्ड खरीदार कंपनी रही। मदनलाल लिमिटेड ने 185.5 करोड़ रुपये और ससमल इन्फ्रास्ट्रक्चर ने 44 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे।

कंपनी की 2019-20 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार मदनलाल लिमिटेड (पूर्व में पैरामाउंट मर्केंटाइल्स लि.) सिक्योरिटीज की खरीद-फरोख्त और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी है। वर्ष 2019-20 में मदनलाल लि. की कुल आय 297.84 करोड़ रुपये और कुल लाभांश 5.18 करोड़ रुपये था। कंपनी ने वर्ष 2019 में 8 और 10 मई के बीच 185.5 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे।

चंदे को कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में अन्य खर्चों में दर्शाया गया था जो कुल 280 करोड़ रुपये था। मार्च 31, 2021 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान मदनलाल लि. का राजस्व बहुत तेजी से गिरकर 8.09 करोड़ पर आ गया जबकि कुल लाभ 4.69 करोड़ दर्ज किया गया था।

केवेंटर (अब मैग्नीफिशेंट फूडपार्क प्रोजेक्ट्स) ने 2019 में 16 अप्रैल, 7 और 8 मई को 195 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे। बिजनेस रिसर्च प्लेटफॉर्म टी-ऑफलर ने एक वित्तीय स्टेटमेंट में दिखाया कि 31 मार्च, 2020 को समाप्त वित्त वर्ष में केवेंटर की कुल आय 203.9 करोड़ रुपये और लाभ 12.4 लाख रुपये था।

जालान समूह

कोलकाता का जालान समूह राजनीतिक क्षेत्र के साथ बेहतरीन संतुलन बनाकर चलने के लिए विख्यात है। महेंद्र कुमार जालान (76) का स्टील ट्रेडिंग से लेकर रियल एस्टेट और एफएमसीजी तक कारोबार फैला है। समूह की मुख्य और अलग कंपनी केवेंटर एग्रो की स्थापना 1986 में बेवरिज कंपनी पारले एग्रो के लिए फ्रैंचाइजी के रूप में हुई थी।

डिब्बाबंद खाना, बेवरिज और डेरी आदि कारोबार से भी यह कंपनी जुड़ी है। वित्त वर्ष 2023 में इसका राजस्व 1,231.3 करोड़ रुपये था। वर्ष 2019 में महेंद्र जालान केवेंटर एग्रो के बोर्ड से हट गए और कंपनी के मानद अध्यक्ष बन गए। लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से पढ़े उनके बेटे मयंक जालान 2004 से कंपनी के विस्तार में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। जालान समूह ने कोलकाता के प्रमुख रियल एस्टेट परियोजनाओं में भी निवेश किया है।

First Published - March 22, 2024 | 11:29 PM IST

संबंधित पोस्ट