facebookmetapixel
Advertisement
8% से कम ब्याज पर लोन नहीं! बड़े बिल्डरों को मना कर रही LIC Housing Finance, जानिए क्यों बदली रणनीतिBajaj Finserv Direct के ब्रेक-ईवन का समय तय, कंपनी ने दी नई समयसीमाStock Market Today: GIFT Nifty ने दिए सुस्त शुरुआत के संकेत, RBI के फैसले और Q1 नतीजों पर रहेगी बाजार की नजरBank Holiday Alert: अगस्त में कई दिन बंद रहेंगे बैंक, ब्रांच जाने से पहले जरूर देखें छुट्टियों की पूरी लिस्टसिगरेट कारोबार को झटका, मगर FMCG ने संभाला ITC; क्या बदल रही है कंपनी की असली पहचान?Stocks To Watch Today: Adani Group से लेकर LIC और Paytm तक, आज इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजरसरकार लाई नया Tax Amendment Bill, गिफ्ट सिटी, विदेशी निवेश कोष और डेटा सेंटर को मिलेंगी टैक्स में छूटManufacturing PMI जुलाई में पांच साल के निचले स्तर पर, कमजोर मांग और बिक्री से सुस्त पड़ा विनिर्माण क्षेत्रFCNR(B) जमा बढ़ने से बैंकों की CD पर निर्भरता घटी, जुलाई में 95 हजार करोड़ रुपये जुटाएकांग्रेस ने मुझे रोका नहीं होता तो मैं भारत का मूल सुधारक होता, 1991 के बजट भाषण में मेरे बजट के कई अंश: यशवंत सिन्हा

निजी खदानें बढ़ाएं उत्पादन, वर्ना कोल इंडिया से नहीं मिलेगा कोयला : मंत्रालय

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 1:13 AM IST

कोयला ब्लॉक रखने वाली निजी क्षेत्र की कंपनियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कोयला मंत्रालय ने कहा है कि या तो वे अपनी खदानों से उत्पादन बढ़ाएं या सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) से कोयले की आपूर्ति के विनियमन का सामना करें। 
मंत्रालय ने खुद के इस्तेमाल के लिए कोयला उत्पादन करने वाली निजी कंपनियों के उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की है। इसमें पाया गया कि इन खदानों से उत्पादन लक्ष्य के बहुत नीचे है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब देश के ताप बिजली संयंत्रों को कोयले की कमी का सामना करना पड़ रहा है। 

बिजली, स्टील और धातु क्षेत्र की निजी कंपनियों को आवंटित 43 कोयला खदानों, जो इस समय परिचालन में हैं, किसी ने भी अपने सालाना उत्पादन का लक्ष्य पूरा नहीं किया है। इन खदानों का आवंटन पिछले 5 साल में हुआ था। 2014 में उच्चतम न्यायालय ने पिछले दो दशक में आवंटित सभी कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द करने का फैसला किया था। 2015 में सरकार ने पहली बार ई-नीलामी से 34 कोयला ब्लॉकों की पेशकश की, जो तीन चरणों में आयोजित की गई।
हिंडाल्को, बालको,  जिंदल, जेएसडब्ल्यू, अदाणी, जीएमआर, एस्सार सहित अन्य कंपनियों को कोयला ब्लॉक दिए गए। 

इन कोयला ब्लॉकों का आवंटन बिजली, लोहा और स्टील क्षेत्रों में कोयले के निजी इस्तेमाल के लिए किया गया। पिछले साल तीन खंडों में कोल ब्लॉकों की नीलामी हुई और 9 ब्लॉकों का सफलतापूर्वक आवंटन किया गया। कोयला मंत्रालय ने एक नोट में कहा, ‘नामित प्राधिकारी द्वारा हाल में निजी इस्तेमाल वाली खदानों से कोयले के उत्पादन की समीक्षा की गई। समीक्षा से पता चलता है कि तमाम आवंटी अपने पीक रेटेड कैपेसिटी (पीआरसी) की तुलना में अपने उत्पादन के कार्यक्रम से बहुत पीछे चल रहे हैं।’ 
देश में कोयले का संकट बढ़ रहा है और 41 बिजली उत्पादन इकाइयां बहुत गंभीर स्थिति में हैं और उनके पास 7 दिन से कम के लिए कोयले का स्टॉक बचा है। मंत्रालय ने कहा है, ‘देश में कोयले की कमी और उत्पादन कम रहने की स्थिति को देखते हुए आपसे अनुरोध किया जाता है कि अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए कोयले का उत्पादन बढ़ाएं।’

मंत्रालय ने आगे कहा है कि अगर जल्द से जल्द उत्पादन नहीं बढ़ाया जाता है तो ‘कोयला मंत्रालय को सुधारात्मक कदम उठाने और आप जैसे अंतिम उपभोग के संयंत्रों को सीआईएल से होने वाली कोयले की आपूर्ति को नियमन के दायरे में करना पड़ेगा।’ 
बिजनेस स्टैंडर्ड ने पहले खबर दी थी कि इन निजी कोयला खदानों में कोयले का उत्पादन लक्ष्य से कम हो रहा है। 2018-19 के दौरान बमुश्किल 3 खदानें अपना सालाना पीआरसी पूरा कर पाई थीं। ज्यादातर कंपनियों ने इसके लिए भूमि और वन मंजूरी को जिम्मेदार ठहराया था। 

चार साल बीतने के बाद भी नीलाम की गई कोयला खदानों से उत्पादन अभी भी लक्ष्य के पीछे है। बहरहाल अब करीब सभी निजी उपयोग की खदानों ने उत्पादन शुरू कर दिया है और उम्मीद की जा रही है कि चालू वित्त वर्ष में 5.4 करोड़ टन कोयले का उत्पादन होगा। निजी उपयोग की कोयला खदानों से उत्पादन इस समय 1.8 करोड़ टन है। इन खदानों का पीआरसी 14.5 करोड़ टन है।

Advertisement
First Published - September 9, 2021 | 12:32 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement