facebookmetapixel
सेना दिवस: भैरव बटालियन ने जीता लोगों का दिल, ब्रह्मोस मिसाइल ने दिखाई अपनी ताकतX ने AI चैटबॉट ग्रोक से महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरों पर लगाया बैन, पेड यूजर्स तक सीमित किया कंटेंट क्रिएशनI-PAC दफ्तर की तलाशी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ED की याचिका पर बंगाल सरकार से जवाब, FIR पर रोकवै​श्विक वृद्धि के लिए हमारी रणनीति को रफ्तार दे रहा भारत, 2026 में IPO और M&A बाजार रहेगा मजबूत27 जनवरी को भारत-ईयू एफटीए पर बड़ा ऐलान संभव, दिल्ली शिखर सम्मेलन में तय होगी समझौते की रूपरेखासुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: टाइगर ग्लोबल को टैक्स में राहत नहीं, मॉरीशस स्ट्रक्चर फेलएशिया प्राइवेट क्रेडिट स्ट्रैटिजी के लिए KKR ने जुटाए 2.5 अरब डॉलर, निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ीचीन के कदम से देसी प्लास्टिक पाइप कंपनियों को दम, पिछले एक साल में शेयर 23% टूटेसेबी लाएगा म्युचुअल फंड वर्गीकरण में बड़ा बदलाव, पोर्टफोलियो ओवरलैप पर कसेगी लगामRIL Q3FY26 results preview: रिटेल की सुस्ती की भरपाई करेगा एनर्जी बिजनेस, जियो बनेगा कमाई का मजबूत सहारा

हरित ऊर्जा परियोजनाओं में 1.2 अरब डॉलर निवेश करेगा ब्रिटेन

Last Updated- December 12, 2022 | 1:22 AM IST

ब्रिटिश सरकार ने आज भारत की हरित परियोजनाओं और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में सार्वजनिक व निजी निवेश के 1.2 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की है। दोनों देशों के बीच 11वें आर्थिक और वित्तीय संवाद (ईएफडी) में ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा की।
उन्होंने क्लाइमेट फाइनैंस लीडरशिप इनीशियेटिव (सीएफएलआई) इंडिया पार्टनरशिप भी पेश किया है, जिसका मकसद भारत में टिकाऊ बुनियादी ढांचे में निजी पूंजी को प्रोत्साहित करना है।  ब्रिटिश उच्चायोग (बीएचसी) ने एक सार्वजनिक बयान में कहा है कि इन निवेशों से भारत को 2030 तक 450 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। सीएफएलआई के तहत प्रमुख वित्तीय इंस्ट्रूमेंट का एक समूह भारत में टिकाऊ बुनियादी ढांचे में निजी पूंजी आकर्षित करेगा, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा जैसे पवन और सौर ऊर्जा व अन्य हरित तकनीकें शामिल हैं।
इसकी अध्यक्षता यूएन के  जलवायु लक्ष्यों और समाधान के विशेष दूत माइकल ब्लूमबर्ग करेंगे। एक बयान में कहा गया है, आज के ईएफडी में चांसलर और वित्त मंत्री आगामी ब्रिटेन-भारत व्यापार वार्ता में भी सेवाओं पर विचार करने को लेकर भी सहमत हुए हैं, जो ब्रिटेन की वित्तीय फर्मों के लिए नए अवसर पैदा करेगी और लंदन में वित्त तक पहुंच में ज्यादा भारतीय कंपनियों को मदद मिल सकेगी। 

अरब डॉलर के पैकेज में सीडीसी से 1 अरब डॉलर निवेश शामिल है, जिसका निवेश 2022 से 2026 के बीच भारत की हरित परियोजनाओं में होगा। सीडीसी का पहले ही भारत में निजी क्षेत्र के निवेश में 1.99 अरब डॉलर का पोर्टफोलियो है। इस साझेदारी में ब्रिटेन और भारत द्वारा एक संयुक्त कोष के गठन का भी प्रस्ताव किया गया है, जो उन कंपनियों में निवेश की पेशकश करेगा, जो नवोन्मेषी हरित टेक सॉल्यूशंस की पेशकश करती हैं।

First Published - September 2, 2021 | 11:58 PM IST

संबंधित पोस्ट