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बिजली उत्पादन में अब दिख रहा सुधार

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Last Updated- December 12, 2022 | 12:32 AM IST

कोविड-19 के मामले में कमी आने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों के साप्ताहिक संकेतकों ने ताजा सप्ताह के लिए मिले-जुले रुझान दिखाए हैं। बिजली उत्पादन जैसे कुछ संकेतकों ने पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया जबकि माल ढुलाई के आंकड़ों में कम वृद्धि दिखी। कोविड-19 के मामले पर नजर रखने वाली एक ‘कोविड-19 इंडिया डॉट ओआरजी’ वेबसाइट के अनुसार, रविवार को कोविड-19 मामलों के सात-दिनों के औसत में 22.1 प्रतिशत की कमी आई और मामले कम होकर 22,287 के स्तर पर चले गए।
बिजली उत्पादन में 2019 और 2020 के कैलेंडर वर्ष के इसी सप्ताह की तुलना में बढ़त दिखी। हालांकि बिजली उत्पादन ताजा सप्ताह के दौरान इससे पिछले हफ्ते की तुलना में कम था। 3 अक्टूबर, 2021 को खत्म हुए सप्ताह के दौरान देश भर में बिजली संयंत्रों ने प्रतिदिन औसतन 380 करोड़ यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन किया जो एक सप्ताह पहले के 390 करोड़ यूनिट से 2.3 प्रतिशत कम है। हालांकि यह साल 2020 में इसी सप्ताह में बिजली उत्पादन की तुलना में लगभग दो प्रतिशत अधिक और 2019 से लगभग 18 प्रतिशत अधिक था।
पहले की तुलना में अब ज्यादा लोग काम पर जा रहे हैं। कार्यस्थल पर जाने वालों का जायजा लेने के लिए सर्च इंजन गूगल अनाम स्थान के डेटा का इस्तेमाल करती है जिसके जरिये खुदरा दुकानों और मनोरंजन वाली जगहों की गतिविधियों का जायजा लिया जाता है। ये डेटा एक अंतराल के साथ जारी किए जाते हैं। ताजा आंकड़े 28 सितंबर तक के हैं। कार्यस्थल पर जाने वालों की तादाद अब कोविड से पहले के स्तर के 93.7 प्रतिशत पर है।
बिज़नेस स्टैंडर्ड नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन पर भी नजर रखता है। यह उत्सर्जन औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों से होता है। उच्च स्तर अधिक आर्थिक गतिविधि की ओर इशारा करते हैं। 2019 की इसी अवधि की तुलना में दिल्ली में उत्सर्जन 7 प्रतिशत कम था। बांद्रा इलाके के आंकड़ों के आधार पर मुंबई उत्सर्जन 45 प्रतिशत कम है।
वैश्विक लोकेशन तकनीक कंपनी टॉमटॉम इंटरनैशनल के आंकड़ों से पता चलता है कि प्रमुख शहरों में यातायात की भीड़ कम हो गई है। 2019 की इसी अवधि के दौरान साप्ताहिक भीड़ की तुलना में मुंबई का यातायात 27 प्रतिशत कम था। नई दिल्ली में इसमें 22 प्रतिशत की कमी देखी गई। यह पिछले सप्ताह से भी खराब है। उस वक्त दोनों जगहों पर यातायात की भीड़ में 17 फीसदी की कमी आई थी।
ताजा सप्ताह के दौरान भारतीय रेल द्वारा की जाने वाली माल ढुलाई की वृद्धि में कमी आई। पिछले सप्ताह में यह 4.9 फीसदी थी जो रविवार, 3 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 0.9 प्रतिशत के स्तर पर आ गई। माल ढुलाई राजस्व में वृद्धि 10.3 प्रतिशत से कम होकर 5.5 प्रतिशत हो गई।

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First Published - October 4, 2021 | 11:29 PM IST

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