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वेतन बढ़ोतरी कोविड से पहले के स्तर पर पहुंची

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Last Updated- December 11, 2022 | 7:02 PM IST

वेतन में औसत वृद्धि वित्त वर्ष 2022 में लगभग 8.13 प्रतिशत रही है और यह कोविड के पहले के स्तर के करीब पहुंच रहा है। एक प्रमुख कंपनी टीमलीज सर्विसेज इंडिया की नौकरियों और वेतन से जुड़े प्राइमर रिपोर्ट के नवीनतम संस्करण में ऐसा रुझान देखने को मिला है। पिछले संस्करण के दौरान यह औसत वृद्धि लगभग 7.12 प्रतिशत थी।
रिपोर्ट के अनुसार, जिन 17 क्षेत्रों की समीक्षा की गई है उनमें से 14 ने एकल अंकों की वृद्धि का संकेत दिया है जबकि ई-कॉमर्स और तकनीकी स्टार्टअप, स्वास्थ्य देखभाल और संबद्ध उद्योग तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और ज्ञान सेवाएं केवल तीन ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें 10 प्रतिशत से अधिक वेतन वृद्धि दर्ज की जाती है।
आठ फंक्शन, 263,000 अस्थायी प्रोफाइल, 17 उद्योगों और 9 शहरों में नौकरियों और भुगतान के रुझानों को कवर करने के लिए किए गए गहन शोध पर आधारित रिपोर्ट में पाया गया कि कंपनियां कुशल लोगों को तरजीह देने से पीछे नहीं हट रही हैं। उदाहरण के लिए, अति विशिष्ट नौकरियों के लिए वेतन में बढ़ोतरी 11 फीसदी से 12 फीसदी के बीच है। इसके अलावा, शहरों के लिहाज से देखा जाए तो इस मामले में, अहमदाबाद, बेंगलूरु, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई और पुणे 12 प्रतिशत या उससे अधिक की बढ़ोतरी के साथ वेतन भुगतान करने वाले प्रमुख शहरों में से एक थे। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि अधिकांश क्षेत्र कोविड की वजह से बनी मंदी की स्थिति से उबर चुके हैं और 17 क्षेत्रों में से 10 ने 7-10 प्रतिशत की प्रगति दर का संकेत दिया है, बाकी 5.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहे हैं। रिपोर्ट के बारे में विस्तार से बताते हुए, टीमलीज़ सर्विसेज की सह-संस्थापक और कार्यकारी उपाध्यक्ष रितुपर्णा चक्रवर्ती ने कहा कि वेतन वृद्धि अभी तक दो अंकों की वृद्धि दर्ज नहीं कर पाई हैए लेकिन पिछले दो वर्षों में नौकरी के बाजार में वेतन वृद्धि घटने और इसमें ठहराव का चरण अब खत्म होने के करीब है। उन्होंने कहा, ‘विभिन्न प्रोफाइल की भूमिकाओं और क्षेत्रों में मांग और सुधार के संकेत हैं और संभव है कि जल्द ही वेतन वृद्धि कोविड से पहले के स्तर तक पहुंच जाएगा।’ रिपोर्ट में एक और अहम बात निकल कर आई है कि भारतीय कंपनियां अब अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक और नए दौर की भूमिकाओं के लिए दिलचस्पी दिखाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 में जहां 17 में से केवल पांच क्षेत्रों ने इस तरह की नौकरियों के मौके तैयार किए वहीं वित्त वर्ष 2021-22 में 9 क्षेत्रों ने इस तरह की नौकरियों के मौके दिए।
काम के संदर्भ में देखा जाए तो बिक्री और आईटी भूमिकाओं का दबदबा बना हुआ है भले ही सभी क्षेत्र कोविड से पहले के स्तर की ओर बढ़ रहे हैं जिसकी वजह से सामान्य स्थिति में लौटने के मौजूदा चरण के लिए दो कार्य महत्त्वपूर्ण बने हुए थे। नतीजतन, बिक्री प्रोफाइल के लिए औसत वेतन वृद्धि 7.41 प्रतिशत रही, जबकि आईटी प्रोफाइल के लिए यह 9.23 प्रतिशत थी। इसी तरह, वेतन वृद्धि के मामले कुछ प्रोफाइल में सबसे तेजी से बढ़ते हुए नजर आए और यह स्वास्थ्य देखभाल और फार्मास्यूटिकल्स में अनुसंधान एवं विकास विश्लेषकों के नेतृत्व में 9.39 फीसदी की दर पर रहा, आईटी और ज्ञान सेवाओं में नेटवर्क इंजीनियर के लिए यह 9.33 प्रतिशत और ऑटोमोबाइल और संबद्ध उद्योग में ऑटोकैड इंजीनियर के लिए यह 9.05 प्रतिशत के स्तर पर है।
इस बीच, घर से काम करने के संदर्भ में देखा जाए तो रिपोर्ट में पाया गया कि बीपीओ और आईटी, ई-कॉमर्स और टेक स्टार्टअप, शैक्षिक सेवाएं, आईटी और ज्ञान सेवाओं जैसे क्षेत्रों को कारोबार की निरंतरता के कारण घर से काम करने के प्रोफाइल से फायदा मिलने की संभावना है। इसके विपरीत, कृषि और कृषि रसायन, ऑटोमोबाइल और संबद्ध उद्योग, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफ एसआई), स्वास्थ्य देखभाल और फार्मास्यूटिकल्स और एफएमसीजी एवं खुदरा जैसे क्षेत्रों को ऐसी भूमिकाओं से फायदा होने की संभावना नहीं थी।

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First Published - May 13, 2022 | 12:36 AM IST

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