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घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (एचसीईएस) के ताजा आंकड़ों के बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि...

Last Updated- January 01, 2025 | 11:23 PM IST
National People’s Party
प्रतीकात्मक तस्वीर

घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (एचसीईएस) के ताजा आंकड़ों के बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि अगस्त 2023 से जुलाई 2024 की अवधि के दौरान सिक्किम के ग्रामीण क्षेत्र और मेघालय के शहरी क्षेत्र मासिक प्रति व्यक्ति खपत व्यय (Monthly Per Capita Consumption Expenditure) की वृद्धि में सबसे आगे रहे हैं।

आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि ग्रामीण सिक्किम में MPCE इस अवधि के दौरान 21.3 प्रतिशत बढ़कर 9,377 रुपये हो गया। इसके बाद त्रिपुरा के ग्रामीण इलाकों के एमपीसीई में 20.2 प्रतिशत, नगालैंड में 17.4 प्रतिशत और मिजोरम में 14.2 प्रतिशत वृद्धि हुई है। बहरहाल इस अवधि के दौरान शहरी मेघालय में एमपीसीई 21.9 प्रतिशत बढ़कर 7,839 रुपये हो गया है, जिसके बाद मणिपुर (21.8 प्रतिशत) और सिक्किम (15.1 प्रतिशत) का स्थान है।

दूसरी ओर गिनी गुणांक, जिसे खपत असमानता का मापक माना जाता है, 2022-23 के स्तर से आगे और घटा है। ग्रामीण इलाकों के लिए 2023-24 में गिनी गुणांक घटकर 0.237 हो गया, जो 2022-23 में 0.266 था। शहरी इलाकों में यह 2022-23 के 0.314 से घटकर 2023-24 में 0.284 रह गया।

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First Published - January 1, 2025 | 11:16 PM IST

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