facebookmetapixel
Advertisement
Invesco के दो नए ETF लॉन्च, Sensex और Nifty Bank में निवेश का मौका; जानें किसके लिए हैं बेहतरDMart Share Price: स्टोर खोलने की रफ्तार ने बढ़ाई चिंता, शेयर में बड़ी गिरावट; अब क्या करें निवेशक?TVS Motor का शेयर ऑल टाइम हाई पर, ₹2 लाख करोड़ मार्केट कैप से बस चंद कदम दूरमिडकैप-स्मॉलकैप में पैसा लगाने का सही समय? मोतीलाल ओसवाल ने बताई निवेश की नई रणनीतिAir India को पटरी पर आने में लगेंगे 10 साल! टाटा चेयरमैन ने बताई बड़ी वजहप्रधानमंत्री मोदी का फेसबुक वीडियो हटाने पर IT मंत्रालय ने मेटा से मांगा जवाबचीन के सस्ते AI मॉडल बने अमेरिका के लिए खतरा! जेफरीज की वॉर्निंग, निवेशक हो जाएं सतर्क?Coal India: Q1 के बाद ब्रोकरेज बंटे, किसी ने दिया ₹475 का टारगेट तो किसी ने दी ‘Reduce’ की सलाहEPFO Update: शादी के बाद भूलकर भी न करें ये गलती, EPF के पैसे मिलने में हो सकती है बड़ी दिक्कतAdani Green Share Price: बैटरी स्टोरेज पर बड़ा दांव, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; आगे क्यों दिख रही दमदार ग्रोथ?

मार्च में भी निर्यात एक्सप्रेस की चाल सुस्त

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 4:50 AM IST

वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच अक्टूबर 2008 से मांग में कमी के चलते भारतीय निर्यात में मार्च के दौरान 33.3 फीसदी की गिरावट आई है।
गौरतलब है कि निर्यात में लगातार छठे महीने गिरावट दर्ज हुई। वित्त वर्ष 2008-09 में देश का कुल निर्यात 168.70 अरब डॉलर रहा। निर्यात में वृध्दि की दर 3.4 रही। मार्च में निर्यात का स्तर 33.3 फीसदी गिरकर 11.51 अरब हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में देश से 17.25 अरब डालर का निर्यात हुआ था।
पिछले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के दौरान वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में गिरावट के कारण तेल के आयात में 58 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज हुई, जबकि गैर तेल आयात में मार्च के दौरान 18. 9 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।
व्यापार घाटा भी घटकर 4.04 अरब डॉलर हो गया, जो इसे पिछले वित्त वर्ष के दौरान 6.32 अरब डॉलर था। इस तरह 2008-09 में आयात 14.3 फीसदी बढ़कर 287.75 अरब डॉलर हो गया। पिछले वित्त वर्ष के दौरान व्यापार घाटा 119.05 अरब डॉलर का था।
निर्यातकों और अर्थशास्त्रियों को अनुमान है कि स्थिति सुधरने में कुछ और महीने लगेंगे। चालू वित्त वर्ष के संदर्भ में निर्यातक अर्थशास्त्रियों से ज्यादा सकारात्मक दिखते हैं। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के प्रमख अर्थशास्त्री डी. के. जोशी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान निर्यात की वृध्दि दर करीब 5 फीसदी रहेगी।

Advertisement
First Published - May 2, 2009 | 4:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement