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दिसंबर में थोक महंगाई दर में कमी आई

Last Updated- December 12, 2022 | 9:46 AM IST

थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर खुदरा महंगाई की राह चलते हुए दिसंबर में घटकर 4 माह के निचले स्तर 1.22 प्रतिशत पर आ गई है। नवंबर में यह 1.55 प्रतिशत थी। खाद्य वस्तुओं के दाम गिरने से महंगाई घटी है।
बहरहाल प्रमुख महंगाई दर (इसमें खाद्य और ईंधन शामिल नहीं होता) बढ़कर 2 साल के उच्च स्तर 4.2 प्रतिशत पर पहुंच गई है। संभवत: इसकी वजह से भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति फरवरी में दरों में कोई कटौती नहीं कर पाएगी। उपभोक्ता मूल्य पर आधारित महंगाई दर घटकर 15 महीने के निचले स्तर 4.6 प्रतिशत पर आ गई है, उससे बावजूद ऐसा नहीं हो पाएगा।
खाद्य और विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर अलग राह पर हैं। दिसंबर में खाद्य कीमतें 1.61 प्रतिशत गिरी हैं, जबकि इसके पहले महीने में महंगाई दर 2.72 प्रतिशत थी। दरअसल हाल के दिनों में सब्जियों के दाम का असर महंगाई दर पर सबसे ज्यादा रहा है, जिसमें दिसंबर में 13.2 प्रतिशत की गिरावट आई है। खासकर प्याज के दाम 55 प्रतिशत गिरे हैं।
ईंधन और बिजली के दाम में गिरावट आई है, जबकि दिसंबर में रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतें 2.15 प्रतिशत बढ़ी हैं। ईंधन और बिजली के क्षेत्र में अवस्फीति गिरकर दिसंबर में 8.72 प्रतिशत रह गई है, जो इसके पहले महीने में 9.87 प्रतिशत थी।
आईटीएम बी-स्कूल में वित्तीय बाजार विभाग के प्रमुख क्रुपेश ठक्कर ने कहा कि आधार के असर के कारण ईंधन महंगाई सूचकांक ऋणात्मक स्थिति में है, लेकिन रसोई गैस, पेट्रोल व डीजल के दाम में तेजी की वजह से पिछले महीने की तुलना में महंगाई 3.2 प्रतिशत बढ़ी है।
उन्होंने कहा, ‘यह उम्मीद की जा रही थी कि भारत का क्रूड बास्केट दिसंबर 2020 में 15 प्रतिशत बढ़ेगा।’
विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर में तेजी देखी गई है और इसमें दिसंबर में 4.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके पहले महीने में 2.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। बहरहाल इस श्रेणी में प्रसंस्कृत खाद्य वस्तुओं के दाम  कम हुए हैं और यह इस दौरान 4.95 प्रतिशत से घटकर  4,89 प्रतिशत रहा। प्रमुखि महंगाई दर, जैसा कि ऊपर कहा गया है, चिंता का विषय है।
इक्रा में प्रधान अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि जिंस और धातुओं के दाम ज्यादा होने और वैश्विक मांग बहाल होने से डब्ल्यूपीआई बढऩे का अनुमान है।
बैंक आफ बड़ौदा में मुख्य अर्थशास्त्री समीर नारंग ने कहा कि विनिर्मित उत्पादों में 22 जिंसों में से 15 के दाम बढ़े हैं। उन्होंने कहा, ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था बहाल होने से आगे जिंसों के वैश्विक दाम में और तेजी की संभावना है, जिसके कारण थोक मूल्य महंगाई दर बढऩे को लेकर दबाव रहेगा।’

First Published - January 14, 2021 | 11:09 PM IST

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