नकद लेनदेन के कई फायदे हैं। एक तो निपटान तुरंत हो जाता है और दूसरा लेनदेन की कोई लागत नहीं होती। इसके अलावा नकद लेनदेन गोपनीय भी बने रहते हैं। डिजिटल लेनदेन अपने पीछे एक निशान छोड़ते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उनका पता लगाया जा सकता है। ऐसी तमाम वजह हैं जिनके चलते लोग […]
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भारत दुनिया की सबसे बड़ी प्रवासी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और यहां के करीब 1.85 करोड़ लोग विदेश में रहते हैं। इतना ही नहीं भारत विदेश से वापस धनप्रेषण यानी रेमिटेंस हासिल करने वाला सबसे बड़ा देश भी है। यह इस आवश्यकता को रेखांकित करता है कि वैश्विक श्रम की मांग को पूरा करने […]
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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद द्वारा जारी नए कार्य पत्र में महामारी के बाद देश के हालात में सुधार से जुड़ी एक केंद्रीय कमजोरी को रेखांकित किया गया है। कॉरपोरेट मुनाफा निवेश की तुलना में कहीं अधिक तेजी से सुधरा है। ब्याज और कर पूर्व लाभ (पीबीआईटी) वर्ष 2023-24 में 21.4 फीसदी बढ़ा जबकि सकल […]
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भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह घोषणा करके वित्तीय बाजारों को चौंका दिया कि वह विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) या एफसीएनआर-बी जमा पर स्वैप की सुविधा को तय समय से एक महीने पहले बंद करेगा। गत 5 जून को केंद्रीय बैंक ने बैंकों को एफसीएनआर-बी जमा पर स्वैप सुविधा प्रदान की थी। इसके अलावा […]
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देखभाल (केयरगिविंग) के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने का नीति आयोग का प्रस्ताव समयोचित है। अनुमान है कि 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के भारतीयों की संख्या 2022 में 14.9 करोड़ से बढ़कर 2050 तक 34.7 करोड़ हो जाएगी, जो जनसंख्या का 20.8 फीसदी होगा। महिला श्रम बल की बढ़ती भागीदारी, शहरीकरण, रोजगार के लिए […]
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संसद ने खान एवं खनन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम में जो संशोधन पारित किए हैं वे कारोबार के लिए एक पूर्वानुमानयोग्य और स्थिर माहौल मुहैया कराते हैं। हालांकि इस प्रक्रिया में राजकोषीय संघवाद कमजोर पड़ सकता है और राज्यों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। संशोधन राज्यों के कर या उपकर लगाने या खनिज अधिकारों […]
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टाटा ट्रस्ट्स के साथ महीनों से चल रहे तनाव के बाद टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का पद छोड़ना समूह की विवादित रही संगठनात्मक संरचना में सुधार से जुड़े कदम उठाए जाने का संकेत देता है। एक परोपकारी संस्था टाटा ट्रस्ट्स के भीतर और टाटा ट्रस्ट्स तथा टाटा संस के बीच हुए टकराव के […]
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पंचाट (ट्राइब्यूनल) सुधार विधेयक, 2026 मंगलवार को संसद द्वारा पारित कर दिया गया। लागू हो जाने पर इस विधेयक के प्रावधान पंचाट यानी न्यायाधिकरणों के सदस्यों की नियुक्ति और उससे आगे तक दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं। न्यायपालिका पर मुकदमों का बोझ कम करने और खास तरह के मामलों की सुनवाई व उन पर फैसला […]
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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा राज्यों के वित्तीय अंकेक्षण की हालिया रिपोर्टों ने शीर्ष बजट आंकड़ों और कई राज्यों की वास्तविक वित्तीय हालत के बीच अंतर उजागर कर दिया है। लेखा परीक्षक ने पाया कि बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने जो राजस्व और राजकोषीय घाटा बताया, वह […]
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आर्थिक उदारीकरण के 35 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पिछले दो सप्ताह में इस समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित रिपोर्टों और साक्षात्कारों की श्रृंखला से संकेत मिलता है कि यद्यपि इन वर्षों में काफी कुछ किया गया है, लेकिन भारत को अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। यह विशेष रूप से सरकार के उस […]
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