facebookmetapixel
Advertisement
एंटरप्राइज एआई में तेजी से बढ़त: यूनिफोर को भारत में दिख रहीं अपार संभावनाएंiPhone के ग्लोबल उत्पादन का 30% भारत में होने की संभावना, Apple की रणनीति में बदलाव की उम्मीद नहींस्टार्टर तकनीक के लिए सेडेमैक की नजर ग्लोबल बाजार पर, टीवीएस-बजाज के बाद विदेशी OEM से बातचीत तेजकीमत बनी सबसे बड़ा फैक्टर: भारतीय ग्राहक 15 लाख के भीतर कार पसंद कर रहे, हाइब्रिड की मांग बढ़ीBEE सख्त नियमों पर कर रहा विचार, 6 प्रमुख कार कंपनियों ने कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य हासिल किएEditorial: एग्रीस्टैक बनेगा ‘अगला UPI’? किसानों के लिए डिजिटल क्रांतिएक बार फिर निजी बैंकों पर भारी सरकारी बैंक, तिमाही मुनाफा रिकॉर्ड ऊंचाई परट्रंप की न्यायिक जंग का वैश्विक असर: टैरिफ फैसले से बढ़ी अनिश्चितताभारत में औद्योगिक-वेयरहाउसिंग का बूम: कॉलियर्स ने इन 30 शहरों को बताया भविष्य के हॉटस्पॉटAbakkus MF ने लॉन्च किया स्मॉल कैप फंड; ₹500 से निवेश शुरू; चेक करें सभी डिटेल

US फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की आक्रामक टिप्पणी के बाद रुपया व सरकारी बॉन्ड स्थिर रहने की उम्मीद

Advertisement

पॉवेल ने जैकसन होल में शुक्रवार को आयोजित सालाना आर्थिक नीति कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हमारा मुद्रास्फीति लक्ष्य दो प्रतिशत है और रहेगा

Last Updated- August 27, 2023 | 10:49 PM IST
Fed Chair Jerome Powell

सोमवार को रुपया और सरकारी बॉन्ड के स्थिर खुलने की उम्मीद है। यह अनुमान घरेलू मार्केट के कारोबारियों ने यूएस फेडरल रिजर्व चेयर जेरोम पॉवेल की आक्रामक टिप्पणी के आधार पर जताया है। पॉवेल ने शुक्रवार को संगोष्ठी जेकसन होल इकनॉमिक सिम्पोजियम में सख्त रुख अपनाया था। पॉवेल की टिप्पणी के बाद अमेरिका के मार्केट में मामूली बदलाव आया। पॉवेल ने इशारा किया था कि महंगाई अधिक रहने के कारण यूएस फेड को ब्याज दरें और बढ़ानी पड़ सकती हैं।

पॉवेल ने जैकसन होल में शुक्रवार को आयोजित सालाना आर्थिक नीति कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हमारा मुद्रास्फीति लक्ष्य दो प्रतिशत है और रहेगा। हम मुद्रास्फीति को समय के साथ कम करने के लिए पर्याप्त प्रतिबंध लगाने के मौद्रिक नीति के कदम को हासिल और कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

सीएमई फेड वॉच टूल के मुताबिक 80 प्रतिशत निवेशकों को सितंबर में होने वाली अगली बैठक में कोष की दरों में बदलाव होने की उम्मीद नहीं हैं।

करूर व्यास बैंक के हेड ऑफ ट्रेजरी के वी. आर. सी. रेड्डी के मुताबिक, ‘मुझे कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखता है। इसका कारण यह है कि मार्केट ने आकलन किया। पॉवेल की टिप्पणी के बाद सभी कुछ आंकड़ों पर निर्भर करता है। अगले मुद्रास्फीति और नौकरी के आंकड़े यह तय करेगा कि फेड क्या कदम उठाएगा।’ बेंचमार्क 10 वर्षीय बॉन्ड का प्रतिफल शुक्रवार को 7.20 प्रतिशत था।

Advertisement
First Published - August 27, 2023 | 10:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement