प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद शुक्रवार की सुबह आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए वित्तीय संस्थानों और विश्लेषकों से व्यावहारिक समाधान तैयार करने और बाजार के विश्वास को मजबूत करने में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और अकादमिक जगत के बीच सहयोग को औपचारिक रूप देने के […]
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सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और संबंधित आंकड़ों को मापने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। पहले की एकल मूल्य सूचकांक (डिफ्लेटर) पद्धति से जुड़ी आलोचनाओं के बाद यह कदम उठाया गया है क्योंकि इससे उत्पादन और खर्च के आंकड़ों में फर्क आ रहा था। यह बदलाव सिर्फ आधार वर्ष को 2011-12 से 2022-23 […]
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भारतीय कंपनियों की शुक्रवार को जारी विनिर्माण के आंकड़ों पर करीबी निगाह रह सकती है। 2022-23 के संशोधित आधार वर्ष के साथ जारी ये आंकड़े सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की नई श्रृंखला पर आधारित हैं। बीते सालों में कारोबारी परिणामों में नजर आई वृद्धि 2011-12 आधार वर्ष वाली जीडीपी श्रृंखला में नजर नहीं आती थी। […]
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भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष बनाकर आज नई राष्ट्रीय आय श्रृंखला जारी। इसके आधार पर चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था की वास्तविक वृद्धि दर 7.6 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है जो बीते तीन वित्त वर्ष में सबसे अधिक वृद्धि है। मगर इसने नॉमिनल जीडीपी वृद्धि आधार को कम कर दिया है। […]
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मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 0.20 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7.0-7.4 प्रतिशत कर दिया गया है और इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था का आकार आसानी से 4,000 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा। जनवरी में संसद में पेश आर्थिक […]
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नई श्रृंखला के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में कृषि और संबद्ध गतिविधियों में सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) की वृद्धि दर गिरकर 2.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह न केवल पिछले वर्ष के 4.9 प्रतिशत के अनुमानों से कम है बल्कि पुराने आधार वर्ष के 3.1 प्रतिशत के अनुमानों से भी कम है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम […]
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दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार नॉमिनल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट के कारण राजकोषीय घाटा थोड़ा बढ़ गया है और ऋण अनुपात भी थोड़ा अधिक हो गया है। लिहाजा आने वाले समय में अधिक तीव्र समेकन की आवश्यकता होने की उम्मीद है। दरअसल, 345.47 लाख करोड़ रुपये के नॉमिनल जीडीपी को आधार मानने से […]
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भारत के पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रणव सेन का कहना है कि इन बदलावों की सावधानीपूर्वक जांच होनी चाहिए। सेन ने अभिजीत कुमार से कई महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। पेश हैं मुख्य अंश : नई श्रृंखला के तहत कौन से कार्यप्रणालीगत बदलाव महत्त्वपूर्ण हैं और क्यों? दोहरी अपस्फीति का मुद्दा महत्त्वपूर्ण है। इसका मतलब है […]
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में निजी अंतिम खपत व्यय (पीएफसीई) बढ़कर 7.7 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 5.8 प्रतिशत था। इससे खपत मांग पटरी पर लौटने के संकेत मिलते हैं। वित्त वर्ष 2026 के लिए सकल घरेलू उत्पाद […]
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New GDP series: आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित नई राष्ट्रीय आय सीरीज के तहत चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 7.4 फीसदी की तुलना में ज्यादा है। FY26 में GDP ग्रोथ 7.6% रहने का अनुमान सांख्यिकी एवं कार्यक्रम […]
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