facebookmetapixel
जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेट कंपनी Eternal पर GST की मार, ₹3.7 करोड़ का डिमांड नोटिस मिलासरकार ने जारी किया पहला अग्रिम अनुमान, FY26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ेगीDefence Stocks Rally: Budget 2026 से पहले डिफेंस शेयरों में हलचल, ये 5 स्टॉक्स दे सकते हैं 12% तक रिटर्नTyre Stock: 3-6 महीने में बनेगा अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज की सलाह- खरीदें, ₹4140 दिया टारगेटकमाई अच्छी फिर भी पैसा गायब? जानें 6 आसान मनी मैनेजमेंट टिप्सSmall-Cap Funds: 2025 में कराया बड़ा नुकसान, क्या 2026 में लौटेगी तेजी? एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की सही स्ट्रैटेजी85% रिटर्न देगा ये Gold Stock! ब्रोकरेज ने कहा – शादी के सीजन से ग्रोथ को मिलेगा बूस्ट, लगाएं दांवकीमतें 19% बढ़ीं, फिर भी घरों की मांग बरकरार, 2025 में बिक्री में मामूली गिरावटIndia-US ट्रेड डील क्यों अटकी हुई है? जानिए असली वजहस्टॉक स्प्लिट के बाद पहला डिविडेंड देने जा रही कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनी! जानें रिकॉर्ड डेट

LRS के तहत भारत से 24 फीसदी ज्यादा रकम भेजी गई विदेश: RBI

भारतीयों ने जनवरी 2024 में अंतरराष्ट्रीय यात्रा के बाद सबसे ज्यादा धन करीबी रिश्तेदारों की देखभाल, विदेशों में शिक्षा और उपहार पर खर्च किया।

Last Updated- March 19, 2024 | 10:10 PM IST
विदेश भेजा गया 20.22 प्रतिशत ज्यादा धन, कुल रकम 24.80 अरब डॉलर, Outward remittances under LRS rise 20% to $24.80 billion in 9MFY24

भारतीय रिजर्व बैंक की उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) से वित्त वर्ष 24 की अप्रैल से जनवरी की अवधि के दौरान करीब 24 प्रतिशत अधिक 27.42 अरब डॉलर विदेश भेजे गए जबकि यह एक साल पहले की अवधि में 22.08 अरब डॉलर था।

जनवरी, 2024 में विदेश 2.62 अरब डॉलर भेजा गया जबकि दिसंबर 2023 में 2.40 अरब डॉलर भेजा गया था। इस तरह जनवरी में करीब 9 प्रतिशत अधिक राशि विदेशी भेजी गई।

वित्त वर्ष 24 की अप्रैल-जनवरी की अवधि में अंतरराष्ट्रीय यात्रा खंड 30.67 प्रतिशत बढ़कर 14.95 अरब डॉलर हो गया जबकि यह बीते साल की समान अवधि में 11.44 अरब डॉलर था। करीबी रिश्तेदारों की देखभाल व विदेशी शिक्षा पर खर्च इस अवधि के दौरान 3.04 अरब डॉलर से बढ़कर 3.95 अरब डॉलर हो गया। इससे भी अधिक राशि विदेश भेजी गई।

भारतीयों ने जनवरी 2024 में अंतरराष्ट्रीय यात्रा के बाद सबसे ज्यादा धन करीबी रिश्तेदारों की देखभाल, विदेशों में शिक्षा और उपहार पर खर्च किया।

आरबीआई के आंकड़ें के अनुसार विदेश में शिक्षा पर 44.946 करोड़ डॉलर, करीबी रिश्तेदारों की देखभाल पर 26.702 करोड़ डॉलर और उपहार पर 20.958 करोड़ रुपये खर्च किए गए। एलआरएस योजना की शुरुआत 2004 में हुई थी।

First Published - March 19, 2024 | 10:10 PM IST

संबंधित पोस्ट