facebookmetapixel
Advertisement
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर RSS ने दिया पहला बयान, कहा: घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कड़ी सजाEditorial: दिल्ली की नई EV नीति सही दिशा में, लेकिन अभी भी कई बड़े सुधार की जरूरतभारत को अपना AI मॉडल बनाने का जरूरत नहीं, मजबूत AI इकोसिस्टम पर दांव लगाना सही कदमहिमाचल में 2027 की चुनावी बिसात: खस्ताहाल खजाना और गुटबाजी के बीच सुक्खू सरकार की बढ़ी बेचैनीविदेशी निवेशकों से रुपये में लिया जाएगा रेगुलेटरी शुल्क, FPI और FVCI के लिए SEBI बदलने जा रहा है नियमकॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में आई जबरदस्त रौनक, भारतीय कंपनियों ने एक ही दिन में जुटाए ₹15,960 करोड़Nifty IT इंडेक्स 30% टूटा, फिर भी पैसिव फंड्स का एयूएम 23% बढ़कर ₹5,800 करोड़ के पार‘विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू म्युचुअल फंड बने शेयर बाजार की ढाल’, SEBI का बड़ा दावाअल नीनो और महंगे ईंधन की दोहरी मार: होटलों की कमाई पर मंडराया संकट, पानी की कमी ने बढ़ाई मुश्किलेंईरान युद्ध के बीच IPO बाजार में म्युचुअल फंडों का जलवा, कई सालों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची हिस्सेदारी

LRS: विदेश में कम भेजी गई रकम, निकट संबंधियों पर खर्च में कमी मुख्य कारण

Advertisement

विदेश धन प्रेषण में सर्वाधिक व्यय किए जाने वाले मद अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर होने वाला खर्च पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 4.04 प्रतिशत बढ़कर 1.14 अरब डॉलर हो गया है।

Last Updated- June 19, 2024 | 11:00 PM IST
विदेश में कम भेजी गई रकम, निकट संबंधियों पर खर्च में कमी मुख्य कारण, Outward remittances under LRS dips 2% in April, says RBI bulletin

भारतीय रिजर्व बैंक की उदार धनप्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत विदेश भेजे जाने वाले धन में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अप्रैल 2024 में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई है। विदेश में रह रहे निकट संबंधियों पर किए जाने वाले खर्च और जमा की जाने वाली राशि में कमी के कारण ऐसा हुआ है।

भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा बुलेटिन के मुताबिक योजना के तहत अप्रैल 2024 में रेमिटेंस 2.28 अरब डॉलर रहा है, जो अप्रैल 2023 के 2.33 अरब डॉलर की तुलना में 1.98 प्रतिशत कम है। अप्रैल 2024 में निकट संबंधियों की देखभाल के लिए भेजा गया धन घटकर 29.169 करोड़ डॉलर रह गया है, जो एक साल पहले 44.938 करोड़ डॉलर था। जमा से जुड़ा रेमिटेंस पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 29.7 प्रतिशत 7.267 करोड़ डॉलर रह गया है।

उपहारों के रूप में भेजा गया धन 8.43 प्रतिशत कम होकर 31.116 करोड़ डॉलर रह गया है। विदेश धन प्रेषण में सर्वाधिक व्यय किए जाने वाले मद अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर होने वाला खर्च पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 4.04 प्रतिशत बढ़कर 1.14 अरब डॉलर हो गया है।

इसी तरह से इक्विटी और डेट में निवेश 20 प्रतिशत बढ़कर 9.894 करोड़ डॉलर हो गया है। इसकी वजह से कुल मिलाकर धन प्रेषण में कमी आई है। अप्रैल में भारतीयों द्वारा विदेश में शिक्षा पर एलआरएस के तहत व्यय मामूली घटकर 20.802 करोड़ डॉलर रह गया है।

वित्त वर्ष 2024 में कुल मिलाकर धनप्रेषण 31.73 अरब डॉलर की नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। ऐसा अंतरराष्ट्रीय यात्रा सेग्मेंट में तेज वृद्धि के कारण हुआ है।

Advertisement
First Published - June 19, 2024 | 11:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement