facebookmetapixel
IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’

भारत में निवेश की तैयारी में कई चिप विनिर्माता

चंद्रशेखर ने कहा, ‘मौजूदा समय में यह स्पष्ट हो गया है कि कई कंपनियां भारत में निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।

Last Updated- July 30, 2023 | 10:47 PM IST
Semiconductor

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि मेमरी चिप निर्माता माइक्रॉन टेक्नोलॉजी द्वारा संयत्र लगाने की घोषणा किए जाने के बाद कई सेमीकंडक्टर निर्माताओं ने देश में चिप निर्माण संयंत्र लगाने में दिलचस्पी दिखाई है।

बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ एक साक्षात्कार में चंद्रशेखर ने कहा कि मेमरी चिप निर्माण में कुछ बड़ी कंपनियां एसेंबली, टे​स्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) तथा निर्माण संयंत्रों के लिए भारत पर ध्यान दे रही थीं। इसके अलावा, कम्पाउंड सेमीकंडक्टर एटीएमपी कंपनियां भारत में निवेश की संभावना तलाश रही हैं।

माइक्रॉन ने पिछले महीने सरकार की 10 अरब डॉलर की पीएलआई योजना के तहत गुजरात में सेमीकंडक्टर एटीएमपी संयंत्र लगाने की योजना का खुलासा किया था। कंपनी ने 2024 के अंत तक 2.75 अरब डॉलर का संयंत्र चालू करने की योजना बनाई है।

चंद्रशेखर ने कहा, ‘मौजूदा समय में यह स्पष्ट हो गया है कि कई कंपनियां भारत में निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। मेमरी चिप में बड़ा नाम माइक्रॉन के कदम से उन अन्य कंपनियों के ​लिए नि​श्चित तौर पर महत्वपूर्ण संदेश गया है जो इस क्षेत्र से दूरी बनाए हुए थीं और सतर्कता के साथ इन अवसरों की परख कर रही थीं। अब इन कंपनियों का कहना है कि यदि माइक्रॉन ऐसा कर सकती है, तो भारत में हमें इस क्षेत्र में निवेश क्यों नहीं करना चाहिए।’

चिप निर्माण के लिए स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं का अभाव भारत में चिप निर्माण तंत्र निर्माण की राह में उद्योग हितधारकों की मुख्य चिंताओं में से एक था। चिप निर्माण के लिए कई तरह के कच्चे माल की जरूरत होती है। मंत्री ने कहा, ‘माइक्रॉन की घोषणा से फैब और एटीएमपी की आपूर्ति श्रृंखला के बारे में जागरुकता भी पैदा हो रही है, चाहे वह गैस, मिनरल, उपकरण की प्रदाता हो या लॉजि​स्टिक की, उन्हें नए अवसरों की तलाश शुरू करनी चाहिए। नि​श्चित तौर पर माइक्रॉन आपूर्ति श्रृंखला और भारत आने वाली अन्य कंपनियों के लिए प्रेरक साबित होगी।’

चंद्रशेखर ने कहा कि अपने कौशल कार्यक्रम के तहत, सरकार ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग भी मुहैया करा सकतीहै, जिसमें सीखने वाले को पाठ‌्यक्रम के एक सेमेस्टर के लिए अगले एक या दो साल के दौरान देश से बाहर चिप फैब्स में प्र​शि​क्षित किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि उद्योग हितधारकों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर सरकार डिजाइन-केंद्रित रियायत (डीएलआई) योजना का दायरा सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए बढ़ा सकती है, जिनमें बड़ी कंपनियां (विदेशी और भारतीय, दोनों) शामिल होंगी।

सेमीकंडक्टर पीएलआई कार्यक्रम के तहत सरकार उन विशेष डिजाइन की शुद्ध बिक्री पर 6 प्रतिशत तक रियायत देगी जो भारतीय बौद्धिक संपदा (आईपी) में मदगार हों। योजना के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, डीपीआईआईटी द्वारा निर्धारित स्टार्टअप और एमएसएमई इन रियायतों के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।

सरकार ने नवाचार से जुड़ी सेमीकंडक्टर निर्माण कंपनियों की मदद के लिए 20 करोड़ डॉलर की रा​​शि निर्धारित की है। अब तक एआई से लेकर वेक्टर प्रोसेस से जुड़े सात स्टार्टअप को इस फंडिंग के लिए स्वीकृति दी गई है। यह योजना सरकार द्वारा वर्ष 2021 में घो​षित 10 अरब डॉलर के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा है।

First Published - July 30, 2023 | 10:47 PM IST

संबंधित पोस्ट