प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का तीसरा दौर जनवरी के मध्य से शुरू होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार इस कार्यक्रम में कुछ बदलाव किए गए हैं। इससे यह आवेदकों के लिए और अधिक आकर्षक हो जाएगा।
12 महीने के इस कार्यक्रम के पायलट के तीसरे चरण में सेवा जैसे कुछ क्षेत्रों में इंटर्नशिप की अवधि कम होने की उम्मीद है। सरकार ने संसद में आंकड़े पेश किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार पायलट कार्यक्रम के पहले दौर की तुलना में दूसरे दौर में ऑफर स्वीकार करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में 12.4 प्रतिशत की गिरावट आई। पहले दौर में 28,141 आवेदकों ने इंटर्नशिप स्वीकार की जबकि यह संख्या दूसरे चरण में घटकर 24,638 हो गई पहली बार जहां 34 प्रतिशत ऑफर स्वीकार किए गए थे, वहीं दूसरी बार यह घटकर 29 प्रतिशत रह गया। हालांकि दूसरी बार में प्रतिशत घटने के बावजूद संख्या के बावजूद संख्या में इजाफा हुआ।
दूसरे दौर में, जुबिलेंट फूडवर्क्स ने 13,658 इंटर्नशिप अवसरों के साथ सबसे अधिक संख्या दर्ज की। इसके बाद पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने 7,880 और एचडीएफसी बैंक ने 6,800 इंटर्नशिप अवसर दिए। दूसरे दौर में लगभग 70 नई कंपनियाँ इंटर्नशिप कार्यक्रम में शामिल हुईं। पीएमआईएस की घोषणा 2024-25 के पूर्ण बजट में की गई थी। इसका उद्देश्य पांच वर्षों में शीर्ष 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के मौके प्रदान करना है।
इस योजना की शुरुआत के रूप में मंत्रालय ने पिछले साल 3 अक्टूबर को इस योजना का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया और लक्ष्य एक वर्ष में 1,25,000 इंटर्नशिप अवसर देना था।