facebookmetapixel
Advertisement
SGB में मिला मल्टीबैगर रिटर्न, 219% से ज्यादा बढ़ी वेल्थ; ₹1 लाख के बने ₹3.19 लाखSuzlon Energy फिर पकड़ेगा रफ्तार! नए रोडमैप पर ब्रोकरेज बुलिश, BUY रेटिंग के साथ दिए अगले टारगेटHome Loan Insurance: 70% खरीदार 45 साल से कम उम्र के, होम लोन इंश्योरेंस को लेकर क्यों बढ़ी दीवानगी?Golden Crossover: गोल्डन क्रॉसओवर के बाद रडार पर आए ये 3 शेयर, विश्लेषकों को 13% तक तेजी की उम्मीदमई में पैसिव इक्विटी फंड्स में निवेश तीन महीने के लो पर, बाजार की हलचल का दिखा असरFIIs ने लगातार 8 तिमाहियों तक इन 11 शेयरों में घटाई हिस्सेदारी, क्या है वजह?अब घर बैठे खरीद सकेंगे Apple-Tesla के शेयर! Zerodha-Groww ने दी बड़ी खुशखबरीVedanta Demerger: वेदांत डीमर्जर का दूसरा दिन, कुछ शेयरों में हाहाकार तो कुछ में जबरदस्त खरीदारीFarm Loan Waiver: ₹75,000 तक का लोन पूरी तरह माफ, तमिलनाडु के 14.43 लाख किसानों को फायदाअब Credit Card का इस्तेमाल होगा महंगा! ब्याज, फ्यूल और ट्रैवल चार्ज में बड़ा बदलाव; चेक करें डीटेल्स

RBI ब्याज दर पर यथास्थिति बनाए रख सकता है: विशेषज्ञ

Advertisement

RBI ने पिछले साल मई से ब्याज दरों में बढ़ोतरी शुरू की थी, हालांकि इस साल फरवरी के बाद से रीपो दर 6.5 प्रतिशत पर स्थिर है।

Last Updated- July 30, 2023 | 5:51 PM IST
RBI MPC Meeting June 2026
BS

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी आगामी द्विमासिक नीति समीक्षा में लगातार तीसरी बार प्रमुख ब्याज दरों पर यथास्थिति बनाए रख सकता है। विशेषज्ञों ने यह अनुमान जताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के प्रधान दरों में बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू मुद्रास्फीति RBI के सहनशील दायरे में बनी हुई है।

MPC की बैठक 8-10 अगस्त को होगी

RBI ने पिछले साल मई से ब्याज दरों में बढ़ोतरी शुरू की थी, हालांकि इस साल फरवरी के बाद से रीपो दर 6.5 प्रतिशत पर स्थिर है। अप्रैल और जून में पिछली दो द्विमासिक नीति समीक्षाओं में इसमें बदलाव नहीं किया गया। RBI गवर्नर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 8-10 अगस्त को होगी। नीतिगत निर्णय की घोषणा 10 अगस्त को गवर्नर शक्तिकांत दास करेंगे।

Also read: सही दृष्टिकोण: नीतिगत रीपो दर 6.5 फीसदी पर स्थिर

मुद्रास्फीति इस समय पांच प्रतिशत से कम चल रही

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि RBI दरों पर यथास्थिति बनाए रखेगा। इसका कारण यह है कि मुद्रास्फीति इस समय पांच प्रतिशत से कम चल रही है, लेकिन आने वाले महीनों में महंगाई बढ़ने के साथ इसमें कुछ बढ़ोतरी का जोखिम होगा।’

कोटक महिंद्रा बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री उपासना भारद्वाज ने कहा, ‘चूंकि 2,000 रुपये के नोट को वापस लेने की घोषणा के बाद नकदी की स्थिति अनुकूल हो गई है, इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि RBI मौजूदा रुख पर कायम रहेगा।’ उन्होंने कहा कि सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि घरेलू मुद्रास्फीति का रुख कैसा रहता है।

Also read: सवाल: जवाब- ज्यादा बनी रहेगी रियल रीपो दर: जयंत वर्मा

CPI के 6 प्रतिशत से ऊपर जाने का अनुमान

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि सब्जियों की कीमतों में उछाल से जुलाई 2023 में CPI या खुदरा मुद्रास्फीति छह प्रतिशत से ऊपर जाने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि ऐसे में रीपो दर पर यथास्थिति बनी रहने के साथ MPC की काफी तीखी टिप्पणी देखने को मिल सकती है।

Advertisement
First Published - July 30, 2023 | 5:51 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement