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WPI Inflation: थोक महंगाई दर 13 महीने के उच्चतम स्तर पर, अप्रैल में बढ़कर 1.26 फीसदी पर पहुंची

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल 2023 में 0.79 प्रतिशत और मार्च 2024 में 0.53 प्रतिशत थी।

Last Updated- May 14, 2024 | 2:42 PM IST
जुलाई में थोक महंगाई 2.04 फीसदी पर, खाद्य कीमतों में नरमी से राहत WPI Inflation: Wholesale inflation at 2.04 percent in July, relief from softening food prices
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WPI Inflation: अप्रैल के लिए थोक महंगाई दर का आंकड़ा आज यानी 14 मई को जारी हो गया। थोक मूल्य सूचकांक (wholesale price index, WPI) आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल में एक फीसदी के आंकड़े को पार करते हुए 13 महीने के उच्चतम स्तर 1.26 प्रतिशत पर पहुंच गई। डब्ल्यूपीआई आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल 2023 में 0.79 प्रतिशत और मार्च 2024 में 0.53 प्रतिशत थी।

इसकी वजह से खाद्य वस्तुओं, बिजली, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, फूड प्रोडक्ट के निर्माण और अन्य मैन्युफैक्चरिंग की कीमतों में वृद्धि है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘‘ अप्रैल 2024 में मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी की मुख्य वजह खाद्य वस्तुओं, बिजली, कच्चे पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस, खाद्य उत्पादों के निर्माण, अन्य विनिर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि रही।’’

आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 6.88 प्रतिशत थी। सब्जियों की महंगाई दर 23.60 प्रतिशत रही, जो मार्च में 19.52 प्रतिशत थी। ईंधन और बिजली में मुद्रास्फीति अप्रैल में 1.38 प्रतिशत रही, जो मार्च में (-)0.77 प्रतिशत थी। अप्रैल डब्ल्यूपीआई में वृद्धि इस महीने के खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों के विपरीत है।

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आरबीआई मौद्रिक नीति बनाते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है। अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 11 महीने के निचले स्तर 4.83 प्रतिशत पर आ गई। आरबीआई ने पिछले महीने लगातार सातवीं बार ब्याज दर अपरिवर्तित रखी और कहा कि वह खाद्य मुद्रास्फीति के बढ़ने के जोखिम को लेकर सतर्क है।

अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति में कमी

भारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित महंगाई दर में 2 आधार अंक की मामूली कमी आई है। अप्रैल में महंगाई दर 11 महीने के निचले स्तर 4.83 प्रतिशत पर आ गई। इसे प्रमुख और ईंधन की महंगाई दर में कमी का सहारा मिला है। हालांकि इस दौरान खाद्य महंगाई दर बढ़ी है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर बढ़कर 8.7 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो इसके पहले के महीने में 8.52 प्रतिशत थी। फल (5.22 प्रतिशत), तेल (9.43 प्रतिशत), मोटे अनाज (8.63 प्रतिशत), और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों मांस और मछली (8.17 प्रतिशत) की कीमत बढ़ी है।

हालांकि इस दौरान सब्जियों (27.8 प्रतिशत) और दलहन (16.84 प्रतिशत) की कीमत में पिछले महीने की तुलना में कमी आई है, लेकिन इनकी महंगाई दर अभी अप्रैल में भी दो अंकों में बनी हुई है।

First Published - May 14, 2024 | 12:51 PM IST

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