facebookmetapixel
Advertisement
1991 के आर्थिक सुधार अचानक नहीं आए थे, 1970 के दशक में ही बन गई थी बदलाव की जमीन: नितिन देसाईभारत के चॉकलेट बाजार से तेज बढ़ने की तैयारी में फेरेरो रोशे, प्रीमियम सेगमेंट पर नजरRBI गवर्नर की फिनटेक कंपनियों को नसीहत, ‘ग्राहकों के आंकड़ों को व्यावसायिक संपत्ति नहीं, जिम्मेदारी मानें’PNB का वेल्थ मैनेजमेंट और क्रेडिट कार्ड पर बड़ा दांव, 2027 में नई सेवाएं शुरू करने की तैयारीFCNR(B) फंड के इस्तेमाल में लगेंगे 3-4 महीने, असामान्य कर्ज बढ़ने का खतरा नहीं: SBI चेयरमैनक्लोजिंग ऑक्शन में शुरुआती लिक्विडिटी की समस्या सामान्य, SEBI चेयरमैन बोले: दुनिया भर के बाजारों में हुआ ऐसाअगले दौर के सुधारों में डिरेगुलेशन पर जोर, छोटी-छोटी अड़चनें दूर करने की जरूरत: गौबाHDFC बैंक के पक्ष में बहरीन अदालत का फैसला, निवेशकों के सभी 7 मामले खारिजगारंटीशुदा रिटर्न वाली पेंशन योजना की तैयारी, PFRDA ने विशेषज्ञ समिति का किया गठनभारत-रूस व्यापार को 60 से 100 अरब डॉलर तक ले जाने की तैयारी, व्यापार संतुलन पर जोर

भारत में 24 मामलों में पकड़ी गई 11,000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी, एजेंसियों ने भेजा नोटिस

Advertisement
Last Updated- May 12, 2023 | 5:09 PM IST
income tax

भारत सरकार के GST खुफिया महानिदेशालय (DGGI) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 11,000 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी के आरोप में 24 बड़े आयातकों का पता लगाया है। ये खुफिया एजेंसियां उन सभी आयातकों को नोटिस भेज रही हैं जो GST चोरी में पकड़े गए हैं।

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक टैक्स चोरी के 24 मामले सामने आए हैं, जिसमें 11,000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि अभी तक 7 यूनिट्स को इसको लेकर नोटिस भेजे जा चुके हैं।

कैसे पकड़ी गई टैक्स चोरी

टैक्स चोरी पकड़ने के लिए एजेंसी ने एक नए डेटा एनॉलिटिक्स टूल का प्रयोग किया जिसे ‘एडवांस्ड एनॉलिटिक्स इन इनडायरेक्ट टैक्सेसन’ (Advanced Analytics in Indirect Taxation -ADVIT) कहा जाता है। बता दें कि ADVIT एक पॉवरफुल टूल है जो टैक्स पर किसी तरह की हेराफेरी होने की आशंका का पता लगा लेता है और उसके बाद पैटर्न और ट्रेंड्स के आधार पर उसके डेटा का विश्लेषण करता है।

किस तरह की फर्में हैं शामिल

कथित टैक्स चोरी करने के मामले में जिन कंपनियों का नाम सामने आ रहा है उसमें स्टील, कपड़ा (टेक्सटाइल), फार्मास्युटिकल्स, और रत्न व आभूषण (gems and jewelry) से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन कंपनियों पर मुखौटा कंपनी बनाकर फर्जी लेनदेन करने और वस्तु एवं सेवाओं (GST) का लेनदेन किए बगैर ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाने का आरोप है।

आगे भी चलने वाला है टैक्स चोरी पकड़ने का आभियान

पिछले दिनों बिज़नेस स्टैंडर्ड ने बताया था कि GST अधिकारियों ने करीब 1,000 संदिग्ध फर्मों और उनके लाभार्थियों की लिस्ट बनाई है। उन पर भी लेनदेन किए बगैर ही इनपुट क्रेडिट कार्ड का लाभ उठाने का आरोप है।

Also read: GST अधिकारियों ने की फर्जी लेनदेन में शामिल 1000 संदिग्ध फर्मों की पहचान!

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) 2 महीने का विशेष अभियान चलाने जा रही है। अभियान 16 मई से शुरू हो रहा है, जिसके तहत फर्जी GST रजिस्ट्रेशन के जरिये किए गए गलत ICT दावों की पहचान की जाएगी। यह अभियान सभी केंद्रीय और राज्य कर प्रशासन चलाएंगे तथा यह 15 जुलाई तक जारी रहेगा।

मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि संदिग्ध फर्मों की व्यापक जांच भी इस अभियान का हिस्सा होगी।

Advertisement
First Published - May 12, 2023 | 5:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement