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मेक इन इंडिया 21वीं सदी की जरूरत : मोदी

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:56 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उद्योग जगत से उन वस्तुओं का आयात घटाने की कवायद करने की अपील की है, जिनका भारत में विनिर्माण हो सकता है। भूराजनीतिक तनावों के बीच उन्होंने कहा कि अब मेक इन इंडिया पहले की तुलना में कहीं ज्यादा अहम हो गया है।  
बजट के बाद मेक इन इंडिया पर आयोजित एक वेबिनॉर में बोलते हुए मोदी ने कहा कि विनिर्माताओं को सेमीकंडक्टरों व इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों में विदेशी स्रोतों पर निर्भरता खत्म करने की जरूरत है। इसी तरह से स्टील और मेडिकल उपकरणों में भी स्वदेशी विनिर्माण पर ध्यान देने की जरूरत है।
मोदी ने कहा, ‘अगर कच्चा माल किसी देश से बाहर जाता है और विनिर्मित सामान का आयात वहां से होता है तो यह किसी भी देश के लिए घाटे का सौदा है। हमें भारत में विनिर्माण का जोरदार आधार बनाने पर कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। हमें मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। इसकी आज देश को बहुत ज्यादा जरूरत है और यह जरूरत और बढ़ रही है।’ उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रीय सुरक्षा के हिसाब से देखें तो आत्मनिर्भरता बहुत जरूरी है।
मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच टकराव चल रहा है और इसकी वजह से वैश्विक आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है। इसके पहले भी महामारी बढऩे पर आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई थी जिसके कारण देशों को आत्मनिर्भरता की दिशा में विचार करने पर विवश होना पड़ा था। उन्होंने स्थानीय उत्पादों के लिए नए केंद्र की जरूरत पर जोर किया और निजी क्षेत्र से अनुरोध किया कि अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के उन्नयन व विविधीकरण के लिए वे शोध एवं विकास पर खर्च बढ़ाएं। उन्होंने खनन, कोयला और रक्षा क्षेत्र खोले जाने के साथ नई संभावनाएं खुलने का मसला भी उठाया। उन्होंने कहा, ‘आपको वैश्विक मानक बनाए रखना होगा और साथ ही वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी होगी।’
मोदी ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को लागू करने में तेजी लाने के लिए उद्योग से सुझाव भी मांगे।
इस वेबिनॉर को संबोधित करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस समय आत्मनिर्भरता संबंधी भारत की कहानी को पूरा विश्व अपनाना चाहता है और अन्य देश भी आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रम के बारे में बात कर रहे हैं।
उधर यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि अगर पहले की नीतियां ठीक रही होतीं तो आपको पढ़ाई करने विदेश न जाना पड़ता।

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First Published - March 3, 2022 | 11:43 PM IST

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